पूर्णिया में टारगेट जीएम शतरंज क्लब द्वारा आयोजित दो दिवसीय निःशुल्क शतरंज प्रतियोगिता फॉर्च्यूना साइन स्कूल में सफलतापूर्वक संपन्न: उभरती प्रतिभाओं ने दिखाया शानदार खेल कौशल
पूर्णिया: बौद्धिक और मानसिक विकास के लिए जाने जाने वाले खेल 'शतरंज' (Chess) को बढ़ावा देने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभाओं को एक बेहतरीन मंच प्रदान करने के उद्देश्य से पूर्णिया में एक शानदार आयोजन किया गया। 'टारगेट जीएम शतरंज क्लब' के बैनर तले शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान फॉर्च्यूना साइन स्कूल के परिसर में दो दिवसीय निःशुल्क शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रोमांचक मुकाबलों और कड़े संघर्ष के बीच यह प्रतियोगिता बेहद सफलता के साथ संपन्न हो गई। इस दो दिवसीय महामुकाबले में पूर्णिया और आसपास के जिलों से आए सैकड़ों बाल और युवा शतरंज खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी बौद्धिक क्षमता का लोहा मनवाया।
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य: मानसिक खेलों के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ाना
आज के तकनीकी और डिजिटल युग में जहाँ बच्चे वीडियो गेम और मोबाइल स्क्रीन तक सीमित होते जा रहे हैं, वहीं शतरंज जैसे खेल बच्चों की तार्किक सोच, एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता और दूरदर्शिता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। टारगेट जीएम शतरंज क्लब का यह आयोजन इसी उद्देश्य के साथ किया गया था कि समाज के हर वर्ग के बच्चों को, बिना किसी आर्थिक बाधा के, अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।
निःशुल्क प्रवेश: प्रतियोगिता पूरी तरह से निःशुल्क (Free of Cost) रखी गई थी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के प्रतिभावान बच्चे भी इसमें बिना किसी संकोच के भाग ले सकें।
बौद्धिक संघर्ष का मंच: दो दिनों तक चले इन मुकाबलों में बच्चों ने अपनी चालों से एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। बोर्ड पर घोड़ों, हाथियों और वजीरों की चाल के बीच न सिर्फ बच्चों का उत्साह देखने लायक था, बल्कि उनके अभिभावकों में भी गजब का जोश था।
फॉर्च्यूना साइन स्कूल में भव्य आयोजन और व्यवस्थाएं
प्रतियोगिता के लिए फॉर्च्यूना साइन स्कूल के सभागार को विशेष रूप से तैयार किया गया था। खिलाड़ियों के बैठने के लिए स्टैंडर्ड चेस बोर्ड और घड़ियों की पूरी व्यवस्था की गई थी। स्कूल प्रबंधन और टारगेट जीएम शतरंज क्लब के पदाधिकारियों के आपसी सहयोग से यह आयोजन पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
विभिन्न आयु वर्ग के मुकाबले: प्रतियोगिता को विभिन्न आयु वर्ग (जैसे अंडर-9, अंडर-12, अंडर-15 आदि) में बांटा गया था, ताकि हर उम्र के बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार मुकाबला करने का मौका मिल सके।
रेफरी और तकनीकी टीम: मैचों के दौरान खेल के नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए अनुभवी रेफरी और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे, जिससे किसी भी प्रकार के विवाद की गुंजाइश नहीं रही।
समापन समारोह और विजेताओं को सम्मान
दो दिनों के कड़े संघर्ष और बौद्धिक मंथन के बाद रविवार की शाम प्रतियोगिता के समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित अतिथियों, स्कूल के प्रधानाध्यापक और क्लब के पदाधिकारियों ने विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
खिलाड़ियों का बढ़ा मनोबल: पुरस्कार पाने वाले बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों को भविष्य में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर खेलने के लिए तैयार करती हैं।
अभिभावकों की प्रतिक्रिया: बच्चों के साथ पहुँचे अभिभावकों ने 'हिन्दुस्तान' और टारगेट जीएम शतरंज क्लब के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पूर्णिया में ऐसे आयोजनों से बच्चों का बौद्धिक विकास तेजी से होता है और उन्हें एक सही दिशा मिलती है।
टारगेट जीएम शतरंज क्लब द्वारा फॉर्च्यूना साइन स्कूल में आयोजित यह दो दिवसीय निःशुल्क शतरंज प्रतियोगिता पूर्णिया के खेल इतिहास में एक और सफल अध्याय साबित हुई है। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मंच और प्रोत्साहन मिले, तो पूर्णिया के बच्चे खेल के मैदान से लेकर बौद्धिक पटल तक अपनी एक अलग पहचान बना सकते हैं। आने वाले दिनों में क्लब द्वारा इस तरह की प्रतियोगिताओं को और बड़े पैमाने पर आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।