पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की अनूठी पहल: श्रावणी महोत्सव में धीमेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होंगे पांच नए चापाकल, निजी कोष से कराए गए निर्माण से हजारों शिवभक्तों को मिलेगी राहत
पूर्णिया/धीमेश्वर धाम: पवित्र श्रावण मास और सावन की पावन शिवरात्रि के अवसर पर देश भर के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। इसी क्रम में बिहार के सीमांचल और कोसी क्षेत्र के आस्था के प्रमुख केंद्र धीमेश्वर धाम मंदिर परिसर में आने वाले लाखों शिवभक्तों और कांवड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्णिया के लोकप्रिय सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) ने एक बेहद सराहनीय और जनहितकारी कदम उठाया है। श्रावणी महोत्सव के दौरान दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध और शीतल पेयजल की कोई असुविधा न हो, इसके लिए सांसद पप्पू यादव ने अपने निजी कोष (Personal Fund) से मंदिर परिसर में पांच नए डीप बोरिंग चापाकल लगवाए हैं। इस मानवीय पहल से सावन के इस पवित्र महीने में जलाभिषेक करने पहुँचने वाले हजारों-लाखों श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी और उमस के बीच बड़ी राहत मिलेगी।
श्रावणी महोत्सव और धीमेश्वर धाम का धार्मिक महत्व
सावन का महीना हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस पूरे मास में भगवान शिव की आराधना और शिवलिंग पर जल, दूध व बेलपत्र अर्पित करने का विशेष विधान है।
लाखों श्रद्धालुओं की भीड़: पूर्णिया और उसके आसपास के जिलों में स्थित प्रसिद्ध धीमेश्वर धाम मंदिर में सावन के हर सोमवार और विशेष तिथियों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुँचते हैं। कई कांवड़िए सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर यहाँ जलाभिषेक करने आते हैं।
पेयजल की गंभीर समस्या: मंदिर परिसर और उसके आसपास श्रद्धालुओं की इतनी भारी भीड़ उमड़ने के कारण हर साल पेयजल (Drinking Water) की भारी किल्लत हो जाती थी। चापाकल या अन्य जल स्रोतों पर लंबी कतारें लग जाती थीं, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
सांसद पप्पू यादव की पहल: निजी कोष से पूरे किए गए चापाकल निर्माण
श्रद्धालुओं की इस प्राचीन और गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने स्वतः संज्ञान लेते हुए युद्धस्तर पर प्रशासनिक और तकनीकी सहयोग से इस कार्य को पूरा करवाया।
निजी कोष से उठाया गया खर्च: सांसद कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इन पांचों नए चापाकलों की स्थापना और डीप बोरिंग का पूरा खर्च सांसद पप्पू यादव ने अपने निजी कोष से वहन किया है। इसके लिए किसी सरकारी प्रशासनिक फंड के लंबे प्रशासनिक और टेंडर संबंधी कागजी पचड़े में पड़ने के बजाय व्यक्तिगत रुचि लेकर इसे तुरंत धरातल पर उतारा गया।
रणनीतिक स्थानों पर स्थापना: मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्सों और मुख्य कांवड़िया मार्ग के पास इन नए चापाकलों को इस प्रकार लगाया गया है कि जलाभिषेक के लिए कतार में खड़े लोगों को आसानी से पानी मिल सके। चापाकल चालू होने के साथ ही मंदिर आने वाले भक्तों ने राहत की सांस ली है और सांसद के इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर
सांसद द्वारा उठाए गए इस कदम से धीमेश्वर धाम आने वाले कांवड़ियों और स्थानीय प्रबंधन समिति में जबरदस्त उत्साह और खुशी का माहौल है।
भक्तों की जुबानी राहत: दूर-दराज से जलाभिषेक करने आए कई शिवभक्तों ने बताया कि सावन की उमस भरी गर्मी में पानी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब मंदिर परिसर में ही जगह-जगह शुद्ध पेयजल मिलने से उनकी सबसे बड़ी कठिनाई दूर हो गई है।
मंदिर समिति का आभार: धीमेश्वर धाम मंदिर विकास समिति और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने सांसद पप्पू यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह व्यक्तिगत पहल करके धार्मिक आयोजनों में जनता की सेवा करना एक मिसाल है। यह साबित करता है कि वे आम जनता के सुख-दुख के प्रति कितने संवेदनशील हैं।
जनसेवा और सामाजिक सरोकार का एक नया उदाहरण
राजनीति में अक्सर वादों की भरमार होती है, लेकिन जब कोई जनप्रतिनिधि धरातल पर उतरकर सीधे जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करता है, तो उसका प्रभाव समाज में दूरगामी होता है।
श्रावणी महोत्सव जैसे बड़े आयोजन में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव द्वारा धीमेश्वर धाम में उठाए गए इस कदम ने यह दिखा दिया है कि आस्था और सेवा का समन्वय समाज को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम है। इस पहल से न सिर्फ हजारों श्रद्धालुओं को जल संकट से मुक्ति मिली है, बल्कि यह अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी समाज सेवा की एक प्रेरणास्पद मिसाल बन गई है। सावन के इस पवित्र महीने में हर-हर महादेव के जयकारों के बीच यह निर्मल जलधारा शिवभक्तों की थकान को मिटाने का काम कर रही है।