डेटिंग ऐप के जालसाजी और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला: नोटों के बिस्तर पर फोटो वायरल करने वाली शातिर युवती के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत; प्रयागराज और लखनऊ में दर्ज हो चुके हैं 14 गंभीर मामले
लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और संगम नगरी प्रयागराज से एक बेहद शातिर, हैरान कर देने वाली और साइबर अपराध से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। आधुनिक तकनीक और डेटिंग ऐप्स (Dating Apps) का इस्तेमाल कर भोले-भाले और संभ्रांत लोगों को अपने जाल में फंसाने, उनसे दोस्ती करने और उसके बाद उन्हें ब्लैकमेल (Blackmail) कर मोटी रकम ऐंठने वाली एक शातिर युवती के काले कारनामों की गूंज अब सीधे राज्य के मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच गई है। इस शातिर युवती की नोटों के बिस्तर पर लेटी हुई तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं, जिसने पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के भी होश उड़ा दिए हैं। स्थिति यह है कि इस अकेली युवती के खिलाफ अकेले प्रयागराज और लखनऊ जिलों में ही धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के 14 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इस गंभीर मामले की उच्चस्तरीय शिकायत अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) से की गई है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
अपराध का तरीका (Modus Operandi): कैसे फंसाती थी लोगों को?
यह पूरा मामला साइबर ठगी और हनीट्रैप (Honeytrap) के आधुनिक और खतरनाक तौर-तरीकों का जीता-जागता उदाहरण है, जिसने डेटिंग ऐप्स की सुरक्षा और उसके इस्तेमाल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
डेटिंग ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल: आरोपी युवती द्वारा टिंडर (Tinder), बंबल (Bumble) या अन्य लोकप्रिय डेटिंग और सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक प्रोफाइल बनाई जाती थी। इन प्रोफाइल्स के जरिए वह पढ़े-लिखे, अमीर और सामाजिक रूप से प्रतिष्ठित लोगों को अपने संपर्क में लाती थी।
दोस्ती से ब्लैकमेलिंग का सफर: पहले सामान्य बातचीत और मुलाकातों का दौर चलता था, जिसके बाद वह लोगों को अपने निजी आवास या किसी खास जगह पर आमंत्रित करती थी। वहां सुनियोजित तरीके से आपत्तिजनक तस्वीरें या वीडियो बना लिए जाते थे। इसके बाद शुरू होता था असली ब्लैकमेलिंग का खेल, जहां पीड़ितों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूले जाते थे।
नोटों के बिस्तर पर वायरल फोटो: हौलनाक है लग्जरी लाइफस्टाइल
इस हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग रैकेट का खुलासा तब और व्यापक स्तर पर हुआ जब सोशल मीडिया पर इस युवती की कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं।
रुपयों के गड्डियों के साथ तस्वीरें: वायरल तस्वीरों में यह युवती बिस्तर पर चारों तरफ नोटों की गड्डियां फैलाकर उन पर लेटी हुई नजर आ रही है। तस्वीरों से साफ झलकता है कि उसने लोगों को ब्लैकमेल कर और अवैध वसूली के जरिए अकूत संपत्ति और काली कमाई जुटाई है।
आम जनता और पीड़ितों में रोष: इन तस्वीरों के सामने आने के बाद पीड़ितों और आम जनता के बीच भारी आक्रोश है। लोग यह देखकर हैरान हैं कि कैसे कानून की आंख में धूल झोंककर यह शातिर महिला लगातार आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रही थी।
14 मुकदमे दर्ज, फिर भी कानून की पकड़ से दूर?
इस युवती के खिलाफ अपराध का दायरा कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल दो बड़े शहरों में ही उस पर मुकदमों का अंबार लग चुका है।
प्रयागराज और लखनऊ में कुल 14 केस: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस शातिर युवती के खिलाफ प्रयागराज के विभिन्न थानों के साथ-साथ लखनऊ में भी कुल 14 गंभीर मुकदमे (Extortion, Fraud and Blackmailing) दर्ज हैं। इन मुकदमों में रंगदारी मांगने, धोखाधड़ी करने और आईटी एक्ट (IT Act) की सुसंगत धाराएं शामिल हैं।
कानून व्यवस्था पर सवाल: इतने सारे मुकदमे दर्ज होने के बावजूद आरोपी का खुलेआम घूमना और पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहना प्रशासनिक सुस्ती पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। यही वजह है कि पीड़ित पक्ष ने अब हार मानकर सीधे राज्य के मुखिया का दरवाजा खटखटाया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत और कड़े एक्शन की उम्मीद
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इस प्रकरण की शिकायत सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई है।
शिकायत में बड़े खुलासे: मुख्यमंत्री को दिए गए शिकायती पत्र में इस बात का विशेष जिक्र किया गया है कि कैसे यह युवती संगठित तरीके से लोगों को बर्बाद कर रही है और पुलिस के कुछ स्थानीय स्तर के संरक्षण के कारण उस पर त्वरित कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
एसटीएफ (STF) या विशेष टीम गठन की मांग: सीएम दरबार से इस मामले में संज्ञान लिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसके बाद माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) या किसी उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) को इस मामले में लगाया जा सकता है ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सके।
डेटिंग ऐप्स की आड़ में ब्लैकमेलिंग का यह खेल और नोटों के बिस्तर पर बैठी इस युवती की वायरल तस्वीरें आज के डिजिटल युग के उस काले सच को उजागर करती हैं, जहां सोशल मीडिया का इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा है। प्रयागराज और लखनऊ में 14 मुकदमे दर्ज होने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी न होना न्याय व्यवस्था के लिए एक चुनौती है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास शिकायत पहुंचने के बाद यह देखना बेहद दिलचस्प और जरूरी होगा कि पुलिस प्रशासन इस शातिर ब्लैकमेलर के खिलाफ कितनी जल्दी और कितनी सख्त कार्रवाई करता है, ताकि अन्य मासूम लोग इस जालसाजी का शिकार होने से बच सकें।