'पिच डेक प्रिपरेशन' पर छात्रों को दिए गए सफलता के गुर, स्टार्टअप नीति-2022 से हुए रूबरू
बिहार के तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो रहे पूर्णिया अभियंत्रण महाविद्यालय (Purnea Engineering College) के प्रांगण में एक बेहद महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक कार्यशाला (Workshop) का आयोजन किया गया। राज्य सरकार के उद्योग विभाग और स्टार्टअप नीति के तहत आयोजित इस विशेष कार्यशाला का मुख्य विषय 'पिच डेक प्रिपरेशन' (Pitch Deck Preparation) था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कॉलेज के युवा और महत्वाकांक्षी छात्र-छात्राओं के भीतर छिपी उद्यमिता (Entrepreneurship) की भावना को जागृत करना तथा उन्हें अपने नवीन व्यावसायिक विचारों (Innovative Business Ideas) को एक सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए प्रशिक्षित करना था। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को निवेशकों के सामने अपने प्रोजेक्ट को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के अचूक तौर-तरीके सिखाए और बिहार स्टार्टअप नीति-2022 की बारीकियों से अवगत कराया।
क्या था कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य और आयोजन की रूपरेखा?
वर्तमान समय में पारंपरिक नौकरियों की दौड़ से आगे निकलकर युवा पीढ़ी 'जॉब सीकर' (Job Seeker) के बजाय 'जॉब गिवर्स' (Job Provider) यानी उद्यमी बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसी सोच को पंख देने के लिए पूर्णिया अभियंत्रण महाविद्यालय के सभागार में इस कार्यशाला की रूपरेखा तैयार की गई थी।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य, विशिष्ट अतिथियों और विषय विशेषज्ञों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि आज का युग तकनीक और स्टार्टअप का है। यदि हमारे यहाँ के युवा तकनीकी छात्र सही दिशा में सोचें, तो वे अपनी पढ़ाई के दौरान ही बड़े-बड़े स्टार्टअप खड़े कर सकते हैं। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह सिखाना था कि कैसे एक साधारण बिजनेस आइडिया को कागजों से निकालकर निवेशकों (Investors) के सामने इस तरह पेश किया जाए कि वे उस पर निवेश करने के लिए तुरंत तैयार हो जाएं।
'पिच डेक' क्या है और इसे प्रभावी कैसे बनाएं? विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण टिप्स
कार्यशाला के मुख्य सत्र में विशेषज्ञों ने छात्रों को 'पिच डेक' (Pitch Deck) तैयार करने के हर एक पहलू पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशेषज्ञों द्वारा दी गई मुख्य जानकारियां निम्नलिखित हैं:
पिच डेक का अर्थ: किसी भी स्टार्टअप या नए बिजनेस आइडिया को निवेशकों, वेंचर कैपिटलिस्ट्स या मेंटर्स के सामने संक्षिप्त और आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने के लिए तैयार की गई स्लाइड या प्रेजेंटेशन को 'पिच डेक' कहा जाता है।
समस्या और उसका समाधान (Problem & Solution): विशेषज्ञों ने बताया कि एक बेहतरीन पिच डेक वही होता है जो सबसे पहले समाज या बाजार की किसी वास्तविक समस्या को रेखांकित करे और फिर उसके बाद आपके स्टार्टअप द्वारा सुझाए गए अनूठे समाधान को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करे।
बाजार का आकार और बिजनेस मॉडल: निवेशकों को यह बताना बेहद जरूरी है कि आपका उत्पाद (Product) या सेवा बाजार में कितनी बड़ी आबादी की जरूरत को पूरा करेगी और इससे कमाई (Revenue Model) कैसे होगी।
संक्षिप्तता और आकर्षण: प्रेजेंटेशन बहुत लंबी नहीं होनी चाहिए। कम से कम शब्दों और आकर्षक ग्राफिक्स या चार्ट्स के माध्यम से अपनी बात को कम समय में प्रभावी ढंग से रखना ही एक सफल उद्यमी की पहचान है।
बिहार स्टार्टअप नीति-2022: युवाओं के लिए वरदान
इस कार्यशाला का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण बिहार स्टार्टअप नीति-2022 (Bihar Startup Policy-2022) की विस्तृत जानकारी देना था। विशेषज्ञों ने छात्रों को समझाया कि बिहार सरकार राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कितनी उदार और मददगार नीतियां चला रही है:
सीड फंडिंग (Seed Funding): नीति के तहत नए स्टार्टअप्स को अपने विचार को धरातल पर उतारने के लिए सरकार की ओर से आकर्षक वित्तीय सहायता और 10 लाख रुपए तक का ब्याज-मुक्त (Interest-Free) सीड फंड प्रदान किया जाता है।
इनक्यूबेशन सेंटर का सहयोग: छात्रों को बताया गया कि वे राज्य के विभिन्न इनक्यूबेशन सेंटर्स से जुड़कर मुफ्त में मेंटरशिप, तकनीकी सहायता और कार्यालय की सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं।
महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन: यदि स्टार्टअप में कोई महिला उद्यमी सह-संस्थापक (Co-founder) या मुख्य प्रमोटर है, तो सरकार द्वारा अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन और छूट दी जाती है।
छात्रों में दिखा गजब का उत्साह और सहभागिता
पूर्णिया अभियंत्रण महाविद्यालय के कंप्यूटर साइंस, सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल सहित विभिन्न सत्रों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने इस कार्यशाला में बेहद उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यशाला के दौरान छात्रों ने अपने-अपने इन्नोवेटिव आइडियाज पर चर्चा की और विशेषज्ञों से सवाल-जवाब किए। विशेषज्ञों ने भी छात्रों के कई स्टार्टअप आइडियाज की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए बेहतरीन सुझाव दिए।
महाविद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से छात्रों का बौद्धिक दायरा तो बढ़ता ही है, साथ ही उन्हें अपनी डिग्री पूरी करने के बाद रोजगार के पारंपरिक विकल्पों पर निर्भर रहने के बजाय खुद का मालिक बनने की प्रेरणा मिलती है
पूर्णिया अभियंत्रण महाविद्यालय में आयोजित यह 'पिच डेक प्रिपरेशन' कार्यशाला पूर्ण रूप से सफल रही। इसने पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र के युवाओं को यह दिखा दिया कि वे भी महानगरों के छात्रों की तरह बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें पूरा कर सकते हैं। आने वाले दिनों में इस तरह की और भी कार्यशालाएं आयोजित करने का संकल्प महाविद्यालय प्रशासन ने लिया है, ताकि यहाँ से निकलने वाला हर छात्र तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ एक सफल उद्यमी भी बन सके।