बिहार विधानसभा में सोलर लाइट का मुद्दा गरमाया, एनडीए विधायकों ने अपनी ही सरकार से पूछा सवाल; मंत्री दीपक प्रकाश ने दिया जवाब
पटना: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइटों की खराब स्थिति का मामला प्रमुखता से उठा। दिलचस्प बात यह रही कि इस मुद्दे को विपक्ष ने नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विधायकों ने ही जोरदार तरीके से सदन में उठाया। उन्होंने अपनी ही सरकार से सवाल पूछते हुए खराब पड़ी सोलर लाइटों की स्थिति पर चिंता जताई और संबंधित विभाग से जवाब मांगा।
सदन में ऊर्जा एवं संबंधित विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए सरकार की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सरकार सोलर लाइट योजना को प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और जहां-जहां खराब लाइटों की शिकायतें मिली हैं, वहां उन्हें ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तीसरे दिन सोलर लाइट का मुद्दा बना चर्चा का केंद्र
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में खराब पड़ी सोलर स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा उठाया गया। कई एनडीए विधायकों ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सोलर लाइटें या तो बंद पड़ी हैं या ठीक से काम नहीं कर रही हैं।
विधायकों का कहना था कि सरकार ने गांवों, कस्बों और शहरों में लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोलर लाइटें लगवाई थीं, लेकिन रखरखाव के अभाव में कई स्थानों पर ये लाइटें निष्क्रिय हो गई हैं।
उन्होंने सरकार से पूछा कि इन लाइटों की मरम्मत और रखरखाव के लिए क्या व्यवस्था की गई है तथा दोषी एजेंसियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
एनडीए विधायकों ने अपनी ही सरकार से मांगा जवाब
सत्तापक्ष के कई विधायकों ने कहा कि उनके क्षेत्र के लोग लगातार खराब सोलर लाइटों की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई गांवों में महीनों से लाइटें बंद हैं, जिससे रात के समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विधायकों ने कहा कि सरकार की अच्छी योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी, जब उनका सही तरीके से रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने विभाग से यह भी जानना चाहा कि क्या सभी जिलों में खराब सोलर लाइटों का सर्वे कराया गया है और उन्हें ठीक करने की कोई समय-सीमा तय की गई है।
मंत्री दीपक प्रकाश ने दिया जवाब
सदन में जवाब देते हुए मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ स्थानों से सोलर लाइट खराब होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
मंत्री ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। जहां भी तकनीकी खराबी या रखरखाव की समस्या है, वहां मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस योजना को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी क्षेत्र में लोगों को लंबे समय तक परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
रखरखाव व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा
मंत्री ने कहा कि विभाग सोलर लाइटों के रखरखाव की व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। संबंधित एजेंसियों को समय-समय पर निरीक्षण करने और खराब उपकरणों को शीघ्र बदलने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के माध्यम से भी शिकायतों की निगरानी की जा रही है ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर लाइट की अहम भूमिका
बिहार के कई ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और रात के समय लोगों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।
इन लाइटों से गांवों की सड़कों, पंचायत भवनों, स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी उपलब्ध कराई गई है। इससे महिलाओं, छात्रों और आम नागरिकों को रात में आवागमन में सुविधा मिली है।
हालांकि, कई स्थानों पर रखरखाव की कमी के कारण इनका लाभ पूरी तरह लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
सदन में उठी जवाबदेही की मांग
विधायकों ने यह भी मांग की कि जिन एजेंसियों को सोलर लाइट लगाने और उनके रखरखाव का जिम्मा दिया गया था, उनकी जवाबदेही तय की जाए।
उनका कहना था कि यदि सरकारी धन से स्थापित उपकरण समय पर काम नहीं कर रहे हैं तो संबंधित एजेंसियों से जवाब मांगा जाना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
सरकार ने सुधार का दिया भरोसा
सरकार ने सदन को आश्वस्त किया कि सोलर लाइट योजना की नियमित समीक्षा की जा रही है। जिन जिलों से शिकायतें मिली हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य किए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा केवल योजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि उन्हें लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखना भी है। इसके लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।
विपक्ष ने भी जताई चिंता
हालांकि इस मुद्दे की शुरुआत एनडीए विधायकों ने की, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने भी कई क्षेत्रों में खराब सोलर लाइटों का मुद्दा उठाया और सरकार से जल्द समाधान की मांग की।
विपक्ष ने कहा कि सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देना समय की जरूरत है, लेकिन योजनाओं की सफलता उनके नियमित रखरखाव पर निर्भर करती है।
जनता को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर स्ट्रीट लाइटें न केवल ऊर्जा की बचत करती हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि इनका समय-समय पर रखरखाव किया जाए तो लंबे समय तक लोगों को इसका लाभ मिल सकता है।
बिहार सरकार भी नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में विधानसभा में उठा यह मुद्दा इस बात का संकेत है कि जनप्रतिनिधि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रति गंभीर हैं।
फिलहाल, सरकार ने खराब सोलर लाइटों की मरम्मत और रखरखाव में तेजी लाने का भरोसा दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि विभाग अपने आश्वासनों को कितनी जल्दी धरातल पर उतारता है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बंद पड़ी सोलर लाइटें कब तक फिर से रोशनी बिखेरने लगती हैं।