श्रावणी मेले में बाबा गरीबनाथ मंदिर की सुरक्षा होगी हाईटेक, हर श्रद्धालु की होगी मेटल डिटेक्टर से जांच; डीएम ने बनाई विशेष समिति

मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार के प्रसिद्ध आस्था केंद्र और "उत्तर बिहार के देवघर" के नाम से विख्यात बाबा गरीबनाथ मंदिर में इस वर्ष आयोजित होने वाले श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है।

जिलाधिकारी कुमार गौरव ने मेले के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए एक विशेष 'विधि व्यवस्था कार्यकारिणी समिति' का गठन किया है। समिति में अपर समाहर्ता सहित छह वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन्हें सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि 30 जुलाई से पहले सभी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं।

लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए विशेष तैयारी

श्रावण मास में बाबा गरीबनाथ मंदिर में बिहार ही नहीं, बल्कि झारखंड, उत्तर प्रदेश, नेपाल और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।

हर वर्ष लाखों कांवरिया और शिवभक्त मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इसी कारण प्रशासन इस बार सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

विशेष विधि व्यवस्था कार्यकारिणी समिति का गठन

जिलाधिकारी कुमार गौरव ने श्रावणी मेले की निगरानी और समन्वय के लिए विशेष विधि व्यवस्था कार्यकारिणी समिति का गठन किया है।

समिति में अपर समाहर्ता सहित छह वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटना होगा।

अधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठक करने और तैयारियों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।

हर श्रद्धालु की होगी कड़ी सुरक्षा जांच

इस बार मंदिर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की अनिवार्य रूप से सुरक्षा जांच की जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना जांच के किसी भी व्यक्ति को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को पहले ही रोकना है।

डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे

मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) स्थापित किए जाएंगे।

मंदिर में प्रवेश करने वाले सभी श्रद्धालुओं को इन मेटल डिटेक्टरों से होकर गुजरना होगा। इससे किसी भी संदिग्ध धातु सामग्री या प्रतिबंधित वस्तु की तुरंत पहचान की जा सकेगी।

हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से होगी अतिरिक्त जांच

डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के अलावा सुरक्षा कर्मियों के पास हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर भी उपलब्ध रहेंगे।

प्रवेश द्वार, कतारों और मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्सों में तैनात पुलिसकर्मी आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं की अतिरिक्त जांच करेंगे।

इस दोहरी सुरक्षा व्यवस्था से मंदिर परिसर की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा।

भारी संख्या में पुलिस बल रहेगा तैनात

मेले के दौरान मंदिर परिसर, मुख्य मार्गों, पार्किंग स्थलों और कांवरिया पथ पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी विशेष तैनाती होगी।

संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और त्वरित कार्रवाई दल (Quick Response Team) भी तैयार रहेंगे।

भीड़ प्रबंधन पर रहेगा विशेष ध्यान

प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन भी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

इसके लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन और दिशा-निर्देशों की विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि किसी प्रकार की भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।

सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत

श्रावणी मेले के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।

महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। कंट्रोल रूम से सुरक्षा अधिकारियों द्वारा पूरे मेले की निगरानी की जाएगी।

30 जुलाई तक पूरी होंगी सभी तैयारियां

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि 30 जुलाई से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

इसमें सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी विशेष फोकस

प्रशासन केवल सुरक्षा ही नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।

मेले के दौरान चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, पेयजल केंद्र, अस्थायी शौचालय, विश्राम स्थल और सूचना सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

इसके अलावा खोया-पाया केंद्र और हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील

जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे प्रतिबंधित वस्तुएं मंदिर परिसर में न लाएं तथा सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

उत्तर बिहार के सबसे प्रमुख शिवधाम बाबा गरीबनाथ मंदिर में इस वर्ष श्रावणी मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक और सुदृढ़ बनाया जा रहा है। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर, विशेष विधि व्यवस्था कार्यकारिणी समिति, व्यापक पुलिस बल की तैनाती और आधुनिक भीड़ प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारी में जुटा है।

यदि सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हो जाती हैं, तो इस वर्ष का श्रावणी मेला अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होने की उम्मीद है। प्रशासन का उद्देश्य है कि लाखों शिवभक्त बिना किसी परेशानी के बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक कर सकें और धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।