गौड़ाबौराम में पंचायत विकास दिवस का आयोजन, विकास योजनाओं की समीक्षा और जनभागीदारी पर दिया गया जोर
दरभंगा/गौड़ाबौराम: दरभंगा जिले के गौड़ाबौराम प्रखंड में रविवार को विभिन्न ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन उत्साह और सहभागिता के साथ किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) सुजीत कुमार की देखरेख में हुआ। इस अवसर पर विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, वार्ड सदस्य, जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करना, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच संवाद स्थापित करना तथा गांवों के समग्र विकास के लिए नई कार्ययोजना तैयार करना था। अधिकारियों ने पंचायतों को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने पर विशेष जोर दिया।
पंचायतों में विकास योजनाओं की हुई समीक्षा
कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक पंचायत में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने आवास योजना, मनरेगा, स्वच्छता अभियान, पेयजल, सड़क निर्माण, जल-जीवन-हरियाली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा अन्य योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
जहां योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की समस्या सामने आई, वहां संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बीपीआरओ सुजीत कुमार ने दिए आवश्यक निर्देश
प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी सुजीत कुमार ने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी मुखियाओं और पंचायत सचिवों से योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने तथा कार्यों की नियमित निगरानी करने की अपील की।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में उपस्थित मुखियाओं और पंचायत प्रतिनिधियों से कहा गया कि वे ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनें और उनका समय पर समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि पंचायत विकास तभी संभव है जब जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर ईमानदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करें।
ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएं
पंचायत विकास दिवस के दौरान ग्रामीणों को अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का अवसर भी दिया गया। लोगों ने सड़क, नाली, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित विभिन्न मुद्दे अधिकारियों के समक्ष उठाए।
अधिकारियों ने संबंधित मामलों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया और कई समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल निर्देश भी जारी किए।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा
बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं के चयन, स्वीकृति और क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए।
उन्होंने पंचायत सचिवों से सभी अभिलेखों और विकास कार्यों का अद्यतन रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल
कार्यक्रम में स्वच्छ गांव, स्वच्छ जल स्रोत और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष चर्चा की गई। ग्रामीणों से वृक्षारोपण, जल संरक्षण और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई।
अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ पंचायत ही समग्र विकास का आधार बन सकती है।
डिजिटल पंचायत की दिशा में प्रयास
बैठक में पंचायत प्रशासन में डिजिटल तकनीक के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया गया। सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी, डिजिटल रिकॉर्ड और पारदर्शी प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक जानकारी दी गई।
इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी और पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई गई।
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम में महिलाओं और युवाओं की पंचायत विकास में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से विकास योजनाएं अधिक प्रभावी और जनहितकारी बन सकती हैं।
महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को भी पंचायत के विकास कार्यों में सहयोग करने का आह्वान किया गया।
पंचायत सचिवों को दिए गए निर्देश
पंचायत सचिवों को निर्देश दिया गया कि वे सभी योजनाओं के रिकॉर्ड को नियमित रूप से अद्यतन रखें, समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें और विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
साथ ही योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा कर आवश्यक जानकारी उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराने को कहा गया।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि पंचायत विकास दिवस जैसे आयोजन ग्रामीण विकास को नई दिशा देंगे। इससे पंचायत स्तर पर समस्याओं की पहचान और उनके त्वरित समाधान में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार और पंचायतों के समन्वित प्रयास से गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
दरभंगा के गौड़ाबौराम प्रखंड में आयोजित पंचायत विकास दिवस ने पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां विकास योजनाओं की समीक्षा, जनसमस्याओं पर चर्चा और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी सुजीत कुमार की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में पारदर्शिता, जनभागीदारी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। उम्मीद है कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण विकास को गति मिलेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुंच सकेगा।