रानीपतरा से रहस्यमय ढंग से लापता हुए संचालक ने खोले राज, बताया- पांच नकाबपोश बदमाशों ने किया था अपहरण और नेपाल के लुंबिनी ले जाकर दिया था घटना को अंजाम; पुलिस जांच में जुटी
बिहार के पूर्णिया जिले से एक बहुत ही राहत भरी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पूर्णिया जिले के कस्बा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रानीपतरा इलाके से अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) के संचालक मो. अब्दुल जलील आखिरकार गुरुवार को सुरक्षित अपने घर लौट आए। उनके सकुशल घर लौटने से परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। घर लौटने के बाद मो. अब्दुल जलील ने पुलिस को जो आपबीती सुनाई, उसने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि पांच अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें जबरन बेहोश कर दिया था और होश आने पर उन्होंने खुद को पड़ोसी देश नेपाल के लुंबिनी में पाया। इस घटना के सामने आने के बाद पूर्णिया पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपनी जांच का दायरा और अधिक बढ़ा दिया है और अपराधियों की सुरागकशी में जुट गई है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई थी लापता होने की शुरुआत?
यह पूरा मामला पूर्णिया के रानीपतरा क्षेत्र का है, जहां मो. अब्दुल जलील एसबीआई का ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) संचालित करते हैं। रोज़मर्रा की तरह वह अपने काम में व्यस्त थे, लेकिन अचानक उनके लापता होने से इलाके में हड़कंप मच गया था।
अचानक गायब होने से मचा था कोहराम: कुछ दिन पहले सीएसपी संचालक मो. अब्दुल जलील संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक गायब हो गए थे। परिजनों ने जब उनकी काफी खोजबीन की और उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने को दी।
व्यापारियों और परिजनों में थी चिंता: एक सीएसपी संचालक के अचानक इस तरह गायब हो जाने से इलाके के व्यापारियों और उनके परिवार के बीच गहरी चिंता और डर का माहौल बन गया था। पुलिस ने भी परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर उनकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया था।
घर लौटने के बाद मो. अब्दुल जलील ने किया सनसनीखेज खुलासा
गुरुवार को जब मो. अब्दुल जलील अचानक अपने घर वापस लौटे, तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हालांकि, उनके लौटने के बाद उन्होंने जो कहानी पुलिस और परिजनों को बताई, उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नकाबपोश बदमाशों द्वारा बेहोश करने का दावा: मो. अब्दुल जलील ने पुलिस को दिए अपने शुरुआती बयान में बताया कि कुछ बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें निशाना बनाया। पांच की संख्या में आए नकाबपोश बदमाशों ने उनके साथ जबरदस्ती की और उन्हें किसी तरह बेहोश (नशीला पदार्थ सुंघाकर या अन्य तरीके से) कर दिया।
नेपाल के लुंबिनी में आँख खुली: सीएसपी संचालक ने बताया कि जब उन्हें होश आया, तो वे अपने सामान्य ठिकाने पर नहीं थे, बल्कि वे नेपाल के प्रसिद्ध ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल लुंबिनी में थे। बदमाशों ने उन्हें वहां किस मकसद से बंधक बनाया था या उनके साथ क्या कुछ हुआ, इस संबंध में पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
मो. अब्दुल जलील के सुरक्षित लौटने के बाद पूर्णिया पुलिस अब राहत की सांस लेने के साथ-साथ इस पूरे अपहरण और रहस्यमय वापसी के पीछे की सच्चाई का पता लगाने में जुट गई है।
कथन का सत्यापन (Verification of Statements): पुलिस अब सीएसपी संचालक द्वारा बताए गए रूट, नेपाल के लुंबिनी तक के सफर और बदमाशों के तौर-तरीकों की तकनीकी जांच (Technical Surveillance) कर रही है। यह भी खंगाला जा रहा है कि क्या इसके पीछे कोई व्यावसायिक रंजिश, रंगदारी या लूटपाट की साजिश थी।
सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं: पुलिस रानीपतरा से लेकर नेपाल सीमा तक के टोल प्लाजा, रास्तों और संदिग्ध स्थानों के सीसीटीवी फुटेज को खंगालने की तैयारी कर रही है ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके।
मो. अब्दुल जलील के सकुशल घर लौटने से भले ही उनके परिवार में खुशी का माहौल लौट आया हो, लेकिन बदमाशों का इस तरह एक राज्य से दूसरे देश तक ले जाकर इस घटना को अंजाम देना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस ने जल्द ही इस मामले का पूरा खुलासा करने का भरोसा दिलाया है।