श्रावणी मेले की तैयारियों में लापरवाही पर सरकार का कड़ा एक्शन; सड़क मरम्मत में भारी देरी करने वाले बांका के पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार सिंह निलंबित
भागलपुर, मुख्य संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध पवित्र श्रावणी मेले (Shravani Mela) के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों शिव भक्तों और कांवरियों की सुगम यात्रा को लेकर राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। मेले के आयोजन में अब कुछ ही दिन शेष हैं, ऐसे में महत्वपूर्ण सड़कों की मरम्मत और उनके जीर्णोद्धार के कार्यों में घोर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। भागलपुर और बांका क्षेत्र से जुड़ी मुख्य सड़कों को समय पर यातायात योग्य (Traffic-worthy) बनाने के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी करने के मामले में पथ निर्माण विभाग (RCD) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बांका के कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) संजीव कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जिलाधिकारी (DM) की विस्तृत रिपोर्ट और अनुशंसा पर हुई इस कठोर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला? श्रावणी मेला मार्ग की मरम्मत में थी भारी सुस्ती
हर साल श्रावण मास में देवघर (बाबानगर) जाने वाले कांवरियों की भारी भीड़ भागलपुर के सुल्तानगंज (उत्तरवाहिनी गंगा तट) से जल भरकर बांका और अन्य सुगम मार्गों से गुजरती है। इस दौरान सड़क मार्ग पर भारी दबाव रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने मेला क्षेत्र से जुड़ी सड़कों, गड्ढों को भरने और उनके पैच वर्क (Patch Work) का निर्देश बहुत पहले ही दे दिया था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बांका प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले कई महत्वपूर्ण सड़क मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में थे। श्रावणी मेले के मद्देनजर इन सड़कों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार सिंह को सौंपी गई थी। लेकिन बार-बार की चेतावनी और समीक्षा बैठकों के निर्देशों के बावजूद धरातल पर काम की रफ्तार बेहद सुस्त रही। मेला नजदीक आने के बावजूद जब सड़कों के गड्ढे नहीं भरे गए और यात्रियों के चलने लायक मार्ग तैयार नहीं हुआ, तो स्थानीय स्तर पर भारी असंतोष फैल गया।
डीएम की रिपोर्ट पर पथ निर्माण विभाग का बड़ा एक्शन
क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान जब सड़कों की बदहाली और प्रशासनिक सुस्ती का मामला उजागर हुआ, तो जिला प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया। भागलपुर और बांका सीमा से जुड़े इलाकों में कांवरियों को होने वाली संभावित परेशानियों को देखते हुए जिलाधिकारी ने इस बाबत एक कड़े शब्दों वाली विस्तृत रिपोर्ट सीधे पथ निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी।
रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि कार्यपालक अभियंता द्वारा न केवल अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरती गई, बल्कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली 'श्रावणी मेला तैयारी योजना' की अनदेखी भी की गई। इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए पथ निर्माण विभाग के उपसचिव ने त्वरित संज्ञान लिया और कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार सिंह को निलंबित करने से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी।
निलंबन अवधि के दौरान पूर्णिया मुख्यालय किया गया निर्धारित
विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निलंबन की इस अवधि के दौरान संस्पेंड किए गए कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार सिंह का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ अंचल, पूर्णिया का कार्यालय निर्धारित किया गया है। साथ ही, विभागीय नियमों के तहत उनके विरुद्ध अलग से विस्तृत आरोप पत्र (Charge Sheet) गठित कर आगे की विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है
प्रशासनिक संदेश: विकास कार्यों और जनहित में कोताही बर्दाश्त नहीं
सरकार के इस सख्त कदम से साफ़ संदेश चला गया है कि प्रशासनिक स्तर पर किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन, आपदा प्रबंधन या जनता से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं के विकास में ढिलाई बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विशेषकर श्रावणी मेला जैसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में अगर बुनियादी ढांचे या सड़कों की बदहाल स्थिति के कारण कांवरियों को कष्ट होता है, तो सीधी जवाबदेही तय करते हुए इसी तरह का कड़ा प्रशासनिक चाबुक चलाया जाएगा।
बांका के कार्यपालक अभियंता पर हुई यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि प्रशासन कागजी दावों के बजाय अब धरातल पर परिणाम चाहता है। उम्मीद की जा रही है कि इस सख्त कार्रवाई के बाद अन्य संबंधित विभागों और अधिकारियों की नींद खुलेगी, और वे युद्ध स्तर पर बाकी बची सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य को तय समय-सीमा के भीतर पूरा कर लेंगे, ताकि सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।