सड़क और नाला निर्माण की मांग को लेकर वार्ड-02 के लोगों का धरना, जलजमाव और गंदगी से परेशान ग्रामीणों ने एसडीओ को सौंपा ज्ञापन
विजय राय, बेनीपुर (दरभंगा)। दरभंगा जिले के बेनीपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-02 में सड़क और नाला निर्माण नहीं होने से नाराज स्थानीय लोगों ने विरोध का रास्ता अपनाया। वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे दर्जनों ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़क और नाले के अभाव में पूरे मोहल्ले में जलजमाव की समस्या बनी रहती है, जिससे लोगों का जीवन नारकीय हो गया है।
प्रदर्शन के बाद लोगों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को सौंपा और जल्द से जल्द सड़क एवं नाला निर्माण कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
वर्षों से अधूरी है सड़क और नाला निर्माण की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड-02 में लंबे समय से पक्की सड़क और जल निकासी के लिए नाले की आवश्यकता महसूस की जा रही है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन देने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
ग्रामीणों के अनुसार, हल्की बारिश होते ही गलियों और सड़कों पर पानी भर जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई दिनों तक गंदा पानी जमा रहता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जलजमाव से जनजीवन प्रभावित
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जलजमाव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाई होती है। स्कूल जाने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जबकि बुजुर्गों को फिसलने और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कई घरों के सामने पानी जमा होने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।
गंदगी से बढ़ रहा बीमारी का खतरा
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि नाला नहीं होने के कारण गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है।
लोगों का कहना है कि कई बार सफाई की मांग करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
धरना देकर जताया विरोध
अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग एकत्र हुए और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे विकास विरोधी नहीं हैं, बल्कि अपने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, जो प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
एसडीओ को सौंपा ज्ञापन
धरना समाप्त होने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सड़क एवं नाला निर्माण, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था, नियमित सफाई अभियान और क्षेत्र की अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
लोगों ने प्रशासन से अनुरोध किया कि जल्द तकनीकी सर्वे कराकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
स्थानीय लोगों ने बताई अपनी परेशानी
प्रदर्शन में शामिल कई लोगों ने बताया कि खराब सड़क और जलजमाव के कारण एंबुलेंस, स्कूल वाहन और अन्य आवश्यक सेवाओं को भी क्षेत्र तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
बरसात के समय दोपहिया वाहन चलाना लगभग असंभव हो जाता है। कई बार लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं।
व्यापार पर भी पड़ रहा असर
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क खराब होने और गंदगी के कारण ग्राहकों की संख्या प्रभावित होती है। जलभराव के कारण कई लोग बाजार आने से बचते हैं, जिससे छोटे व्यापारियों की आय पर भी असर पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि सड़क और नाला बन जाए तो पूरे इलाके की आर्थिक गतिविधियों में सुधार आएगा।
प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मांग की कि संबंधित विभाग तत्काल स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू करे। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्य शुरू नहीं हुआ तो आगामी बरसात में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
लोगों ने यह भी कहा कि केवल आश्वासन देने के बजाय प्रशासन को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर विकास कार्य शुरू करना चाहिए।
बुनियादी सुविधाएं विकास की पहली शर्त
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं सबसे महत्वपूर्ण होती हैं। बेहतर सड़कें न केवल आवागमन आसान बनाती हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच भी सुनिश्चित करती हैं।
इसी प्रकार उचित जल निकासी व्यवस्था से जलजमाव, गंदगी और संक्रामक बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जनभागीदारी का सकारात्मक उदाहरण
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और इसका उद्देश्य केवल प्रशासन का ध्यान क्षेत्र की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। उनका विश्वास है कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर पहल करें तो समस्या का समाधान जल्द हो सकता है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
दरभंगा जिले के बेनीपुर नगर परिषद के वार्ड-02 में सड़क और नाला निर्माण की मांग को लेकर हुआ धरना स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को उजागर करता है। जलजमाव, गंदगी और खराब सड़कें न केवल लोगों की दैनिक जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और आवागमन पर भी प्रतिकूल असर डाल रही हैं।
अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि संबंधित विभाग शीघ्र सर्वे कर निर्माण कार्य शुरू करता है, तो वार्ड-02 के हजारों लोगों को राहत मिलेगी और क्षेत्र में विकास की नई शुरुआत हो सकेगी।