सोमवार को स्टैंडिंग कमेटी और बुधवार को होगी सामान्य बोर्ड की बैठक, पुराने एजेंडों की रिपोर्ट तैयार करने में जुटे अधिकारी
भागलपुर/विशेष संवाददाता: बिहार के रेशम नगरी भागलपुर में नगर निगम प्रशासन इन दिनों पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शहर के विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और वित्तीय मामलों को गति देने के लिए निगम परिसर में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। आगामी सप्ताह भागलपुर नगर निगम के लिए बेहद अहम रहने वाला है, क्योंकि सोमवार को निगम की स्टैंडिंग कमेटी (स्थाई समिति) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है, जबकि बुधवार को सामान्य बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। इन दोनों बैठकों को लेकर निगम मुख्यालय में प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। अधिकारी पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों और पारित एजेंडों पर अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हुए हैं ताकि सदन के पटल पर उसका पूरा लेखा-जोखा रखा जा सके।
सोमवार को स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में इन मुद्दों पर होगी चर्चा
भागलपुर नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में शहर के नीतिगत मामलों और वित्तीय प्रस्तावों पर मुहर लगाई जाती है। सोमवार को होने वाली इस बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर मंथन होने की संभावना है:
विकास योजनाओं की समीक्षा: शहर में चल रहे विभिन्न वार्डों में पक्की गलियों, नालियों, पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) और जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी।
वित्तीय और बजट संबंधी प्रस्ताव: निगम के आंतरिक राजस्व स्रोतों को बढ़ाने, ठेकेदारी औरेंडर प्रक्रियाओं तथा नए वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी देने पर विचार-विमर्श होगा।
सफाई और स्वच्छता व्यवस्था: मानसून और आगामी दिनों को ध्यान में रखते हुए शहर की सफाई व्यवस्था, फॉगिंग और कचरा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नए प्रस्ताव लाए जा सकते हैं।
बुधवार को सामान्य बोर्ड की बैठक: पार्षदों के सवालों का देना होगा जवाब
स्टैंडिंग कमेटी के बाद बुधवार को आयोजित होने वाली सामान्य बोर्ड की बैठक में भागलपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्ड पार्षद हिस्सा लेंगे। इस बैठक में पार्षदों द्वारा अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को जोर-शोर से उठाए जाने की पूरी संभावना है।
चूंकि सामान्य बोर्ड निगम की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली निकाय है, इसलिए इसमें शहरवासियों की बुनियादी समस्याओं—जैसे जलजमाव, पेयजल संकट, खराब स्ट्रीट लाइट्स और होल्डिंग टैक्स से जुड़े मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। महापौर, उपमहापौर और नगर आयुक्त की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में सभी पार्षदों को संतुष्ट करने और शहर के समग्र विकास के लिए आम सहमति बनाने की चुनौती अधिकारियों के सामने होगी।
एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) तैयार करने में जुटे अधिकारी
इन दोनों बड़ी बैठकों से पहले नगर निगम के विभिन्न शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारी पिछली बैठकों में पारित एजेंडों की अनुपालन रिपोर्ट (Action Taken Report - ATR) तैयार करने में दिन-रात एक कर रहे हैं।
अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि पिछली स्टैंडिंग कमेटी और सामान्य बोर्ड की बैठकों में जितने भी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए थे, उनमें से कितने कार्यों पर धरातल पर काम शुरू हो चुका है और कितने कार्य अभी लंबित हैं, इसका पूरा कच्चा-चिट्ठा तैयार किया जाए।
पार्षदों द्वारा पूर्व में पूछे गए सवालों और उठाई गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई, इसका लिखित ब्योरा भी बैठकों में प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि सदन में पारदर्शिता बनी रहे।
शहरवासियों को बैठकों से बड़ी उम्मीदें
भागलपुर के आम नागरिकों और बुद्धिजीवियों की निगाहें भी नगर निगम की इन दोनों बैठकों पर टिकी हुई हैं। लोगों का मानना है कि कागजी बैठकों और आश्वासनों से ऊपर उठकर अब शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाने की जरूरत है। सोमवार और बुधवार को होने वाली इन बैठकों के फैसलों से यह तय होगा कि आने वाले दिनों में भागलपुर शहर की सूरत बदलने की दिशा में निगम प्रशासन कितनी तेजी से काम करता है।