बिहपुर में उत्साह के साथ मनाया गया ‘पंचायत विकास दिवस’; वर्ष 2026-27 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना पर हुई व्यापक चर्चा, ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से बनी विकास की रूपरेखा
भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के अंतर्गत आने वाले बिहपुर प्रखंड क्षेत्र में ग्रामीण विकास और पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्थानीय प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को बिहपुर क्षेत्र में ‘पंचायत विकास दिवस’ (Panchayat Vikas Diwas) का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर आगामी वित्तीय वर्ष ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) 2026-27 के तहत क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और नई कल्याणकारी योजनाओं को लेकर एक खुली आम सभा और कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) 2026-27 पर गहन मंथन
पंचायत विकास दिवस के इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर विकास योजनाओं का चयन सीधे ग्रामीणों की राय और जरूरतों के आधार पर करना था।
खुली चर्चा और प्राथमिकताएं: बैठक के दौरान वक्ताओं और पंचायत सचिवों ने वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की जाने वाली विकास योजनाओं की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर यह तय किया गया कि किस वार्ड और पंचायत में पेयजल, नाली-गली निर्माण, सड़क संपर्कता, स्ट्रीट लाइट, और शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़े किन कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पारदर्शिता और जवाबदेही: अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार द्वारा मिलने वाले फंड का सदुपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ हो, इसके लिए ग्राम सभा की यह बैठक एक मजबूत माध्यम है। हर नागरिक को यह जानने का अधिकार है कि उनके क्षेत्र के विकास के लिए कितना बजट आया है और उसका खर्च कहां हो रहा है।
अधिकारियों की अपील: योजनाओं के क्रियान्वयन में बढ़-चढ़कर लें हिस्सा
कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न विभागों के प्रखंड स्तरीय अधिकारियों और पंचायत समन्वयकों ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पंचायती राज अधिनियम और योजनाओं की जानकारी दी।
सक्रिय भागीदारी का आह्वान: अधिकारियों ने उपस्थित जनसमूह से अपील करते हुए कहा कि केवल सरकार की योजनाएं आने से विकास संभव नहीं है, जब तक कि आम नागरिक खुद आगे आकर अपनी समस्याओं को सामने न रखें और योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी न करें।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी: इस दौरान ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा (MGNREGA), लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, और वृद्धा पेंशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के अद्यतन दिशा-निर्देशों से भी अवगत कराया गया, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।
ग्रामीणों ने रखी अपनी समस्याएं और सुझाव
बिहपुर में आयोजित इस पंचायत विकास दिवस के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर अपनी बात रखी और खुलकर अपने सुझाव साझा किए।
बुनियादी सुविधाओं पर जोर: कई वार्डों से आए ग्रामीणों ने जल जमाव की समस्या, खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत, और ग्रामीण सड़कों के जीर्णोद्धार की मांग को प्रमुखता से उठाया। अधिकारियों ने ग्रामीणों की इन समस्याओं को नोट करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि GPDP 2026-27 की कार्ययोजना में इन सभी बिंदुओं को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।
युवाओं और महिलाओं की हिस्सेदारी: इस बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं और युवाओं ने भी भारी संख्या में भाग लिया। महिला समूहों (जीविका दीदियों) ने अपने गांवों में आजीविका के नए साधनों और कौशल विकास प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाओं को शामिल करने का प्रस्ताव रखा।
बिहपुर में रविवार को आयोजित ‘पंचायत विकास दिवस’ और वर्ष 2026-27 की ग्राम पंचायत विकास योजना पर आधारित यह चर्चा ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बेहतरीन पहल साबित हुई है। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच हुए इस दोतरफा संवाद से यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले वित्तीय वर्ष में बिहपुर के ग्रामीण इलाकों में विकास की रफ्तार और अधिक तेज होगी। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल योजनाओं के चयन में पारदर्शिता आती है, बल्कि आम जनता में अपने क्षेत्र के विकास के प्रति अपनत्व और जिम्मेदारी की भावना भी प्रबल होती है।