बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के बाद नया विवाद, परिजनों को जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप; थाने में दर्ज कराया गया मामला
पटना। बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले के बाद अब एक नया विवाद सामने आया है। भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि परिवार के समर्थन में धरना-प्रदर्शन में शामिल रहे कुछ लोगों के साथ मारपीट की गई। इस पूरे मामले को लेकर संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के बाद से ही यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। एनकाउंटर को लेकर परिवार और उनके समर्थक विभिन्न स्तरों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते रहे हैं। इसी क्रम में समय-समय पर धरना-प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें स्थानीय लोगों के अलावा सामाजिक संगठनों और अन्य समर्थकों ने भी भाग लिया।
अब परिवार का आरोप है कि धरना-प्रदर्शन में उनके साथ खड़े होने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, कुछ लोगों ने कथित रूप से धमकी दी कि यदि परिवार के समर्थन में गतिविधियां जारी रहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। परिजनों का कहना है कि उन्हें लगातार मानसिक दबाव में रखने की कोशिश की जा रही है और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि धरना-प्रदर्शन के दौरान परिवार का साथ देने वाले कुछ लोगों के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। परिजनों का कहना है कि इस घटना से समर्थकों में भी भय का माहौल है। उन्होंने मांग की है कि आरोपित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लिखित रूप में संबंधित थाना पुलिस को दी है। शिकायत में कथित धमकी, मारपीट और अन्य आरोपों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और वे चाहते हैं कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो।
पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत में जिन लोगों के नाम या विवरण दिए गए हैं, उनसे पूछताछ की जा सकती है। साथ ही घटना से संबंधित संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। यदि आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हैं, तो उनकी फुटेज भी जांच का हिस्सा बनाई जा सकती है।
इस बीच, भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर पहले से चल रही बहस के बीच इस नए घटनाक्रम ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि अन्य ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी मामले में धमकी या मारपीट के आरोप सामने आने पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद आवश्यक होती है। उनका मानना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष के बारे में अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है। कई लोगों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, कुछ लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि परिवार और संबंधित सभी पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका न रहे।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने या न होने का निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इस बीच, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा रखें।
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के बाद सामने आया यह नया विवाद आने वाले दिनों में जांच की दिशा और पुलिस की कार्रवाई पर निर्भर करेगा। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।