कहलगांव के घोघा थाने का एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने किया औचक निरीक्षण; लंबित मामलों और वारंट निष्पादन में तेजी लाने के दिए कड़े निर्देश, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

भागलपुर, मुख्य संवाददाता: अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुस्त-दुरस्त बनाने और थाना स्तर पर पुलिसिया कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में एसएसपी ने भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल अंतर्गत आने वाले संवेदनशील घोघा थाना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने के अभिलेखों, अपराध नियंत्रण कक्ष, मालखाना, महिला हेल्प डेस्क और हाजत का बारीकी से जायजा लिया। एसएसपी के इस औचक निरीक्षण से स्थानीय पुलिस अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी के आगमन की सूचना मिलते ही थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, हालांकि सभी अधिकारी मुस्तैदी से अपनी तैयारियों में जुटे रहे।

क्या था निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य और किन बिंदुओं पर हुई समीक्षा?

एसएसपी प्रमोद कुमार यादव द्वारा घोघा थाने के किए गए इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखना और पुलिस के प्रति आम जनता के मन में विश्वास को मजबूत करना था।

अपराध नियंत्रण और गश्त: थानाध्यक्ष और अन्य पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाएं, विशेषकर रात के समय असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए।

लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन: निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने थाने में दर्ज पुराने और लंबित मामलों (Pending Cases) की फाइलों की एक-एक कर समीक्षा की। उन्होंने जांच अधिकारियों (IO) को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि वे तय समय सीमा के भीतर मामलों का अनुसंधान पूरा कर कोर्ट में चार्जशीट समर्पित करें।

वारंट और कुर्की-जब्ती के निष्पादन पर विशेष जोर

बैठक और समीक्षा के दौरान एसएसपी ने फरार अपराधियों और वारंटियों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष रणनीति बनाने को कहा। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जिन मामलों में न्यायालय से वारंट या कुर्की-जब्ती का आदेश जारी हो चुका है, उनका निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

अपराधियों की धरपकड़: गंभीर मामलों में फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी दल (Raiding Team) का गठन कर लगातार अभियान चलाया जाए।

सख्त कार्रवाई: किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा, और अपराधियों में कानून का खौफ होना अनिवार्य है।

जनता के साथ मधुर संवाद और महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस

एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने थाना परिसर में मौजूद अधिकारियों को हिदायत दी कि थाने पर आने वाले हर एक फरियादी के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि जनता के बीच एक रक्षक की होनी चाहिए, न कि भय पैदा करने वाली।

महिला हेल्प डेस्क की सक्रियता: थाने में संचालित महिला हेल्प डेस्क के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि महिलाओं से संबंधित शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया जाए और उनकी काउंसलिंग व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

भूमि विवाद के मामलों का निपटारा: जमीन से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस और अंचल कार्यालय के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया ताकि छोटे-छोटे विवादों को खूनी संघर्ष बनने से पहले ही सुलझाया जा सके।

निरीक्षण के बाद पुलिस महकमे में बढ़ी सतर्कता

एसएसपी के घोघा थाने के निरीक्षण और दिए गए सख्त निर्देशों के बाद से पूरे कहलगांव और घोघा क्षेत्र के पुलिस महकमे में सतर्कता काफी बढ़ गई है। थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी अब लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए मैदान में उतर चुके हैं। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और व्यवसायियों ने एसएसपी के इस कदम की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगेगी और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।

भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव द्वारा कहलगांव के घोघा थाने का यह औचक निरीक्षण इस बात का प्रतीक है कि उच्चाधिकारी अब जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को सुधारने के लिए बेहद गंभीर हैं। लंबित मामलों के निष्पादन, वारंटियों की गिरफ्तारी और जनता के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने जैसे निर्देश यदि पूरी ईमानदारी से लागू किए जाएं, तो निश्चित रूप से अपराध नियंत्रण में सफलता मिलेगी और आम जनता को सुरक्षित माहौल मिल सकेगा।