सुबोध कुमार ने सबौर और विकास कुमार ने संभाली बाईपास थाना की कमान, कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की चुनौती
भागलपुर/सबौर: भागलपुर पुलिस जिला के अंतर्गत आने वाले दो महत्वपूर्ण थानों में प्रशासनिक फेरबदल के बाद नए प्रभारियों ने अपनी कुर्सी संभाल ली है। शुक्रवार को सबौर थाना और बाईपास थाना में नए थानाध्यक्षों ने आधिकारिक रूप से अपना योगदान दिया। सबौर थाना के नए थानाध्यक्ष के रूप में सुबोध कुमार ने पदभार ग्रहण किया, वहीं बाईपास थाना की कमान युवा पुलिस अधिकारी विकास कुमार को सौंपी गई है। नए अधिकारियों के योगदान देने के साथ ही क्षेत्र में पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था को नए सिरे से पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गई है।
सबौर थाना में सुबोध कुमार ने संभाला प्रभार, पूर्व थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार कमल से किया चार्ज हैंडओवर
भागलपुर-सुल्तानगंज मुख्य मार्ग पर स्थित सबौर थाना क्षेत्र व्यावसायिक और शैक्षणिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहाँ कृषि विश्वविद्यालय और कई बैंक होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था हमेशा से प्राथमिकता पर रही है। शुक्रवार को सबौर थाने में एक औपचारिक प्रक्रिया के तहत नए थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने पूर्व थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार कमल से चार्ज का आदान-प्रदान किया।
चार्ज हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवनियुक्त थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने तुरंत थाना परिसर का जायजा लिया और सबौर थाने के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के भौगोलिक परिदृश्य, प्रमुख अपराधिक बिंदुओं और लंबित मामलों की समीक्षा की। सुबोध कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगाना, अपराधियों में खौफ पैदा करना और आम जनता के लिए पुलिस थाने के दरवाजे हमेशा सुलभ रखना होगी।
बाईपास थाना में विकास कुमार ने किया योगदान, चनबीर यादव के निलंबन के बाद मिली जिम्मेदारी
दूसरी ओर, शहर की यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से बेहद अहम माने जाने वाले बाईपास थाना क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की खबर है। बाईपास थाने के पूर्व अध्यक्ष चनबीर यादव के खिलाफ हाल ही में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया था। उनके निलंबन के बाद खाली हुई इस महत्वपूर्ण कुर्सी पर पुलिस प्रशासन ने भरोसा जताते हुए विकास कुमार को नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया है।
शुक्रवार को विकास कुमार ने बाईपास थाने पहुंचकर अपना कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने थाना क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों, डेंजर जोन और संदिग्ध गतिविधियों वाले स्थानों की जानकारी जुटाई। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बाईपास क्षेत्र में असामाजिक तत्वों और अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी। सड़क सुरक्षा, वाहन जांच और अपराधियों की धरपकड़ उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर होगी।
नए अधिकारियों के सामने हैं कई बड़ी चुनौतियां
भागलपुर के सबौर और बाईपास दोनों ही क्षेत्र अपराध और ट्रैफिक के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं।
सबौर क्षेत्र की चुनौतियां: सबौर में अक्सर आपसी विवाद, छोटी-मोटी चोरी, बालू व अन्य अवैध खनन के परिवहन और विश्वविद्यालय परिसर के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखना नए थानेदार सुबोध कुमार के लिए बड़ी परीक्षा होगी। जनता की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा रहेगा।
बाईपास क्षेत्र की चुनौतियां: वहीं, बाईपास थाना क्षेत्र हाइवे और संपर्क मार्गों से जुड़ा होने के कारण आपराधिक गतिविधियों और वाहन दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है। पूर्व अध्यक्ष चनबीर यादव के निलंबन के बाद थाने की छवि को दोबारा सुधारना और पुलिस व जनता के बीच भरोसे का रिश्ता कायम करना विकास कुमार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
जनता में जगी उम्मीदें, अपराध नियंत्रण पर टिकी नजरें
दोनों थानों में नए अधिकारियों के योगदान देने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, व्यवसायियों और आम जनता में एक सकारात्मक संदेश गया है। लोगों को उम्मीद है कि नए और ऊर्जावान पुलिस अधिकारियों के आने से क्षेत्र में अपराध का ग्राफ गिरेगा और पुलिसिंग व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
पदभार ग्रहण करने के बाद दोनों ही थानाध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्र के चौकीदारों और बीट अधिकारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि सुबोध कुमार और विकास कुमार अपनी कार्यकुशलता से इन उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं और भागलपुर के इन दोनों महत्वपूर्ण थानों में कानून का राज स्थापित करने में कितने सफल होते हैं।