मंजू देवी का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप; 6 साल का मासूम बेटा आर्यन भी रहस्यमय तरीके से लापता
जिले के एक और इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। विशुनपुर सुमेर इलाके में एक महिला का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान विनोद साह की पुत्री मंजू देवी के रूप में की गई है। इस घटना के बाद से जहाँ एक तरफ परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ मृतका का छह वर्षीय पुत्र आर्यन भी अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। परिजनों ने सीधे तौर पर ससुराल पक्ष के लोगों पर हत्या करने और बच्चे का अपहरण करने या उसे गायब करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस इस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है।
कैसे हुआ खुलासा और क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशुनपुर सुमेर इलाके में स्थानीय लोगों ने एक सुनसान जगह पर शव देखा, जिसके बाद तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और मृतका के परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही मंजू देवी के परिवार वाले बदहवास हालत में मौके पर पहुँचे। शव को देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
शुरुआती जाँच-पड़ताल में यह बात सामने आई कि मंजू देवी लंबे समय से पारिवारिक कलह या घरेलू विवादों का सामना कर रही थीं। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या बहुत ही शातिर तरीके से की गई है और इसे आत्महत्या या दुर्घटना दिखाने की कोशिश की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाने की पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल भेज दिया।
छह साल के मासूम आर्यन की तलाश बनी सबसे बड़ी चुनौती
इस सनसनीखेज वारदात का सबसे डरावना और चिंताजनक पहलू यह है कि मृतका मंजू देवी का छह साल का बेटा आर्यन घटना के बाद से पूरी तरह लापता है। शव मिलने के ठीक पास ही बच्चे के कुछ सामान (जैसे जूते या कपड़े) मिलने की बात सामने आ रही है, जिससे परिजनों की चिंता और अधिक बढ़ गई है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि न सिर्फ मंजू की बेरहमी से जान ली गई है, बल्कि उसके छोटे से मासूम बेटे आर्यन को भी या तो अगवा कर लिया गया है या फिर उसे भी किसी बड़ी साजिश का शिकार बनाया गया है। पुलिस और स्थानीय लोग आसपास के जंगलों, कुओं और संभावित ठिकानों पर छह वर्षीय आर्यन की तलाश में लगातार कॉम्बिंग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक बच्चे का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।
परिजनों के गंभीर आरोप: "यह सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या"
मृतका के पिता विनोद साह और अन्य परिजनों ने ससुराल वालों पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मंजू देवी को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। कई बार पंचायत और वार्ताओं के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन ससुराल पक्ष के रवैये में कोई सुधार नहीं आया।
परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने पहले मंजू देवी की हत्या की और उसके साक्ष्यों को मिटाने के लिए शव को विशुनपुर सुमेर के पास लाकर फेंक दिया। इसके साथ ही, गवाह को रास्ते से हटाने या अन्य किसी दुर्भावना के चलते छह साल के मासूम आर्यन को भी गायब कर दिया गया है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके मासूम पोते आर्यन को सकुशल बरामद किया जाए।
पुलिस की तफ्तीश और आगे की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम (SFSL) को भी घटनास्थल पर बुलाया ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों (हत्या या कुछ और) का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
फिलहाल, पुलिस ने मृतका के परिजनों के फर्दबयान के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ससुराल पक्ष के फरार लोगों की धर-पकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। पुलिस तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन की मदद से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना की रात मंजू देवी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और उनका मोबाइल नेटवर्क किस दिशा में सक्रिय था।
इलाके में दहशत और न्याय की गुहार
इस घटना के बाद से पूरे विशुनपुर सुमेर और आसपास के गाँवों में मातम और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस अमानवीय घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं। हर कोई यही दुआ कर रहा है कि पुलिस जल्द से जल्द इस खौफनाक राज से पर्दा उठाए, हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजे और सबसे अहम बात यह कि छह साल के बेकसूर आर्यन को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुँचाए।