धनरुआ के पभेड़ा स्थित श्रीराम हरी उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य पर हमले का आरोप, शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
धनरुआ (पटना)।रपीट और हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले की जानकारी मिलते ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। वहीं, दोनों पक्षों से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। पटना जिले के धनरुआ प्रखंड स्थित पभेड़ा गांव के श्रीराम हरी उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को हुई एक घटना ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। विद्यालय के प्राचार्य सफदार इमाम ने विद्यालय के एक सहायक शिक्षक मनोरंजन प्रसाद सिन्हा पर उनके साथ मा
प्राचार्य की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तथ्यों की जांच कराने का निर्णय लिया है। फिलहाल विभागीय स्तर पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
विद्यालय परिसर में हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार गुरुवार को विद्यालय में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां चल रही थीं। इसी दौरान किसी प्रशासनिक या कार्य संबंधी मुद्दे को लेकर प्राचार्य और सहायक शिक्षक के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी।
प्राचार्य सफदार इमाम का आरोप है कि विवाद के दौरान सहायक शिक्षक मनोरंजन प्रसाद सिन्हा ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन पर शारीरिक हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि घटना से उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानी हुई। घटना के बाद विद्यालय के अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।
प्राचार्य ने की कार्रवाई की मांग
घटना के बाद प्राचार्य ने पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी और दोषी शिक्षक के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की। उन्होंने लिखित शिकायत में कहा कि विद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में इस प्रकार की घटनाएं न केवल अनुशासन को प्रभावित करती हैं, बल्कि छात्रों के सामने भी गलत संदेश जाता है।
प्राचार्य का कहना है कि यदि समय रहते अन्य शिक्षक बीच-बचाव नहीं करते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने विभाग से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की अपील की है।
शिक्षक का पक्ष भी लिया जाएगा
हालांकि इस मामले में आरोपित सहायक शिक्षक मनोरंजन प्रसाद सिन्हा का पक्ष भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी। यदि शिक्षक की ओर से भी कोई शिकायत या स्पष्टीकरण दिया जाता है तो उसे भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
विभाग का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही यह तय होगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने शुरू की जांच
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही मामले को गंभीरता से लिया गया है। विद्यालय प्रशासन से विस्तृत प्रतिवेदन मांगा गया है। साथ ही घटना के समय मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों के बयान भी लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो विद्यालय में जाकर प्रत्यक्ष जांच भी की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी को पूरी जानकारी भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।
छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा असर
घटना के दौरान विद्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। अचानक हुए विवाद के कारण छात्रों में भी दहशत फैल गई। कई छात्र-छात्राएं कक्षाओं से बाहर निकल आए। हालांकि बाद में शिक्षकों ने स्थिति सामान्य कराई और पढ़ाई फिर से शुरू कराई गई।
अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है। यहां इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि शिक्षक और प्राचार्य के बीच किसी भी विवाद का समाधान आपसी बातचीत और विभागीय प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद विद्यालयों में अनुशासन और कार्यस्थल पर व्यवहार को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन के बीच आपसी समन्वय बेहतर रहे तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालयों में समय-समय पर संवाद और विवाद समाधान की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए ताकि छोटे-छोटे मतभेद बड़े विवाद का रूप न लें।
निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं होगा। उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दोनों पक्षों के लिखित जवाब के आधार पर निष्कर्ष निकाला जाएगा। यदि जांच में किसी कर्मचारी की गलती सामने आती है तो बिहार शिक्षा विभाग के सेवा नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले पर शिक्षा विभाग की नजर बनी हुई है। विद्यालय प्रशासन भी सामान्य शैक्षणिक माहौल बनाए रखने का प्रयास कर रहा है ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और किसकी जिम्मेदारी तय होती है।