पीरपैंती में एनएच-80 पर रफ्तार का कहर; सड़क पार कर रहे बुजुर्ग को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर पलटी बाइक, दो युवक गंभीर रूप से घायल
भागलपुर, मुख्य संवाददाता: बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती क्षेत्र से सड़क हादसों को लेकर एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-80) पर लापरवाही और अनियंत्रित वाहनों की रफ्तार किस प्रकार लोगों की जान पर भारी पड़ रही है, इसकी एक बानगी शुक्रवार देर शाम पीरपैंती थाना क्षेत्र में देखने को मिली। एनएच-80 पर अचानक एक बुजुर्ग के सड़क पार करने के दौरान सामने आ जाने से एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर भीषण हादसे का शिकार हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा मानकों तथा यातायात नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैसे हुआ हादसा? जानिए पूरी घटना की क्र ॉमोलॉजी
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, रितेश तांती और अविनाश तांती नामक दो युवक देर शाम अपनी बाइक से किसी आवश्यक कार्य को निपटाकर घर लौट रहे थे। एनएच-80 पर वाहनों की आवाजाही आम दिनों की तरह तेज थी। इसी दौरान पीरपैंती के एक व्यस्त मार्ग के करीब अचानक एक बुजुर्ग सड़क पार करने के लिए सामने आ गए।
अचानक सामने आए बुजुर्ग को बचाने और उनसे सीधी टक्कर टालने के लिए बाइक चला रहे युवक ने हड़बड़ी में तेज ब्रेक लगा दिए।
ब्रेक लगते ही बाइक का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर जोरदार तरीके से फिसलते हुए पलट गया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों युवक हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे, जिससे उनके सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं।
स्थानीय लोगों की सूझबूझ से बची जान, रेफरल अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सड़क पर गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों ने मानवता का परिचय देते हुए तत्परता दिखाई और तुरंत दुर्घटनास्थल की ओर दौड़े।
स्थानीय लोगों ने देखा कि रितेश तांती और अविनाश तांती सड़क पर खून से लथपथ अड़े पड़े थे और दर्द से तड़प रहे थे।
बिना वक्त गंवाए स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पीरपैंती थाना पुलिस को दी और अपने निजी संसाधनों व एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी रेफरल अस्पताल, पीरपैंती पहुंचाया।
अस्पताल के आपातकालीन कक्ष (Emergency Ward) में तैनात चिकित्सा अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और दोनों युवकों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उनका प्राथमिक उपचार (First Aid) शुरू किया।
घायलों की स्थिति गंभीर, डॉक्टरों ने उच्च चिकित्सा संस्थान किया रेफर
रेफरल अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, दोनों घायलों—रितेश तांती और अविनाश तांती—को सिर और टांगों में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के दौरान जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और ब्लीडिंग नियंत्रित करने में कठिनाई आई, तो चिकित्सकों ने उनकी नाज़ुक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल (JLNMCH, Bhagalpur) या किसी अन्य उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि सिर पर गहरी चोट लगने के कारण शुरुआती 24 से 48 घंटे दोनों के लिए बेहद संवेदनशील और खतरे से भरे हैं।
एनएच-80 पर हादसों का बढ़ता ग्राफ और स्थानीय लोगों का रोष
इस दुर्घटना के बाद स्थानीय निवासियों और राहगीरों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि एनएच-80 पर पीरपैंती से गुजरने वाले हिस्से पर आए दिन इस तरह के सड़क हादसे आम हो गए हैं।
तेज रफ्तार और अनुशासनहीनता: भारी वाहन और बाइक चालक अक्सर इस मार्ग पर तय गति सीमा से अधिक रफ्तार से वाहन चलाते हैं, जिससे नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाता है।
सड़क सुरक्षा उपायों की कमी: व्यस्त बाजारों और रिहायशी इलाकों के पास एनएच-80 पर स्पीड ब्रेकर (Speed Breakers), जेब्रा क्रॉसिंग या चेतावनी संकेतकों (Signboards) का अभाव है, जिसके कारण राहगीर और वाहन चालक दोनों दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं।
अतिक्रमण और अंधेरा: शाम ढलते ही कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटों के खराब होने और सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण के कारण विजिबिलिटी कम हो जाती है, जो हादसों को खुला निमंत्रण देती है।
पुलिस की कार्रवाई और अपील
घटना की सूचना मिलते ही पीरपैंती थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त बाइक को अपने कब्जे में लेकर थाने ले आई। पुलिस ने इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने का प्रयास किया जा रहा है ताकि हादसे के कारणों की और अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें, हेलमेट पहनें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गति नियंत्रित रखें।
पीरपैंती में एनएच-80 पर हुआ यह हादसा एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को उजागर करता है कि सड़क पर एक पल की असावधानी या अचानक सामने आई बाधा कितना बड़ा विध्वंस ला सकती है। रितेश तांती और अविनाश तांती का गंभीर रूप से घायल होना उनके परिवारों के लिए एक बड़ा आघात है। यह घटना न केवल वाहन चालकों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि प्रशासनिक तंत्र के लिए भी एक गंभीर सबक है कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें ताकि भविष्य में ऐसी बहुमूल्य जिंदगियां सड़क हादಸों की भेंट न चढ़ें।