आयुष्मान भारत योजना में नालंदा का बेहतर प्रदर्शन, अगस्त में राज्यभर में 13वां स्थान; आयुष्मान कार्ड बनाने की मुहिम को मिली गति

बिहारशरीफ। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के प्रभावी क्रियान्वयन में नालंदा जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अगस्त माह के प्रदर्शन के आधार पर जारी राज्य स्तरीय रैंकिंग में नालंदा ने 13वां स्थान प्राप्त किया है। जिले के इस प्रदर्शन को स्वास्थ्य विभाग ने संतोषजनक बताते हुए इसे और बेहतर बनाने के लिए अभियान तेज करने की बात कही है।

राज्य स्तरीय आंकड़ों के अनुसार, अरवल जिला 62.35 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि शेखपुरा 20वें स्थान पर है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया इसी गति से जारी रही तो आने वाले महीनों में नालंदा शीर्ष 10 जिलों में भी अपनी जगह बना सकता है।

आयुष्मान भारत योजना क्या है?

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि इलाज के खर्च के कारण किसी परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।

नालंदा ने दर्ज की उल्लेखनीय प्रगति

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। गांव-गांव विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण कर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।

आशा कार्यकर्ता, एएनएम, पंचायत प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से लोगों को योजना की जानकारी देने और पात्र परिवारों तक इसका लाभ पहुंचाने में जुटे हुए हैं।

राज्य स्तर पर 13वां स्थान

अगस्त माह की राज्य स्तरीय समीक्षा में नालंदा ने 13वां स्थान हासिल कर अपनी स्थिति मजबूत की है। अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि टीमवर्क, नियमित निगरानी और जागरूकता अभियान का परिणाम है।

हालांकि विभाग का लक्ष्य केवल रैंकिंग सुधारना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचाना है।

अरवल पहले, शेखपुरा 20वें स्थान पर

राज्य स्तर की रैंकिंग में अरवल जिला 62.35 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पहले स्थान पर रहा। जिले के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की जा रही है।

वहीं पड़ोसी जिला शेखपुरा 20वें स्थान पर है। स्वास्थ्य विभाग विभिन्न जिलों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा कर रहा है ताकि कम प्रदर्शन वाले जिलों में विशेष अभियान चलाए जा सकें।

आयुष्मान कार्ड बनाने पर विशेष जोर

स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान कार्ड बनाने के अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने सभी संबंधित कर्मियों को अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

गांवों, पंचायतों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि लोगों को आसानी से कार्ड उपलब्ध कराया जा सके।

पात्र परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

आयुष्मान कार्ड बनने के बाद लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार का लाभ उठा सकते हैं। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता मिलती है और गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर कार्ड बनने से जरूरत पड़ने पर मरीज बिना वित्तीय चिंता के इलाज करा सकते हैं।

जागरूकता अभियान भी जारी

कई ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी लोगों को योजना की पूरी जानकारी नहीं है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग व्यापक जनजागरूकता अभियान चला रहा है।

आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर पात्र परिवारों को योजना के लाभ, पात्रता और कार्ड बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे रही हैं। स्थानीय स्तर पर शिविर, बैठकें और प्रचार-प्रसार कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि आयुष्मान भारत योजना का प्रभावी क्रियान्वयन गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कैशलेस उपचार की सुविधा से गंभीर बीमारियों के इलाज में देरी कम होती है और मरीज समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।

विभाग ने तय किए नए लक्ष्य

स्वास्थ्य विभाग ने आने वाले महीनों के लिए नए लक्ष्य निर्धारित किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाकर जिले की रैंकिंग में और सुधार किया जाएगा।

इसके लिए नियमित समीक्षा बैठकें, प्रखंडवार निगरानी और विशेष अभियान जारी रहेंगे।

विशेषज्ञों ने सराहा प्रयास

स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों ने नालंदा के प्रदर्शन को सकारात्मक बताया है। उनका कहना है कि यदि जागरूकता अभियान और कार्ड निर्माण की प्रक्रिया इसी तरह जारी रही तो जिले का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि योजना की सफलता का वास्तविक पैमाना केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि पात्र लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रभावी लाभ पहुंचाना है।

अगस्त माह में आयुष्मान भारत योजना के तहत राज्य स्तर पर 13वां स्थान हासिल कर नालंदा जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। आयुष्मान कार्ड बनाने की गति बढ़ने से अधिक से अधिक पात्र परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल बेहतर रैंकिंग हासिल करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचाना है। यदि विभाग की वर्तमान रणनीति और जनजागरूकता अभियान इसी प्रकार जारी रहे, तो आने वाले समय में नालंदा राज्य के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हो सकता है और हजारों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा।