कोरोना की आहट से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप; 65 वर्षीय बुजुर्ग में संक्रमण की पुष्टि, मायागंज अस्पताल में आइसोलेशन में भर्ती
भागलपुर: लंबे समय से सुस्त पड़े कोरोना के मामलों के बीच भागलपुर जिले में एक बार फिर संक्रमण की आहट ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। जिले में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। संक्रमित मरीज की पुष्टि एक निजी पैथोलॉजी सेंटर में की गई आरटीपीसीआर (RT-PCR) जांच रिपोर्ट के बाद हुई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में जेएलएनएमसीएच (मायागंज अस्पताल) के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया है।
मामले का खुलासा और अस्पताल में भर्ती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग को पिछले कुछ दिनों से खांसी, बुखार और सांस लेने में हल्की तकलीफ महसूस हो रही थी। परिजनों ने एहतियात के तौर पर उन्हें शहर के एक निजी पैथोलॉजी सेंटर ले जाकर आरटीपीसीआर जांच करवाई। जांच की रिपोर्ट जैसे ही पॉजिटिव आई, अस्पताल प्रबंधन और परिवार के लोग सकते में आ गए।
नियमों का पालन करते हुए बुजुर्ग को तत्काल मायागंज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया। अस्पताल के नोडल अधिकारियों ने बताया कि मरीज अभी स्थिर हैं, लेकिन उनकी उम्र और पहले से मौजूद अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।
संपर्क में आए लोगों की तलाश (Contact Tracing)
इस मामले के सामने आते ही जिले के स्वास्थ्य विभाग ने ‘कांटेक्ट ट्रेसिंग’ (संपर्क में आए लोगों की पहचान) की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग की एक विशेष टीम बुजुर्ग के परिजनों और पिछले एक सप्ताह के दौरान उनके संपर्क में आए अन्य लोगों की सूची तैयार कर रही है।
सिविल सर्जन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार:
परीक्षण की रणनीति: बुजुर्ग के परिवार के सभी सदस्यों की तत्काल जांच के लिए सैंपल लिए जाएंगे।
आइसोलेशन: जो लोग भी मरीज के सीधे संपर्क में थे, उन्हें होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है।
सैनिटाइजेशन: बुजुर्ग जिस इलाके में रहते हैं, वहां नगर निगम की टीम द्वारा सैनिटाइजेशन और साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है।
क्या फिर बढ़ रहा है कोरोना का खतरा?
इस मामले ने आम लोगों के बीच फिर से डर का माहौल बना दिया है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डरने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना अनिवार्य है। मायागंज अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में कोविड से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से ही मौजूद हैं। ऑक्सीजन प्लांट से लेकर दवाइयों की उपलब्धता तक, सबकुछ दुरुस्त है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मौसमी बदलाव के समय वायरल बुखार और कोविड के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं, इसलिए मरीजों को लक्षण दिखते ही खुद से दवा न लेकर डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आम जनता के लिए अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि एहतियात बरतें:
मास्क का प्रयोग: भीड़-भाड़ वाले इलाकों में और बंद जगहों पर मास्क पहनना फिर से शुरू करें।
हाथों की स्वच्छता: सैनिटाइजर या साबुन से नियमित रूप से हाथ धोते रहें।
टीकाकरण का अपडेट: यदि किसी ने प्रिकॉशन डोज नहीं ली है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर लगवाएं।
लक्षणों की अनदेखी न करें: यदि बुखार, सर्दी या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत जांच करवाएं।
प्रशासन की तैयारी और सतर्कता
जिलाधिकारी ने सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर और पीपीई किट की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जिले की सीमावर्ती क्षेत्रों में भी रैंडम चेकिंग के संकेत दिए गए हैं, ताकि संक्रमण को बाहर से आने वाले लोगों के माध्यम से फैलने से रोका जा सके।
सतर्कता ही बचाव है
भागलपुर का यह मामला एक चेतावनी है कि कोरोना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। बुजुर्ग के संक्रमित होने से यह स्पष्ट है कि वृद्ध और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग अभी भी इस वायरस के निशाने पर हैं। आने वाले दिनों में जिले में होने वाले आयोजनों और सार्वजनिक स्थलों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम अगले 48 घंटों तक इस स्थिति पर बारीकी से नजर रखेगी। अगर अन्य लोग भी संक्रमित पाए जाते हैं, तो जिला प्रशासन और कड़े कदम उठा सकता है। तब तक के लिए, नागरिकों को स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।