पूर्णिया के झील टोला बाघमारा में फुटबॉल महाकुंभ का रोमांच: 43वें फुटबॉल चैंपियनशिप में आदिवासी यूनाइटेड क्लब मरियम नगर का तूफानी प्रदर्शन, बागडोगरा केएफसी को 6-0 से रौंदा; दिलीप मुर्मू ने दागे लगातार 5 शानदार गोल
पूर्णिया (बाघमारा): बिहार के पूर्णिया जिले के झील टोला बाघमारा मैदान में आयोजित 43वें ऐतिहासिक फुटबॉल चैंपियनशिप (Football Championship) के एक मुकाबले में खेल प्रेमियों को अद्भुत रोमांच देखने को मिला। स्थानीय खेल प्रेमियों से खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में आदिवासी यूनाइटेड क्लब मरियम नगर की टीम ने अपनी आक्रामक खेल शैली और बेहतरीन तालमेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए पश्चिम बंगाल की मजबूत टीम बागडोगरा केएफसी (Bagdogra KFC West Bengal) को एकतरफा मुकाबले में 6-0 के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी। इस मैच के असली स्टार युवा खिलाड़ी दिलीप मुर्मू रहे, जिन्होंने अपनी जादुई ड्रिबलिंग और अचूक निशानेबाजी का जलवा बिखेरते हुए अकेले ही 5 शानदार गोल दागकर इतिहास रच दिया। इस धमाकेदार जीत के साथ आदिवासी यूनाइटेड क्लब ने टूर्नामेंट में अपनी धाक जमा ली है और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
खेल की शुरुआत से ही आदिवासी यूनाइटेड क्लब का दबायका
मैच की शुरुआत से ही आदिवासी यूनाइटेड क्लब मरियम नगर के खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। रेफरी की सीटी बजते ही खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया और विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया।
तेजतर्रार पासिंग और शानदार मूव्स: मरियम नगर के खिलाड़ियों ने पारंपरिक फुटबॉल कौशल का परिचय देते हुए शॉर्ट पासेज और विंग्स के जरिए बागडोगरा केएफसी के डिफेंस को पूरी तरह छका दिया। पश्चिम बंगाल की टीम शुरुआत में ही दबाव में आ गई और वह पूर्णिया की इस मजबूत टीम के हमलों का कोई ठोस जवाब नहीं ढूंढ पाई।
पहला गोल और बढ़त: मैच के शुरुआती चरण में ही आदिवासी यूनाइटेड क्लब ने शानदार मूव बनाते हुए पहला गोल दागकर मैच में 1-0 की बढ़त बना ली। इस शुरुआती झटके से बागडोगरा की टीम संभल नहीं पाई और इसके बाद मैदान पर केवल मरियम नगर के खिलाड़ियों का ही जादू चलता रहा।
दिलीप मुर्मू का ऐतिहासिक प्रदर्शन: दागे पांच गोल
इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण युवा स्ट्राइकर दिलीप मुर्मू का खेल रहा, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत कौशल का बेहतरीन नमूना पेश किया।
गोलों की झड़ी: दिलीप मुर्मू ने मैदान के हर कोने से विपक्षी डिफेंस को भेदते हुए एक के बाद एक कुल 5 गोल दागे। उनकी फुर्ती, सटीक पासिंग और गोल पोस्ट पर शानदार शॉट लगाने की कला को देखकर दीर्घा में बैठे हजारों दर्शक झूम उठे। मैदान पर मौजूद हर खेल प्रेमी उनके हर एक गोल पर तालियां बजाने को मजबूर हो गया।
अकेले दम पर मैच पलटा: फुटबॉल के इतिहास में किसी बड़े नॉकआउट या चैंपियनशिप मैच में पांच गोल दागना एक दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। दिलीप मुर्मू ने इस मैच में अपने नाम यह अनोखा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया और अपनी टीम की इस ऐतिहासिक जीत के मुख्य नायक बने। छठा गोल टीम के अन्य साथी खिलाड़ी द्वारा किया गया, जिससे स्कोरबोर्ड 6-0 पर जा पहुंचा।
स्टेडियम में उमड़ी दर्शकों की भारी भीड़ और खेल का माहौल
पूर्णिया के झील टोला बाघमारा में आयोजित इस 43वें फुटबॉल चैंपियनशिप को देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों और शहरी इलाकों से हजारों की संख्या में खेल प्रेमी पहुंचे थे।
फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह: मैच के दौरान पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट और सीटियों की आवाज से गूंज उठा। स्थानीय युवाओं और खेल प्रेमियों में फुटबॉल को लेकर इस तरह का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि इस क्षेत्र में खेल संस्कृति कितनी गहरी है।
आयोजकों की सराहना: टूर्नामेंट के आयोजकों ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों की खेल भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण और क्षेत्रीय स्तर की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का बड़ा मंच मिलता है, जिससे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होते हैं।
पूर्णिया के झील टोला बाघमारा में खेला गया यह मुकाबला लंबे समय तक फुटबॉल प्रेमियों के जेरो में ताजा रहेगा। आदिवासी यूनाइटेड क्लब मरियम नगर की यह 6-0 की शानदार जीत और दिलीप मुर्मू का पांच गोलों वाला जादुई प्रदर्शन इस 43वें फुटबॉल चैंपियनशिप का सबसे यादगार पल बन गया है। इस प्रकार की खेल स्पर्धाएं न केवल युवाओं को शारीरिक रूप से सशक्त बनाती हैं, बल्कि उनमें अनुशासन और भाईचारे की भावना का भी संचार करती हैं। आने वाले मुकाबलों में इस टीम से दर्शकों की उम्मीदें और अधिक बढ़ गई हैं।