सेवानिवृत्त शिक्षक असीम कुमार मांझी को भावभीनी विदाई, विद्यार्थियों ने पुष्पवर्षा कर जताया सम्मान
बेगूसराय, 7 जुलाई 2026। शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसी भावना को साकार करते हुए खम्हार उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मंगलवार को सेवानिवृत्त शिक्षक असीम कुमार मांझी को सम्मानपूर्वक और भावभीनी विदाई दी गई। वर्षों तक विद्यार्थियों के जीवन को ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों से समृद्ध करने वाले शिक्षक के सम्मान में आयोजित समारोह भावनाओं से ओत-प्रोत रहा।
विद्यालय परिवार ने उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ (बुके) और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। वहीं विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने प्रिय शिक्षक पर फूलों की वर्षा कर उनके प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया। समारोह के दौरान कई शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी भावुक हो गए।
गरिमापूर्ण माहौल में हुआ विदाई समारोह
विद्यालय परिसर में आयोजित विदाई समारोह में प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, अभिभावक और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत गीत से हुई। इसके बाद विद्यालय परिवार की ओर से सेवानिवृत्त शिक्षक असीम कुमार मांझी का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया गया।
विद्यार्थियों ने पुष्पवर्षा कर किया सम्मान
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने प्रिय शिक्षक पर फूलों की वर्षा कर उन्हें विदाई दी।
विद्यार्थियों ने कहा कि असीम कुमार मांझी केवल शिक्षक नहीं, बल्कि उनके मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और अभिभावक की तरह रहे। उनके पढ़ाने का तरीका, अनुशासन और स्नेह हमेशा याद रहेगा।
कई विद्यार्थियों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने अपने शिक्षक के साथ बिताए गए यादगार पलों को साझा किया।
विद्यालय परिवार ने किया सम्मानित
विद्यालय परिवार की ओर से असीम कुमार मांझी को अंगवस्त्र, बुके और सम्मान-चिह्न भेंट किया गया।
सहकर्मी शिक्षकों ने उनके लंबे शैक्षणिक जीवन, समयपालन, कर्तव्यनिष्ठा और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वक्ताओं ने की प्रशंसा
विदाई समारोह में वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक का योगदान केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज की आने वाली पीढ़ियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि असीम कुमार मांझी ने अपने सेवाकाल के दौरान हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का भी पाठ पढ़ाया।
असीम कुमार मांझी ने साझा किए अनुभव
अपने विदाई संबोधन में असीम कुमार मांझी ने विद्यालय परिवार, सहकर्मियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का जीवन केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, मेहनत और अनुशासन के साथ जीवन में आगे बढ़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है, जो व्यक्ति, परिवार और समाज का भविष्य बदल सकती है।
विद्यार्थियों को दिया प्रेरक संदेश
सेवानिवृत्त शिक्षक ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचें तथा नियमित अध्ययन, पुस्तक पढ़ने और अच्छे संस्कारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
विदाई समारोह के अवसर पर छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत, प्रेरक भाषण, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच वर्षों से बने आत्मीय संबंधों की झलक देखने को मिली। उपस्थित लोगों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
शिक्षकों ने साझा की यादें
विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने असीम कुमार मांझी के साथ बिताए वर्षों को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा सहयोगी, अनुशासित और सकारात्मक सोच वाले शिक्षक रहे।
उन्होंने विद्यालय के विकास, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
शिक्षा जगत के लिए प्रेरणा
वक्ताओं ने कहा कि ऐसे समर्पित शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सेवानिवृत्ति के बाद भी असीम कुमार मांझी अपने अनुभव और मार्गदर्शन से समाज तथा नई पीढ़ी को प्रेरित करते रहेंगे।
भावुक माहौल में हुई विदाई
कार्यक्रम के समापन के समय विद्यालय का माहौल बेहद भावुक हो गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने अपने प्रिय शिक्षक से गले मिलकर उनका आशीर्वाद लिया और उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
कई अभिभावकों ने भी उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके जैसे शिक्षक समाज के लिए आदर्श होते हैं।
खम्हार उत्क्रमित मध्य विद्यालय में आयोजित सेवानिवृत्त शिक्षक असीम कुमार मांझी का विदाई समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक ऐसे शिक्षक के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भावपूर्ण अवसर था, जिन्होंने अपना संपूर्ण सेवाकाल विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में समर्पित कर दिया।
विद्यालय परिवार द्वारा अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ से सम्मान, विद्यार्थियों द्वारा पुष्पवर्षा और भावुक विदाई ने यह साबित कर दिया कि एक सच्चे शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि उसके विद्यार्थियों का प्रेम और सम्मान होता है। ऐसे शिक्षक सदैव समाज और शिक्षा जगत के लिए प्रेरणास्रोत बने रहते हैं।