दिल्ली बस सेवा के खलासी की गलती से तीन वर्षीय मासूम की जिंदगी खतरे में, तेज रफ्तार बाइक ने मारी ठोकर; अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली बेहद दर्दनाक घटना सामने आ रही है। मुजफ्फरपुर में दिल्ली बस सेवा से जुड़े एक खलासी (कंडक्टर/हेल्पर) की घोर लापरवाही के कारण एक तीन साल के मासूम बच्चे की जान खतरे में पड़ गई है। सड़क किनारे चल रही इस लापरवाही के बीच एक तेज रफ्तार बाइक चालक ने मासूम बच्चे को जोरदार ठोकर मार दी और मौके से फरार हो गया। इस भीषण हादसे में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल के आईसीयू या ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
क्या है पूरा मामला? बस के खलासी की लापरवाही से कैसे हुआ हादसा?
यह पूरी घटना मुजफ्फरपुर जिले के किसी व्यस्त बस स्टैंड या सड़क मार्ग की है, जहां दिल्ली जाने वाली बसों का संचालन होता है।
खलासी की लापरवाही: प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार के अनुसार, दिल्ली बस सेवा का एक खलासी बस संचालन या वाहन की देखरेख के दौरान अपने काम में पूरी तरह लापरवाह बना हुआ था। उसकी किसी हरकत या गलत दिशा-निर्देश/दूरी के कारण वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बाइक की टक्कर: इसी आपाधापी और लापरवाही के बीच एक अनियंत्रित तेज रफ्तार बाइक चालक ने सड़क के पास मौजूद तीन वर्षीय मासूम को अपनी चपेट में ले लिया और जोरदार ठोकर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बच्चा दूर जा गिरा और मौके पर ही अहोश हो गया।
चालक का फरार होना: मासूम को कुचलने या टक्कर मारने के बाद बाइक चालक मौके पर रुकने के बजाय अपनी बाइक समेत तेजी से फरार हो गया। स्थानीय लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक आरोपी चालक आंखों से ओझल हो चुका था।
अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा मासूम
इस हादसे के तुरंत बाद स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने मानवीयता का परिचय देते हुए लहूलुहान अवस्था में पड़े तीन वर्षीय बच्चे को उठाया और तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
गंभीर हालत: डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे के सिर और शरीर के अन्य अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए आईसीयू (ICU) में रखा गया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: अपने जिगर के टुकड़े की ऐसी हालत देखकर माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार वालों का कहना है कि अगर बस का खलासी अपनी ड्यूटी के दौरान जरा भी जिम्मेदार होता और लापरवाही न बरती जाती, तो यह खौफनाक हादसा टल सकता था।
पुलिस कार्रवाई और स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज की तलाश: पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) को खंगालने में जुटी है, ताकि फरार बाइक चालक की पहचान की जा सके और साथ ही उस बस के खलासी की लापरवाही के एंगल पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
गुस्साए लोगों की मांग: स्थानीय लोगों और राहगीरों में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि मुजफ्फरपुर में बस अड्डों और सड़कों के किनारे बिना किसी सुरक्षा मानक के इस तरह का संचालन आम बात हो गई है, जिस पर जिला प्रशासन को सख्त लगाम लगानी चाहिए।
मुजफ्फरपुर की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे सार्वजनिक स्थलों और परिवहन सेवाओं में सुरक्षा के कितने कम इंतजाम हैं। एक तरफ जहां खलासी की लापरवाही ने एक मासूम की जिंदगी दांव पर लगा दी, वहीं दूसरी तरफ हिट-एंड-रन (Hit and Run) की संस्कृति ने समाज की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी आरोपी बाइक चालक और लापरवाह खलासी को कानून के कटघरे में खड़ा करती है।