जीबी कॉलेज नवगछिया में यूजी सेमेस्टर-1 के विद्यार्थियों का दीक्षा आरंभ कार्यक्रम आयोजित, शैक्षणिक परंपराओं और नई शिक्षा व्यवस्था से कराया गया परिचय
भागलपुर/नवगछिया। भागलपुर जिले के नवगछिया स्थित जीबी कॉलेज में 1 जुलाई को शैक्षणिक सत्र 2026-30 के स्नातक (यूजी) सेमेस्टर-1 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए दीक्षा आरंभ (इंडक्शन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, अध्ययन प्रणाली, अनुशासन, पुस्तकालय, आंतरिक मूल्यांकन, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और नई शिक्षा व्यवस्था से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, विभागाध्यक्ष, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें अनुशासित, जिम्मेदार और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्र बनने का संदेश दिया।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का किया गया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद महाविद्यालय परिवार की ओर से नए विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। मंच से सभी नवप्रवेशी छात्रों को कॉलेज परिवार का अभिन्न हिस्सा बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
प्राचार्य ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि कॉलेज जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास, सामाजिक चेतना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग और अनुशासन का पालन करने की अपील की।
शैक्षणिक परंपराओं से कराया गया परिचय
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को जीबी कॉलेज की स्थापना, शैक्षणिक उपलब्धियों, गौरवशाली परंपराओं और संस्थान की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी गई। शिक्षकों ने बताया कि महाविद्यालय वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता है और यहां से पढ़कर अनेक विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर चुके हैं।
नवप्रवेशी छात्रों को महाविद्यालय की अकादमिक संस्कृति, शिक्षकों की भूमिका और अध्ययन पद्धति के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
कक्षा संचालन और आंतरिक मूल्यांकन की जानकारी
विद्यार्थियों को नियमित कक्षा संचालन, सेमेस्टर प्रणाली और आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) की प्रक्रिया समझाई गई। शिक्षकों ने बताया कि नियमित उपस्थिति, समय पर असाइनमेंट जमा करना, प्रेजेंटेशन, प्रोजेक्ट वर्क और कक्षा में सक्रिय भागीदारी आंतरिक मूल्यांकन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
छात्रों को यह भी बताया गया कि निरंतर अध्ययन और नियमित अभ्यास से ही वे बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन कर सकते हैं।
पुस्तकालय की सुविधाओं का उठाएं लाभ
दीक्षा कार्यक्रम के दौरान छात्रों को महाविद्यालय के पुस्तकालय की सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि पुस्तकालय में विभिन्न विषयों की पाठ्यपुस्तकों, संदर्भ पुस्तकों, शोध सामग्री, पत्र-पत्रिकाओं और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता है।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने और पाठ्यक्रम के अतिरिक्त पुस्तकों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
एनसीसी और खेलकूद गतिविधियों में भागीदारी पर जोर
महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की गतिविधियों से अवगत कराया। बताया गया कि एनसीसी विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
इसके साथ ही छात्रों को खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। शिक्षकों ने कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि टीम भावना, नेतृत्व और मानसिक संतुलन विकसित करने में भी सहायक होते हैं।
सांस्कृतिक गतिविधियों से होगा सर्वांगीण विकास
कार्यक्रम में छात्रों को कॉलेज में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। संगीत, नृत्य, नाटक, वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिता और साहित्यिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया।
शिक्षकों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अनुशासन और समय प्रबंधन पर विशेष बल
वक्ताओं ने विद्यार्थियों से कॉलेज के नियमों का पालन करने, नियमित उपस्थिति बनाए रखने और समय का सही उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनुशासन किसी भी विद्यार्थी की सफलता की पहली शर्त है।
छात्रों को सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग, सकारात्मक सोच और अच्छे व्यवहार का भी संदेश दिया गया।
करियर निर्माण और उच्च शिक्षा पर मार्गदर्शन
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भविष्य की शिक्षा और करियर से जुड़े विभिन्न विकल्पों की जानकारी दी गई। शिक्षकों ने प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों, इंटर्नशिप, शोध कार्य और उच्च शिक्षा के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने छात्रों से कहा कि कॉलेज के शुरुआती दिनों से ही अपने करियर की स्पष्ट योजना बनाकर तैयारी शुरू करें, ताकि भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।
प्रश्नोत्तर सत्र में दूर हुई छात्रों की जिज्ञासाएं
दीक्षा आरंभ कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विषय चयन, परीक्षा प्रणाली, छात्रवृत्ति, उपस्थिति, पुस्तकालय सदस्यता और अन्य शैक्षणिक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे।
शिक्षकों ने सभी सवालों के विस्तृत उत्तर देते हुए छात्रों को भरोसा दिलाया कि महाविद्यालय प्रशासन हर स्तर पर उनका सहयोग करेगा।
उत्साहित दिखे नवप्रवेशी विद्यार्थी
कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि दीक्षा आरंभ कार्यक्रम से उन्हें कॉलेज की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों की बेहतर समझ मिली। उन्होंने इसे अपने शैक्षणिक जीवन की उपयोगी शुरुआत बताया और नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लेने तथा सभी गतिविधियों में सक्रिय रहने का संकल्प लिया।
जीबी कॉलेज, नवगछिया में आयोजित दीक्षा आरंभ कार्यक्रम ने शैक्षणिक सत्र 2026-30 के यूजी सेमेस्टर-1 के विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं, अध्ययन प्रणाली, आंतरिक मूल्यांकन, पुस्तकालय, एनसीसी, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। यह आयोजन नए विद्यार्थियों के लिए न केवल कॉलेज जीवन की सफल शुरुआत साबित हुआ, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।