दरभंगा के पतोर थाना क्षेत्र में सीताराम पंडित की निर्मम हत्या के खिलाफ महिलाओं का फूटा गुस्सा: न्याय की मांग को लेकर थाने के पास सड़क जाम कर किया जोरदार प्रदर्शन
दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के पतोर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और आक्रोशित कर देने वाली खबर सामने आ रही है। क्षेत्र में हुई सीताराम पंडित की हत्या के विरोध में स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। हत्यारों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने और पुलिस की लचर कार्यशैली से नाराज दर्जनों की संख्या में महिलाओं ने पतोर थाना के समीप मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क पर उतरकर महिलाओं ने करीब दो घंटे तक जमकर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। सड़क जाम होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों और आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
घटना की पृष्ठभूमि: क्या है सीताराम पंडित हत्याकांड का मामला?
विगत कुछ दिनों पूर्व पतोर थाना क्षेत्र में सीताराम पंडित नामक एक व्यक्ति की संदिग्ध और निर्मम परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी।
अपराधियों के हौसले बुलंद: इस घटना के बाद से ही इलाके में भय और तनाव का माहौल व्याप्त था। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना को काफी दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस असल हत्यारों तक पहुंचने में नाकाम साबित हुई है। पुलिस की इस सुस्त और उदासीन कार्रवाई से ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया।
न्याय की आस में सड़क पर उतरीं महिलाएं: पुलिस द्वारा अपराधियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी से क्षुब्ध होकर मृतक के परिवार की महिलाओं और आसपास की अन्य स्थानीय महिलाओं ने स्वतःस्फूर्त रूप से सड़क पर उतरने का निर्णय लिया। उनका स्पष्ट कहना था कि जब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
दो घंटे तक चला उग्र प्रदर्शन और सड़क जाम
सुबह-सवेरे महिलाओं द्वारा अचानक सड़क जाम किए जाने से स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए।
आवाजाही पूरी तरह ठप: पतोर थाना के पास मुख्य सड़क पर महिलाओं ने टायर जलाकर या खुद धरने पर बैठकर आवाजाही पूरी तरह बाधित कर दी। हाथों में तख्तियां लिए महिलाओं ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ रोषपूर्ण नारे लगाए। उनका कहना था कि पुलिस अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है और लीपापोती में जुटी हुई है।
यातायात व्यवस्था प्रभावित: सड़क जाम होने के कारण दरभंगा की तरफ आने-जाने वाले छोटे-बड़े वाहन घंटों फंसे रहे। स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले कर्मी और आम राहगीर इस जाम की वजह से भीषण गर्मी और परेशानी के बीच जूझते नजर आए।
पुलिस अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद खुला जाम
घटना की सूचना मिलते ही पतोर थाना की पुलिस के साथ-साथ वरीय अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुट गए।
वार्ता और आश्वासन: प्रदर्शनकारी महिलाएं किसी भी कीमत पर पुलिस के मौखिक आश्वासनों पर मानने को तैयार नहीं थीं। वे उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी का लिखित आश्वासन चाहती थीं। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
कार्रवाई का भरोसा: पुलिस प्रशासन की तरफ से यह कड़ा भरोसा दिलाया गया कि हत्या में शामिल सभी नामजद और अज्ञात अपराधियों की पहचान कर ली गई है तथा उन्हें दबोचने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बहुत जल्द सभी अपराधी कानून के शिकंजे में होंगे। इस ठोस आश्वासन के बाद कहीं जाकर महिलाओं ने दो घंटे के बाद सड़क जाम समाप्त किया।
दरभंगा के पतोर थाना क्षेत्र में सीताराम पंडित की हत्या के खिलाफ महिलाओं द्वारा किया गया यह दो घंटे का सड़क जाम और प्रदर्शन इस बात का स्पष्ट संदेश है कि आम जनता अब अपराधियों के बढ़तेौौ और पुलिस की सुस्ती को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। न्याय की मांग को लेकर महिलाओं का यह सड़क पर उतरना लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का एक सशक्त उदाहरण है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस प्रशासन अपने वादों पर कितना खरा उतरता है और कब तक इस हत्याकांड के असली दोषियों को सलाखों के पीछे पहुँचा पाता है।