रूपौली प्रखंड कार्यालय में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित; स्वच्छता कार्यों में तेजी लाने के दिए गए निर्देश

बिहार के पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड मुख्यालय स्थित कार्यालय वेश्म में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (Lohia Swachh Bihar Abhiyan) के तहत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन (Solid and Liquid Waste Management) तथा सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वच्छता योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की थाह लेना था। बैठक में प्रखंड स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों, स्वच्छता समन्वयकों और संबंधित कर्मियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में किन प्रमुख बिंदुओं पर हुई चर्चा?

ग्रामीण अंचलों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के संकल्प के साथ आयोजित इस बैठक में विभिन्न वार्डों और पंचायतों में चल रहे स्वच्छता अभियानों की समीक्षा की गई। चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण (Door-to-Door Garbage Collection): ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता मित्रों द्वारा घर-घर जाकर कचरा उठाने के कार्य की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई। जिन पंचायतों में यह व्यवस्था धीमी पाई गई, उन्हें इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन (SLWM): गांवों में नाली के पानी के निकास और सूखे तथा गीले कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के लिए बनाए जा रहे सोख्ता गड्ढों और शेड निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति पर चर्चा हुई।

सामुदायिक और व्यक्तिगत शौचालय: ओडीएफ (Open Defecation Free) प्लस के तहत छूटे हुए परिवारों को चिन्हित कर उन्हें शौचालय योजनाओं का लाभ देने तथा पहले से बने शौचालयों के उपयोग की स्थिति की जानकारी ली गई।

जागरूकता अभियान: ग्रामीणों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए माइकिंग, दीवारों पर नारे लिखने और नुक्कड़ नाटक जैसे आयोजनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों द्वारा दिए गए कड़े निर्देश और दिशा-निर्देश

समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में से एक है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लक्ष्य आधारित कार्य: सभी संबंधित कर्मियों को यह निर्देश दिया गया कि वे तय समय-सीमा के भीतर अपने-अपने क्षेत्र में स्वच्छता के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करें।

जवाबदेही तय करना: कार्य में रुचि न लेने वाले या उदासीन रवैया अपनाने वाले कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई।

सामूहिक सहभागिता: अधिकारियों ने कहा कि जब तक ग्रामीण जनता और जनप्रतिनिधि इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा नहीं लेंगे, तब तक पूरी तरह से स्वच्छ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए जन-सहयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है।

रूपौली के विकास और स्वच्छता की उम्मीदें

इस समीक्षा बैठक के बाद रूपौली प्रखंड क्षेत्र में स्वच्छता कार्यों को एक नई गति मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन द्वारा तय किए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन हुआ, तो रूपौली के गांव भी शहर जैसी साफ-सुथरी और सुंदर व्यवस्था की मिसाल पेश करेंगे। प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर सकारात्मक माहौल बनता दिखाई दे रहा है।