मनीगाछी की श्रेया झा ने नीट यूजी में लहराया परचम: 606 अंक लाकर हासिल की 8168वीं रैंक, माता-पिता और शिक्षकों की मेहनत लाई रंग
बिहार के दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड की मेधावी छात्रा श्रेया झा ने देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और अकादमिक उत्कृष्टता के बल पर श्रेया ने इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में 606 अंक प्राप्त करते हुए ऑल इंडिया स्तर पर 8,168वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस शानदार कामयाबी से उनके परिवार, शिक्षकों और पूरे मनीगाछी क्षेत्र में जश्न और गर्व का माहौल है।
मुख्य बिंदु: स्कोर, रैंक और शानदार शैक्षणिक पृष्ठभूमि
श्रेया झा ने नीट-यूजी परीक्षा में जो स्कोर और रैंक प्राप्त किए हैं, वे उनकी बेहतरीन तैयारी और शुरू से ही मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि को दर्शाते हैं।
नीट-यूजी स्कोर और रैंक: श्रेया ने परीक्षा में कुल 606 अंक प्राप्त किए हैं, जिसके आधार पर उन्होंने 8,168वीं रैंक हासिल की है। यह स्कोर देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में उनकी सीट पक्की करने के लिए बेहद मजबूत है।
10वीं बोर्ड का शानदार प्रदर्शन: उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा के दौरान 10वीं की परीक्षा में 94.2% अंक प्राप्त किए थे, जो उनकी बौद्धिक क्षमता की नींव को मजबूत करता है।
12वीं बोर्ड की सफलता: इसके बाद 12वीं की बोर्ड परीक्षा में भी उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 90.4% अंक हासिल किए, जो यह साबित करता है कि वह हर स्तर पर एक मेधावी छात्रा रही हैं।
शिक्षिका माता-पिता और मामा का मार्गदर्शन
श्रेया की इस बड़ी सफलता के पीछे उनके परिवार के शैक्षणिक माहौल और विशेषकर उनके माता-पिता व मामा के निरंतर मार्गदर्शन का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
शिक्षक परिवार की पृष्ठभूमि: श्रेया की माता और पिता दोनों ही शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं (शिक्षिका माता-पिता)। घर में ही एक शैक्षणिक और अनुशासित माहौल मिलने के कारण उन्हें पढ़ाई में हमेशा सही दिशा और प्रेरणा मिली।
मामा का विशेष सहयोग: उनके मामा ने भी उनकी पढ़ाई और करियर की हर कदम पर देखरेख की और उन्हें एक सफल डॉक्टर बनने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया।
बचपन से मेहनती स्वभाव: उनके परिजनों ने बताया कि श्रेया बचपन से ही बेहद परिश्रमी और एकाग्रचित्त रही है। वह बिना किसी दबाव के अपने अध्ययन के प्रति पूरी तरह समर्पित रहती थीं।
मनीगाछी प्रखंड में खुशी की लहर और प्रेरणा का माहौल
श्रेया झा की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद उनके पैतृक निवास मनीगाछी प्रखंड और आसपास के गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
बधाई देने वालों का तांता: नीट-यूजी में शानदार रैंक मिलने की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, उनके घर पर रिश्तेदारों, पड़ोसियों और शुभचिंतकों का तांता लग गया। लोगों ने उन्हें और उनके माता-पिता को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए मिसाल: श्रेया की यह सफलता ग्रामीण इलाकों में रहकर पढ़ाई करने वाली उन तमाम बेटियों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बन गई है जो बड़े सपने देखती हैं और अपनी मेहनत के दम पर उन्हें सच साबित करती हैं।
भविष्य का डॉक्टर: श्रेया का सपना एक कुशल चिकित्सक बनकर समाज के जरूरतमंद और शोषित वर्ग के लोगों की सेवा करना है, जिसके लिए उन्होंने अपनी इस सफलता को पहला बड़ा पायदान बताया है।
मनीगाछी प्रखंड की बेटी श्रेया झा ने नीट-यूजी परीक्षा में 606 अंक और 8,168वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया है कि सच्ची लगन, निरंतरता और परिवार के सही मार्गदर्शन से हर ऊंचे मुकाम को हासिल किया जा सकता है। 10वीं और 12वीं से लेकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा तक उनका यह सफर हर छात्र के लिए प्रेरणादायक है। हम उनके उज्ज्वल भविष्य और एक सफल डॉक्टर के रूप में उनके करियर की कामना करते हैं।