उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद के अध्यक्ष ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को लिखा पत्र, दरभंगा से पूर्णिया तक फोरलेन की जर्जर स्थिति से कराया अवगत
बिहार के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देने वाले सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों में शुमार एनएच-27 (National Highway 27) की खस्ताहाल स्थिति को लेकर अब उद्योग जगत और व्यवसायिक संगठनों ने तीखा विरोध जताना शुरू कर दिया है। उत्तर बिहार के प्रमुख व्यापारिक संगठन 'उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद' के अध्यक्ष ने देश के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री को एक गंभीर और विस्तृत पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने मुजफ्फरपुर और उत्तर बिहार से गुजरने वाले एनएच-27 के खासकर दरभंगा से पूर्णिया तक के हिस्से की अत्यंत जर्जर, दयनीय और जानलेवा स्थिति की ओर केंद्रीय मंत्री का गंभीर ध्यान आकृष्ट कराया है। अध्यक्ष ने बताया कि सड़क पर विशालकाय गड्ढे बन जाने के कारण न केवल आम जनता और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उत्तर बिहार का व्यापारिक आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
क्या है पूरा मामला और क्यों लिखा गया केंद्रीय मंत्री को पत्र?
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद के अध्यक्ष द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे एनएच-27 की महीनों से खराब पड़ी स्थिति मुख्य वजह है। पूर्वी-पश्चिमी गंतव्य को जोड़ने वाले इस राष्ट्रीय राजमार्ग को उत्तर बिहार की आर्थिक रीढ़ माना जाता है, जिससे प्रतिदिन हजारों की संख्या में मालवाहक ट्रक, व्यावसायिक वाहन और निजी गाड़ियां गुजरती हैं।
लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि दरभंगा से लेकर पूर्णिया तक का फोरलेन मार्ग पूरी तरह से उखड़ चुका है और सड़क कम, गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं। बरसात और भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क की सतह इतनी खराब हो चुकी है कि आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस खराब सड़क के कारण औद्योगिक उत्पादों के परिवहन में लागत और समय दोनों अत्यधिक बढ़ रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र के व्यापारियों और उद्योगपतियों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
दरभंगा से पूर्णिया तक का फोरलेन मार्ग गड्ढों में तब्दील: हादसों का बना सबब
पत्र में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि दरभंगा से पूर्णिया के बीच का लगभग पूरा फोरलेन पैच अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जगह-जगह सड़क धंस चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। रात के समय या बारिश के दिनों में इन गड्ढों का अंदाजा लगाना वाहन चालकों के लिए असंभव हो जाता है, जिसके कारण आए दिन गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।
मोटर चालकों, ट्रक ड्राइवरों और यात्रियों को इस रास्ते से गुजरने में भारी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों और चालकों का कहना है कि कई बार जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिसके बाद उद्योग परिषद को सीधे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री के पास गुहार लगाने के लिए विवश होना पड़ा।
व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव
उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद के अध्यक्ष ने अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री को यह भी समझाया है कि सड़क मार्ग की इस बदहाली का सीधा असर उत्तर बिहार की आर्थिकी पर पड़ रहा है। नेपाल और पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ने वाले इस अहम गलियारे (Corridor) पर व्यापारिक गतिविधियों का सुचारू रूप से चलना बेहद आवश्यक है।
पत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया है:
परिवहन लागत में वृद्धि: खराब सड़कों के कारण ट्रकों के पार्टपुर्जे जल्दी खराब होते हैं और ईंधन की खपत बढ़ जाती है, जिससे माल ढुलाई महंगी हो गई है।
समय की बर्बादी: जो सफर तय करने में कुछ ही घंटे लगने चाहिए, वह गड्ढों और ट्रैफिक जाम के कारण दोगुने समय में पूरा हो रहा है।
सुरक्षा की चिंता: यात्रियों और चालकों की जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है, जिससे जान-माल के नुकसान की आशंका बनी रहती है।
केंद्रीय मंत्रालय से त्वरित मरम्मत और उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग
उद्योग परिषद के अध्यक्ष ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री से पुरजोर मांग की है कि इस मामले को व्यक्तिगत रूप से संज्ञान में लिया जाए। पत्र के माध्यम से यह आग्रह किया गया है कि संबंधित निर्माण एजेंसियों (NHAI) और ठेकेदारों को तत्काल प्रभाव से कड़े निर्देश दिए जाएं ताकि दरभंगा से पूर्णिया तक के इस फोरलेन मार्ग की युद्धस्तर पर मरम्मत और री-कार्पेटिंग का कार्य शुरू हो सके।
व्यापारियों और आम जनता ने उम्मीद जताई है कि केंद्रीय स्तर पर हस्तक्षेप होने के बाद इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति में जल्द ही सुधार आएगा, जिससे न केवल हादसों पर लगाम लगेगी बल्कि उत्तर बिहार का व्यापारिक पहिया भी एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकेगा।