राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्वच्छता पखवाड़ा के तहत पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन; छात्राओं ने रंगों के माध्यम से दिया स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बिहार के पूर्णिया जिले में इन दिनों स्वच्छता को लेकर जन-जागरूकता अभियानों का दौर जोरों पर है। इसी क्रम में पूर्णिया के प्रतिष्ठित राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'स्वच्छता पखवाड़े' के तहत एक विशेष और आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं के बीच पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बालिकाओं ने अपनी तूलिका (ब्रश) और रंगों के माध्यम से स्वच्छता के संदेश को बेहद खूबसूरती से कैनवास पर उकेरा।
रंगों के जरिए उकेरी गई स्वच्छता की परिकल्पना
प्रतियोगिता का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक था। विद्यालय के सभागार या मुख्य कक्ष में आयोजित इस पेंटिंग प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्राओं ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। स्कूल की बालिकाओं ने अपनी कल्पनाशीलता का परिचय देते हुए कागज पर ऐसे चित्र बनाए जो सीधे तौर पर हमारे दैनिक जीवन में स्वच्छता के महत्व को दर्शाते हैं।
स्वच्छ परिवेश और हरा-भरा पर्यावरण: छात्राओं ने अपनी पेंटिंग्स में साफ-सुथरे गाँव, स्वच्छ शहर, नीले आसमान और हरे-भरे पेड़ों के साथ एक आदर्श पर्यावरण की रूपरेखा तैयार की।
कूड़ेदान का सही उपयोग: कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय उसे सही जगह यानी नीले और हरे कूड़ेदान (डस्टबिन) में डालने के संदेश को चित्रों के माध्यम से बहुत ही सहजता से समझाया गया।
जल संरक्षण और व्यक्तिगत स्वच्छता: हाथ धोने की आदत (Handwashing), प्लास्टिक मुक्त भारत (Plastic-free India) और जल स्रोतों की सफाई जैसे विषयों को भी छात्राओं ने अपनी कलाकृतियों में बखूबी जगह दी।
शिक्षकों और अतिथियों ने की छात्राओं की सराहना
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकगण, प्रधानाचार्य और अन्य प्रशासनिक कर्मी उपस्थित रहे। उन्होंने सभी छात्राओं की कलाकृतियों का बारीकी से निरीक्षण किया और उनकी प्रतिभा की भूरी-भरी प्रशंसा की।
शिक्षकों ने इस अवसर पर छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पेंटिंग केवल एक कला या शौक नहीं है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने का एक बेहद प्रभावी माध्यम है। जब एक बच्ची या युवा अपने चित्रों के जरिए स्वच्छता और स्वास्थ्य का संदेश देता है, तो उसका प्रभाव समाज के हर वर्ग पर गहरा पड़ता है। स्वच्छता पखवाड़े के तहत इस तरह के आयोजनों से बच्चों में कम उम्र से ही नैतिक जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकार की भावना विकसित होती है।
स्वच्छता पखवाड़े का उद्देश्य और जन-जागरूकता
स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में इस तरह की रचनात्मक प्रतियोगिताओं (जैसे वाद-विवाद, निबंध लेखन, नारा लेखन और पेंटिंग) के आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को साफ-सफाई के प्रति सजग करना है। पूर्णिया जिले में चलाए जा रहे इन अभियानों का सकारात्मक असर अब दिखने लगा है। विद्यालय की छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे न केवल अपने स्कूल और कक्षाओं को साफ रखेंगी, बल्कि अपने घर और आसपास के मोहल्लों में भी लोगों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करेंगी।
प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं की कलाकृतियों को सराहा गया और उन्हें इस रचनात्मक प्रयास के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस सफल आयोजन से पूरे विद्यालय परिसर में एक ऊर्जावान और सकारात्मक माहौल देखने को मिला।