सीटू, अखिल भारतीय किसान सभा और खेत-ग्राम मजदूर यूनियन का संयुक्त एक दिवसीय जिला सम्मेलन आज; कचहरी परिसर स्थित मनोरंजन भवन में दोपहर 1 बजे से श्रमिक, किसान और मजदूरों के अधिकारों पर होगा मंथन

भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार के ऐतिहासिक और औद्योगिक शहर भागलपुर में आज श्रमिक वर्ग, अन्नदाता किसानों और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों को लेकर एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण वैचारिक मंथन होने जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और ग्रामीण क्षेत्रों की ज्वलंत समस्याओं के खिलाफ मजदूर संगठनों और किसान-मजदूर यूनियनों ने अपनी एकजुटता का शंखनाद कर दिया है। भाकपा (माले) और अन्य वामपंथी संगठनों से जुड़े प्रमुख श्रमिक व किसान संगठनों—सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (CITU / सीटू), अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS), और अखिल भारतीय खेत-ग्राम मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जिला सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह महत्वपूर्ण सम्मेलन शहर के कचहरी परिसर स्थित ऐतिहासिक मनोरंजन भवन में दोपहर ठीक 1:00 बजे से आरंभ होगा, जिसमें जिले भर से सैकड़ों की संख्या में मजदूर, किसान, खेतहार श्रमिक और विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

क्या है इस संयुक्त सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य और पृष्ठभूमि?

देश और राज्य की वर्तमान आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के बीच श्रमिकों, किसानों और ग्रामीण मजदूरों की स्थिति लगातार दयनीय होती जा रही है। संगठित और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले कामगारों के श्रम कानूनों में बदलाव, न्यूनतम मजदूरी का पालन न होना, किसानों को उनकी फसलों का उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) न मिलना और मनरेगा जैसी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार व काम की कमी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर वामपंथी और जन संगठनों में लंबे समय से उबाल देखा जा रहा है।

मजदूरों और किसानों की साझा लड़ाई: आयोजकों का कहना है कि पूंजीवादी नीतियों के खिलाफ अब मजदूरों और किसानों को अलग-अलग लड़ने के बजाय संयुक्त मोर्चे पर आकर संघर्ष करना होगा। यही कारण है कि सीटू, किसान सभा और खेत-ग्राम मजदूर यूनियन ने पहली बार भागलपुर में इस तरह का वृहद संयुक्त जिला सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है।

हकों की आवाज बुलंद करना: इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भागलपुर जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में हाशिए पर खड़े मेहनतकश अवाम की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना और उनके अधिकारों के लिए एक ठोस एवं जुझारू आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना है।

सम्मेलन के प्रमुख एजेंडे और विचारणीय बिंदु

कचहरी परिसर के मनोरंजन भवन में आयोजित होने वाले इस एक दिवसीय जिला सम्मेलन के एजेंडे में कई महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़े प्रस्तावों को शामिल किया गया है:

श्रम संहिताओं (Labour Codes) का विरोध: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार नए श्रम कानूनों (लेबर कोड) को वापस लेने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई जाएगी। यूनियनों का मानना है कि ये नए कानून कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में हैं और इनसे मजदूरों के दशकों पुराने अधिकार छिन जाएंगे।

न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा: असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, ईंट-भट्ठा श्रमिकों, रिक्शा-ठेला चालकों, घरेलू कामगारों और निर्माण मजदूरों के लिए 26,000 रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने तथा उन्हें पेंशन व स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाने की मांग पर गंभीर चर्चा होगी।

किसानों की समस्याएं और MSP कानून: स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सभी कृषि उपजों पर लागत का डेढ़ गुना (C2+50%) न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने और कानूनी गारंटी का कानून बनाने की मांग उठाई जाएगी। साथ ही, खाद, बीज, डीजल और बिजली की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने की मांग की जाएगी।

ग्रामीण मजदूरों के लिए मनरेगा योजना: ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन रोकने के लिए मनरेगा के तहत साल में कम से कम 200 दिन काम और 600 रुपये दैनिक मजदूरी देने, तथा कार्यदिवसों में हो रही धांधली को रोकने की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग को सम्मेलन के प्रस्तावों में प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

दिग्गज वामपंथी नेताओं की होगी गरिमामयी उपस्थिति

इस ऐतिहासिक संयुक्त जिला सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से लामबंदी और जन-संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। सम्मेलन में भागलपुर जिले के विभिन्न प्रखंडों—सुलतानगंज, शाहकुंड, पीरपैंती, गोराडीह, नाथनगर, सबौर, जगदीशपुर आदि से किसान, मजदूर और महिला प्रतिनिधि बड़ी संख्या में भाग लेने पहुंच रहे हैं।

राज्य स्तर के वक्ता: सम्मेलन को संबोधित करने के लिए सीटू, अखिल भारतीय किसान सभा और खेत-ग्राम मजदूर यूनियन के कई राज्यस्तरीय और राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज नेता भागलपुर पहुंच चुके हैं। वे अपने संबोधन में देश की मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करेंगे और आगामी बड़े आंदोलनों का आह्वान करेंगे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जनगीत: सम्मेलन की शुरुआत क्रांतिकारी जनगीतों और नारों के साथ होगी, जो उपस्थित जनसमूह में ऊर्जा और जोश का संचार करने का काम करेंगे।

प्रशासनिक सतर्कता और ट्रैफिक व्यवस्था

चूंकि यह सम्मेलन कचहरी परिसर के समीप स्थित मनोरंजन भवन में आयोजित हो रहा है और इसमें भारी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है, इसलिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कचहरी चौक और आसपास के मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

भागलपुर में सीटू, अखिल भारतीय किसान सभा और अखिल भारतीय खेत-ग्राम मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में होने जा रहा यह एक दिवसीय जिला सम्मेलन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि मेहनतकश वर्ग का हुंकार है। आज दोपहर 1 बजे से मनोरंजन भवन में शुरू होने वाला यह आयोजन आने वाले दिनों में भागलपुर की धरती पर एक बड़े जन-आंदोलन की नींव रख सकता है। यह सम्मेलन इस बात का स्पष्ट संदेश है कि यदि सरकारें आम जनता, किसानों और मजदूरों के हितों की अनदेखी करेंगी, तो श्रमिक वर्ग संगठित होकर सड़क से सदन तक अपनी आवाज बुलंद करने के लिए पूरी तरह तैयार है।