चक्रवाती परिसंचरण के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश के आसार

पटना: बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में बने 'चक्रवाती परिसंचरण' (Cyclonic Circulation) का सीधा असर बिहार के मौसम पर पड़ा है। इस मौसमी प्रभाव के कारण उत्तर बिहार के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।

क्या है मौसम का हाल?

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा का एक चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के क्षेत्रों में बना हुआ है। इसके प्रभाव से नमी युक्त हवाएं बंगाल की खाड़ी से बिहार के मैदानी इलाकों की ओर प्रवाहित हो रही हैं। इसी के चलते उत्तर बिहार के जिलों में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसमी प्रणाली अगले कुछ दिनों तक बिहार के ऊपर बनी रहेगी। इसके प्रभाव से विशेष रूप से उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-मध्य बिहार के जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।

किन इलाकों में है अधिक असर?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर बिहार के प्रमुख जिलों जैसे—पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में आने वाले 48 से 72 घंटों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, राज्य की राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में भी बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की फुहारें दर्ज की जा सकती हैं।

तापमान में गिरावट, किसानों के लिए राहत

बारिश के इस दौर से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनजीवन को भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस से बड़ी राहत मिली है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर बिहार में हो रही यह बारिश धान की रोपनी और खरीफ फसलों के लिए वरदान साबित होगी। जिन इलाकों में बारिश की कमी के कारण खेत सूखे पड़े थे, वहां अब किसानों ने राहत की सांस ली है।

प्रशासन की चेतावनी और सावधानी

लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर मौसम विभाग ने नदियों के जलस्तर पर नजर रखने की सलाह दी है। विशेष रूप से उत्तर बिहार की गंडक, बागमती और कोसी जैसी नदियों के जलग्रस्त क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज हवाओं और वज्रपात (ठनका) के दौरान खुले खेतों में न रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

अगले कुछ दिनों तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में मानसून की स्थिति अनुकूल बनी रहेगी। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि चक्रवाती परिसंचरण के कारण नमी की मात्रा अधिक है, जिससे रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि घर से निकलने से पहले मौसम विभाग के नवीनतम अपडेट पर ध्यान दें।

कुल मिलाकर, मानसून का यह नया दौर बिहार के लिए राहत लेकर आया है, हालांकि बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।