एनआई (NI Act) एक्ट के आरोपी की तलाश में पहाड़गंज थाने की टीम ने कलबाग चौक और गन्नीपुर इलाके में की छापेमारी, स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर खंगाले जा रहे हैं सुराग
देश की राजधानी दिल्ली से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। सोमवार के दिन दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कदम रखा और वहां कानून-व्यवस्था के गलियारों में हलचल तेज कर दी। मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act - चेक बाउंस या वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा कानून) के एक मामले से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। दिल्ली के प पहाड़गंज थाने (Paharganj Police Station) के हवलदार सुनील कुमार के नेतृत्व में आई पुलिस टीम ने मुजफ्फरपुर के स्थानीय काजीमोहम्मदपुर थाने के सहयोग से शहर के व्यस्त और प्रमुख इलाकों जैसे कलबाग चौक और गन्नीपुर इलाके में पहुंचकर आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। इस अचानक हुई छापेमारी और पुलिस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला? क्यों मुजफ्फरपुर पहुँची दिल्ली पुलिस?
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह पूरा प्रकरण चेक बाउंस या वित्तीय लेन-देन से जुड़े एनआई एक्ट (Negotiable Instruments Act) के एक वारंट या मामले से संबंधित है। दिल्ली के पहाड़गंज थाने में दर्ज एक मुकदमे के सिलसिले में अदालत द्वारा आरोपी के खिलाफ कानूनी निर्देश या गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
जांच के दौरान जब दिल्ली पुलिस को यह अहम सुराग मिला कि संबंधित मामले का आरोपी बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का रहने वाला है और फिलहाल वहीं छिपा हुआ है या अपने ठिकानों पर सक्रिय है, तो पहाड़गंज थाने की पुलिस ने बिना देर किए मुजफ्फरपुर के लिए प्रस्थान किया। सोमवार को दिल्ली पुलिस की टीम सीधे मुजफ्फरपुर पहुँची और स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर अपनी रणनीति को अमलीजामा पहनाना शुरू किया।
कलबाग चौक और गन्नीपुर इलाके में छापेमारी, हवलदार सुनील कुमार ने संभाली कमान
सोमवार को दिल्ली पुलिस के हवलदार सुनील कुमार के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने मुजफ्फरपुर के काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कलबाग चौक और गन्नीपुर मोहल्ले में ताबड़तोड़ दबिश दी। पुलिस टीम ने स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और आसपास के लोगों से आरोपी के बारे में पूछताछ की तथा उसके वर्तमान ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित छुपने के ठिकानों पर पैनी नजर रखी हुई है और उसके करीबियों या परिजनों से भी संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है। अचानक दिल्ली पुलिस को अपने इलाके में देखकर स्थानीय लोगों और दुकानदारों के बीच तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। हालांकि, स्थानीय काजीमोहम्मदपुर थाना पुलिस पूरी तरह से दिल्ली पुलिस के साथ मुस्तैद नजर आई और हरसंभव प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया।
कानूनी शिकंजा और आगे की कार्रवाई की तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि एनआई एक्ट के मामलों में जब आरोपी अदालत के सम्मन या वारंट के बावजूद लगातार उपस्थित नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए जाते हैं, जिसके तहत दूसरे राज्यों की पुलिस को भी स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश देनी पड़ती है।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और आर्थिक अपराध या वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह राज्य की सीमाएं लांघकर ही क्यों न छिपा हो। समाचार लिखे जाने तक दिल्ली और मुजफ्फरपुर की संयुक्त पुलिस टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और बहुत जल्द इस मामले में कोई बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।