भोजपुर एनकाउंटर केस में नया मोड़, पीड़ित परिवार ने ठुकराई न्यायिक जांच; अब जाएंगे कोर्ट

भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के न्यायिक जांच के आदेश को मृतक के परिवार ने नाकाफी बताया है। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस जांच प्रक्रिया पर कोई भरोसा नहीं है और वे इंसाफ के लिए अब सीधे कोर्ट की चौखट पर जाएंगे।

 खबर के 3 बड़े अपडेट:

सरकार का एक्शन: चौतरफा दबाव के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। शाहपुर SHO समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए जा चुके हैं।

परिवार की मांग: मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी का कहना है कि यह 'मुठभेड़' नहीं बल्कि 'सोची-समझी हत्या' है। सस्पेंशन या जांच के बजाय दोषी पुलिसवालों पर सीधे हत्या (FIR 302) का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।

वीडियो ने पलटा केस: घटना के वक्त का एक फेसबुक लाइव वीडियो सामने आया है, जिसमें भरत तिवारी पुलिस के सामने अपनी पिस्तौल फेंककर सरेंडर करते दिख रहे हैं, जिसके बाद उन पर गोलियां चलाई गईं।

 पीड़ित परिवार का बड़ा बयान:

“जब वीडियो में साफ दिख रहा है कि मेरे बेटे ने हथियार डाल दिए थे, तो फिर जांच किस बात की? पुलिस को बचाने के लिए यह दिखावा किया जा रहा है। हम इस सरकारी जांच को स्वीकार नहीं करते, हम अदालत से न्याय मांगेंगे।”

परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों के इस रुख के बाद भोजपुर में तनाव और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। पीड़ित परिवार बहुत जल्द पटना हाई कोर्ट या स्थानीय अदालत में इस फर्जी एनकाउंटर के खिलाफ याचिका दायर करने की तैयारी में है।