सिमरीबख्तियारपुर में सनसनीखेज मामला: बख्तियारपुर थाना क्षेत्र से दो सगी बहनें रहस्यमय तरीके से लापता, परिजनों और जनप्रतिनिधियों ने की उच्चस्तरीय बैठक
सहरसा/सिमरीबख्तियारपुर: बिहार के सहरसा जिले के सिमरीबख्तियारपुर अनुमंडल अंतर्गत बख्तियारपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक और गंभीर मामला प्रकाश में आया है। क्षेत्र से दो सगी नाबालिग बहनों के अचानक रहस्यमय तरीके से गायब हो जाने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद से न सिर्फ लापता बच्चियों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, बल्कि पूरे इलाके के लोगों में भारी आक्रोश और खौफ का माहौल बना हुआ है। बच्चियों की सकुशल बरामदगी के लिए स्थानीय ग्रामीणों, परिजनों और क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने एक आपातकालीन बैठक कर पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस हरकत में आते हुए सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) और तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidences) को खंगालने में जुटी हुई है।
क्या है पूरा मामला? दो नाबालिग बहनों का अचानक गायब होना
प्राप्त विवरण के अनुसार, यह घटना बख्तियारपुर थाना क्षेत्र की है। लापता हुई दोनों युवतियों में से एक की उम्र 14 वर्ष बताई जा रही है, जो अपने घर से अचानक किन्हीं संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई हैं। दोनों सगी बहनें एक साथ घर से बाहर निकली थीं और उसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
परिजनों द्वारा खोजबीन: जब काफी समय बीत जाने के बाद भी दोनों बहनें घर नहीं लौटीं, तो परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, आसपास के इलाकों और संभावित ठिकानों पर उनकी गहन तलाश की। लेकिन जब उनका कहीं कोई पता नहीं चला, तो परिजनों के होश उड़ गए।
अपहरण या बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की आशंका: परिजनों ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा दोनों नाबालिग बहनों को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया गया है या फिर उन्हें किसी साजिश के तहत गायब किया गया है। इस घटना के बाद से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपनी बच्चियों की सलामती को लेकर बेहद चिंतित हैं।
जनप्रतिनिधियों और परिजनों की आपातकालीन बैठक, पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम
घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के गणमान्य लोगों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पीड़ित परिवार ने मिलकर एक विशेष बैठक का आयोजन किया।
बैठक में बनी रणनीति: इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन करेगी। जनप्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि क्षेत्र में लगातार इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिस पर लगाम लगाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
शीघ्र बरामदगी की मांग: बैठक में मौजूद स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि निर्धारित समय के भीतर दोनों नाबालिग बहनों को सकुशल बरामद किया जाए और इस घटना में शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं या अपराधियों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों पर टिकी निगाहें
मामले की गंभीरता को भांपते हुए बख्तियारपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और युद्ध स्तर पर अनुसंधान शुरू कर दिया है।
सीसीटीवी कैमरों की जांच: पुलिस टीम उन तमाम रास्तों और संभावित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है, जहां से दोनों बहनें गुजर सकती थीं या जहां उनके अंतिम बार देखे जाने की संभावना है। फुटेज के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनके साथ कोई संदिग्ध व्यक्ति था या वे खुद अपनी मर्जी से कहीं गई हैं।
मोबाइल और तकनीकी सर्विलांस: पुलिस तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidences) का सहारा ले रही है। यदि परिवार के पास या बच्चियों के पास कोई मोबाइल फोन या अन्य डिजिटल माध्यम था, तो उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा है ताकि उनकी सही दिशा और लोकेशन का पता चल सके।
पुलिस का बयान: थाना के वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है और आसपास के जिलों की पुलिस को भी बच्चियों की तस्वीर व विवरण साझा कर दिए गए हैं। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द दोनों बहनों को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।