डिजिटल होती व्यवस्था; अब स्मार्ट सिटी ऐप और वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे करें होल्डिंग टैक्स का भुगतान, नागरिकों को लंबी लाइनों से मिली मुक्ति
भागलपुर, मुख्य संवाददाता: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बिहार के ऐतिहासिक शहर भागलपुर में नगर निगम की सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब भागलपुर शहर के नागरिकों को अपना होल्डिंग टैक्स (Property/Holding Tax) जमा करने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने और लंबी-लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानियों से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से एक अत्याधुनिक ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है, जिसके जरिए लोग घर बैठे आसानी से अपने करों का भुगतान कर सकते हैं।
यह डिजिटल पहल न केवल नागरिकों के बहुमूल्य समय की बचत करती है, बल्कि नगर निगम के राजस्व संग्रहण प्रक्रिया को भी अधिक सुगम और पारदर्शी बनाती है।
क्या है नई डिजिटल व्यवस्था और कैसे मिलेगी सुविधा?
पारंपरिक व्यवस्था के तहत टैक्स जमा करने के लिए लोगों को काउंटर पर घंटों इंतजार करना पड़ता था, जिससे कई बार असहज स्थिति पैदा हो जाती थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए भागलपुर स्मार्ट सिटी के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के सॉफ्टवेयर से शहर के हजारों होल्डिंग धारकों के डेटाबेस को जोड़ दिया गया है।
इस नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
एसएमएस के जरिए डायरेक्ट लिंक: नगर निगम क्षेत्र के जिन नागरिकों के मोबाइल नंबर रिकॉर्ड में रजिस्टर्ड हैं, उन्हें अब सीधे उनके फोन पर एसएमएस के माध्यम से उनके टैक्स बकाए की जानकारी भेजी जा रही है। इस संदेश में एक सिक्योर लिंक होता है, जिस पर क्लिक करते ही भुगतान करने वाले का पूरा ब्योरा स्क्रीन पर आ जाता है।
आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप: नागरिक आधिकारिक पोर्टल (www.bhagalpursmartcity.co.in या निगम की वेबसाइट) के साथ-साथ गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध 'भागलपुर स्मार्ट सिटी' (Bhagalpur Smart City App) के माध्यम से भी अपने होल्डिंग नंबर या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को दर्ज कर टैक्स का भुगतान कर सकते हैं।
सुरक्षित डिजिटल भुगतान विकल्प: पोर्टल पर यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और विभिन्न डिजिटल वॉलेट्स के जरिए भुगतान की पुख्ता सुविधा दी गई है, जिससे लेनदेन पूरी तरह सुरक्षित और झंझटमुक्त हो जाता है।
जीआईएस मैपिंग (GIS Mapping) से हो रहा सटीक आकलन
टैक्स कलेक्शन प्रक्रिया को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने के लिए भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से शहर की संपत्तियों की जीआईएस मैपिंग (GIS Mapping) कराई गई है।
इसके तहत जमीन और भवनों के सीमांकन की सटीक डिजिटल जानकारी तैयार की जा रही है।
इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि संबंधित भवन का वास्तविक क्षेत्रफल कितना है और उसका उपयोग किस रूप में (आवासीय या व्यावसायिक) किया जा रहा है।
इस तकनीकी पारदर्शिता से कर निर्धारण में आ रही विसंगतियां दूर हुई हैं और नगर निगम के राजस्व में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
ई-गवर्नेंस के तहत अन्य सुविधाएं भी ऑनलाइन
भागलपुर नगर निगम द्वारा ई-गवर्नेंस सिस्टम को बढ़ावा देते हुए केवल होल्डिंग टैक्स ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण नागरिक सेवाओं को भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया गया है:
भवन नक्शा स्वीकृति (Building Plan Approval): अब घर बैठे नक्शा पास कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन और उसकी मॉनिटरिंग की जा सकती है।
ट्रेड लाइसेंस (Trade License): व्यवसायियों के लिए नया ट्रेड लाइसेंस बनवाने या उसका नवीनीकरण कराने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है।
जन शिकायत निवारण (Grievance Redressal): शहर की साफ-सफाई, खराब स्ट्रीट लाइट या जलजमाव जैसी समस्याओं से जुड़ी शिकायतों को दर्ज कराने के लिए ऐप में 'Request for Service' (RFS) पोर्टल की सुविधा दी गई है।
नागरिकों से समय पर टैक्स भुगतान की अपील
नगर निगम प्रशासन ने शहर के सभी सम्मानित नागरिकों से अपील की है कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय पर अपना होल्डिंग टैक्स जमा करें। निगम अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों द्वारा दिए जाने वाले करों से ही शहर में विकास कार्य, सड़कों का निर्माण, पथ प्रकाश और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाया जाता है। समय पर टैक्स भुगतान कर नागरिक भागलपुर को एक स्वच्छ, सुंदर और स्मार्ट शहर बनाने में अपना अहम योगदान दे सकते हैं।
भागलपुर में स्मार्ट सिटी ऐप और वेबसाइट के माध्यम से होल्डिंग टैक्स कलेक्शन की यह डिजिटल पहल शहर को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। कागजी कार्रवाई और लंबी कतारों के दौर से निकलकर अब भागलपुर एक आधुनिक और स्मार्ट नगर निगम व्यवस्था की ओर तेजी से अग्रसर है, जिससे आम जनता को घर बैठे सुगम और पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं मिल रही हैं