गोविंद शर्मा हत्याकांड में फरार शूटर राजा सिंह पर शिकंजा कसने की तैयारी, पुलिस जल्द जारी करेगी इश्तेहार
मुजफ्फरपुर: चर्चित शूटर गोविंद शर्मा हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी राजा सिंह की गिरफ्तारी के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी के खिलाफ अब पुलिस इश्तेहार (Proclamation Notice) जारी करने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसियों को सूचना मिली है कि राजा सिंह बिहार छोड़कर किसी दूसरे राज्य में छिपा हुआ है। पुलिस को उसके सिलीगुड़ी में होने की अहम जानकारी भी हाथ लगी है, जिसके बाद उसे पकड़ने के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोपी जल्द आत्मसमर्पण नहीं करता है तो अदालत से अनुमति लेकर उसके खिलाफ इश्तेहार जारी किया जाएगा। इसके बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।
चर्चित हत्याकांड में मुख्य आरोपी
गोविंद शर्मा हत्याकांड मुजफ्फरपुर के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल है। इस घटना के बाद जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए कई आरोपियों की पहचान की और कुछ की गिरफ्तारी भी की, लेकिन मुख्य आरोपियों में शामिल राजा सिंह अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
जांच के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने राजा सिंह की भूमिका को महत्वपूर्ण माना है। उसके खिलाफ पहले ही कई धाराओं में मामला दर्ज किया जा चुका है।
साहेबगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है राजा सिंह
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राजा सिंह मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र का निवासी है। घटना के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा है। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर कई बार छापेमारी की, लेकिन हर बार वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया।
पुलिस का मानना है कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बच सके।
सिलीगुड़ी में छिपे होने की सूचना
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण इनपुट मिला है कि राजा सिंह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी इलाके में छिपा हुआ हो सकता है। इस सूचना के बाद स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों से संपर्क स्थापित किया गया है।
तकनीकी निगरानी के साथ-साथ मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर उसके सटीक ठिकाने का खुलासा नहीं किया है, ताकि गिरफ्तारी अभियान प्रभावित न हो।
इश्तेहार जारी करने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लगातार फरार है और अदालत में भी उपस्थित नहीं हो रहा है। ऐसे में न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद उसके खिलाफ इश्तेहार जारी किया जाएगा।
इश्तेहार जारी होने के बाद आरोपी को निर्धारित अवधि के भीतर अदालत या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो कानून के तहत उसकी चल-अचल संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
कई जगहों पर हुई छापेमारी
राजा सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने बिहार के विभिन्न जिलों सहित दूसरे राज्यों में भी कई स्थानों पर छापेमारी की है। पुलिस टीम लगातार उसके रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित सहयोगियों पर भी नजर बनाए हुए है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपी को स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों का सहयोग मिल रहा है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
तकनीकी जांच पर विशेष जोर
पुलिस इस मामले में तकनीकी जांच को सबसे महत्वपूर्ण मान रही है। मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों, बैंक लेन-देन और डिजिटल संचार के माध्यम से आरोपी की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच टीम को उम्मीद है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचना आसान होगा।
अन्य आरोपियों से पूछताछ
मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके आरोपियों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि फरार आरोपी किन लोगों के संपर्क में है और उसे कहां से आर्थिक या अन्य प्रकार की सहायता मिल रही है।
यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की अपील
मुजफ्फरपुर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को राजा सिंह के संबंध में कोई जानकारी मिले तो वह तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी फरार अपराधी को शरण देना या उसकी मदद करना कानूनन अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई का संदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इश्तेहार जारी करने और कुर्की-जब्ती जैसी कानूनी प्रक्रियाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरोपी कानून से बच न सके।
हाल के वर्षों में बिहार पुलिस ने कई मामलों में फरार अपराधियों के खिलाफ इसी प्रकार की कार्रवाई कर उन्हें आत्मसमर्पण करने या गिरफ्तार होने के लिए मजबूर किया है।
स्थानीय लोगों में चर्चा
गोविंद शर्मा हत्याकांड को लेकर इलाके में अब भी चर्चा बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से मामले का जल्द खुलासा होगा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होगी।
लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि कानून का भय बना रहे।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस की कई टीमें राजा सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर उसके संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। साथ ही, यदि वह कानून से बचने का प्रयास जारी रखता है तो उसके खिलाफ इश्तेहार जारी करने के बाद कुर्की-जब्ती सहित सभी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।