बरारी श्मशान घाट मार्ग पर जलजमाव से मिलेगी राहत, 10 लाख रुपये की लागत से बनेगा नाला; नगर निगम ने जारी की निविदा

भागलपुर। Residents of Bhagalpur have received welcome news as the Municipal Corporation has taken a major step to address the long-standing problem of waterlogging on the Barari Cremation Ground Road. नगर निगम ने इस महत्वपूर्ण मार्ग पर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए किलकारी भवन से बियाडा गेट तक लगभग 10 लाख रुपये की लागत से नाला निर्माण की योजना की निविदा जारी कर दी है। योजना पूरी होने के बाद वर्षा के दौरान सड़क पर पानी जमा होने की समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।

यह मार्ग न केवल स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि बरारी श्मशान घाट तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता भी है। हर वर्ष मानसून के दौरान सड़क पर जलभराव होने से आम लोगों, राहगीरों और अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब नगर निगम की इस पहल से लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में पहल

बरारी श्मशान घाट जाने वाला मार्ग लंबे समय से जल निकासी की खराब व्यवस्था के कारण चर्चा में रहा है। थोड़ी सी बारिश होने पर भी सड़क पर पानी जमा हो जाता था, जिससे आवागमन प्रभावित होता था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जलभराव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन फंस जाते थे। पैदल चलने वाले लोगों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता था। सबसे अधिक परेशानी तब होती थी जब अंतिम संस्कार के लिए शवयात्रा इसी मार्ग से गुजरती थी।

10 लाख रुपये की लागत से होगा नाला निर्माण

नगर निगम ने किलकारी भवन से बियाडा गेट तक नाला निर्माण के लिए लगभग 10 लाख रुपये की लागत का प्रावधान किया है।

योजना के तहत आधुनिक जल निकासी प्रणाली विकसित की जाएगी ताकि वर्षा का पानी तेजी से नाले के माध्यम से निकल सके और सड़क पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।

अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराया जाएगा ताकि भविष्य में लोगों को बार-बार इस समस्या का सामना न करना पड़े।

निविदा जारी, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

नगर निगम द्वारा योजना की निविदा जारी किए जाने के बाद अब निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।

टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। अधिकारियों का लक्ष्य है कि कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो, जिससे आगामी बारिश के मौसम में लोगों को इसका लाभ मिल सके।

पार्षद सिंपी कुमारी ने उठाया था मुद्दा

स्थानीय वार्ड पार्षद सिंपी कुमारी ने नगर निगम की बैठकों में लगातार इस समस्या को उठाया था।

उन्होंने अधिकारियों को बताया था कि बरारी श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर जलजमाव के कारण स्थानीय निवासियों के साथ-साथ अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने मांग की थी कि इस क्षेत्र में स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए।

अन्य पार्षदों ने भी किया समर्थन

सिर्फ स्थानीय पार्षद ही नहीं, बल्कि नगर निगम के कई अन्य पार्षदों ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने कहा कि बरारी श्मशान घाट शहर का अत्यंत महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है और वहां जाने वाले मार्ग की स्थिति बेहतर होना आवश्यक है।

सभी पार्षदों ने जल निकासी व्यवस्था में सुधार के लिए शीघ्र कार्रवाई की मांग की थी।

नगर आयुक्त ने दिखाई गंभीरता

पार्षदों की मांग और स्थानीय लोगों की समस्याओं को देखते हुए नगर आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया।

उन्होंने संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। तकनीकी जांच के बाद नाला निर्माण की योजना तैयार की गई और प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद निविदा जारी कर दी गई।

जल निकासी व्यवस्था होगी मजबूत

नई नाला निर्माण योजना से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था पहले की तुलना में काफी बेहतर होने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नाले का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया तो बरसात के दौरान सड़क पर पानी जमा होने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

इससे सड़क की गुणवत्ता भी लंबे समय तक बनी रहेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।

स्थानीय लोगों में खुशी

नगर निगम के इस फैसले का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है।

क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे थे। हर बारिश में सड़क तालाब जैसी बन जाती थी, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों, व्यापारियों और आम नागरिकों को परेशानी होती थी।

अब उन्हें उम्मीद है कि नाला निर्माण के बाद इस समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।

श्मशान घाट आने-जाने वालों को भी होगी सुविधा

बरारी श्मशान घाट शहर के प्रमुख अंतिम संस्कार स्थलों में से एक है।

बारिश के दौरान जलभराव के कारण अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को भारी कठिनाई होती थी। कई बार वाहनों को रास्ता बदलना पड़ता था या काफी देर तक इंतजार करना पड़ता था।

नई योजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर आवाजाही अधिक सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है।

नगर निगम की विकास योजनाओं को मिलेगी गति

नगर निगम का कहना है कि शहर में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

बरारी श्मशान घाट मार्ग का नाला निर्माण भी इसी अभियान का हिस्सा है। आने वाले समय में शहर के अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों की भी पहचान कर वहां स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जाएगा।

बरारी श्मशान घाट मार्ग पर वर्षों से बनी जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम द्वारा उठाया गया कदम स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। किलकारी भवन से बियाडा गेट तक 10 लाख रुपये की लागत से बनने वाला नाला न केवल वर्षा जल की निकासी को सुचारु बनाएगा, बल्कि सड़क पर जलभराव की समस्या को भी काफी हद तक समाप्त करेगा।

स्थानीय पार्षदों की पहल, नगर आयुक्त की सक्रियता और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी की गई निविदा से यह स्पष्ट है कि शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं। यदि निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा होता है, तो बरारी क्षेत्र के हजारों लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है।