सावन मेले की तैयारियां तेज; नगर आयुक्त ने गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए दिए विशेष निर्देश, खस्ताहाल बरारी पुल घाट की सड़क पर सुधार कार्य युद्धस्तर पर जारी
भागलपुर, मुख्य संवाददाता: देवों के देव महादेव के अतिप्रिय पवित्र सावन मास के आगमन के साथ ही बाबा भोलेनाथ के भक्तों (कांवरियों और श्रद्धालुओं) का सैलाब भागलपुर की ओर उमड़ने लगा है। सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर देवघर की ओर प्रस्थान करने वाले और भागलपुर के विभिन्न ऐतिहासिक गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाने वाले शिवभक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में हाल ही में भागलपुर के नगर आयुक्त ने शहर के प्रमुख गंगा घाटों का औचक निरीक्षण किया और सावन मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
हालांकि, इस बार की तैयारियों के बीच बरारी पुल घाट की खस्ताहाल सड़क एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसे दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं।
नगर आयुक्त का घाटों का दौरा और व्यवस्थाओं की समीक्षा
सावन मेले के दौरान विधि-व्यवस्था और साफ-सफाई को चाक-चौबंद रखने के लिए नगर आयुक्त ने निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बरारी सीढ़ी घाट, मोजाहिदपुर, बूढ़ानाथ घाट और मुख्य रूप से बरारी पुल घाट का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि गंगा घाटों पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
नगर आयुक्त द्वारा जारी किए गए प्रमुख दिशा-निर्देशों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
साफ-सफाई और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव: गंगा घाटों और उनके आसपास के रास्तों पर निरंतर स्वच्छता अभियान चलाने, कूड़ा-कर्कट हटाने तथा संक्रमण से बचाव के लिए ब्लीचिंग पाउडर और चूने का छिड़काव करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
बेहतर प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग): सावन के महीने में सुबह सवेरे और देर शाम तक कांवरियों का तांता लगा रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख घाटों और रास्तों पर हाई-मास्ट लाइटों और अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट्स को दुरुस्त करने को कहा गया है, ताकि अंधेरे के कारण किसी को परेशानी न हो।
कपड़ा बदलने के लिए अस्थायी चेंजिंग रूम और महिला शौचालय: महिला श्रद्धालुओं और कांवरियों की गोपनीयता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों के किनारे विशेष अस्थायी चेंजिंग रूम और बायो-टॉयलेट (मोबाइल शौचालय) स्थापित किए जा रहे हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और गोताखोर: गहरे पानी वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग लगाने और लाल झंडे लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी श्रद्धालु गहरे पानी में न जाए। इसके साथ ही, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) के साथ स्थानीय गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।
बरारी पुल घाट की खस्ताहाल सड़क बनी चिंता का विषय, चल रहा है सुधार कार्य
श्रावण मास में कांवरियों के आवागमन के लिहाज से बरारी पुल घाट का मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन, पिछले कुछ महीनों से इस मुख्य मार्ग की सड़क की स्थिति काफी जर्जर और खस्ताहाल बनी हुई थी। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने के कारण बारिश के दिनों में यहां जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे श्रद्धालुओं और वाहनों के चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
सड़क की इस बदतर हालत को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त और स्थानीय प्रशासन ने सावन शुरू होने से पहले ही मरम्मत कार्य शुरू कराने के आदेश दिए थे। वर्तमान में बरारी पुल घाट की इस टूटी-फूटी सड़क को ठीक करने के लिए युद्धस्तर पर पेचवर्क (Patchwork) और मिट्टी-गिरे्टी डालने का कार्य चल रहा है। निगम के इंजीनियरों को निर्देश दिया गया है कि वे दिन-रात काम कराकर सावन की मुख्य तिथियों (सोमवार और विशेष मेलों के दिनों) से पहले सड़क को पूरी तरह चलने योग्य और सुरक्षित बनाएं, ताकि कांवरियों के पैरों में कंकड़ या गड्ढों के कारण चोट न लगे।
स्थानीय लोगों और कांवरियों में उत्साह के साथ उम्मीदें
प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे इन कदमों का स्थानीय नागरिकों और शिव भक्तों ने स्वागत किया है। हालांकि, उनका मानना है कि यदि सड़कों की मरम्मत का कार्य थोड़ा और पहले शुरू किया जाता, तो सावन की शुरुआत के साथ ही लोगों को बेहतर सड़क मिलती। फिर भी, प्रशासनिक सक्रियता को देखकर यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कांवरियों को यात्रा के दौरान राहत मिलेगी।
सावन मास के पवित्र अवसर पर भागलपुर के गंगा घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ के स्वागत के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन पूरी तरह कमर कस चुका है। बरारी पुल घाट की खस्ताहाल सड़क को समय रहते सुधारने के लिए चल रहे प्रयास यह साबित करते हैं कि प्रशासन श्रद्धालुओं की सुगमता और सुरक्षा के प्रति गंभीर है। यदि सभी प्रबंध समय पर और पूरी ईमानदारी से धरातल पर उतर आए, तो भागलपुर में इस बार का सावन मेला पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और यादगार साबित होगा।