गोराडीह गांव में आपसी विवाद ने लिया खूनी रूप; हिंसक झड़प में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल, मायागंज अस्पताल में भर्ती, पिंकी देवी के बयान पर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज
भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार के भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाके गोराडीह से एक और सनसनीखेज आपराधिक मामला सामने आया है। गोराडीह थाना क्षेत्र के एक गांव में आपसी विवाद और पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि मामला खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसे आनन-फानन में स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (मायागंज अस्पताल) में भर्ती कराया गया है। घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष की ओर से गोराडीह थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला? (आपसी विवाद से बढ़ा तनाव)
स्थानीय सूत्रों और पुलिस को दिए गए आवेदन के मुताबिक, गोराडीह गांव में पिछले कुछ समय से दोनों पक्षों के बीच किसी घरेलू या आपसी बात को लेकर मनमुटाव चल रहा था:
कहासुनी से शुरू हुआ विवाद: मंगलवार की घटना से कुछ समय पहले दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हुई। देखते ही देखते यह मौखिक विवाद गाली-गलौज और हाथापाई तक जा पहुंचा।
लाठी-डंडों से लैस होकर हमला: आरोप है कि एक पक्ष के लोग उग्र हो गए और पूर्व नियोजित साजिश के तहत लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से लैस होकर दूसरे पक्ष के घर पर आ धमके। इसके बाद उन्होंने वहां जमकर तांडव मचाया और मारपीट शुरू कर दी।
बीच-बचाव के दौरान एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी
इस हिंसक झड़प के दौरान जब पीड़ित पक्ष के एक सदस्य ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उसे अपना मुख्य निशाना बना लिया:
सिर और शरीर पर आई गंभीर चोटें: मारपीट के दौरान आरोपियों ने उस व्यक्ति पर लाठी-डंडों और पत्थरों से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। उनके शरीर के कई हिस्सों और सिर पर गंभीर चोटें आईं।
मायागंज अस्पताल में चल रहा इलाज: घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने तुरंत स्थानीय पुलिस की मदद से घायल को गोराडीह अस्पताल पहुंचाया, जहां स्थिति की नजाकत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर और उच्च इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। मायागंज के ट्रॉमा सेंटर में उनका इलाज जारी है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
पिंकी देवी के बयान पर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज
इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार की सक्रियता सामने आई है, और न्याय के लिए कानूनी कदम उठाया गया है:
थाने में लिखित आवेदन: घायल व्यक्ति के परिवार की ओर से पिंकी देवी ने गोराडीह थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
कई लोगों को बनाया गया नामजद आरोपी: पिंकी देवी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में गांव के ही कई दबंग और असामाजिक तत्वों को नामजद आरोपी बनाया गया है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने न केवल उनके घर पर हमला किया, बल्कि जान से मारने की नियत से मारपीट की और घर में तोड़फोड़ भी की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और छापेमारी: गोराडीह थाना अध्यक्ष ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पिंकी देवी के आवेदन के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
गोराडीह गांव में आपसी विवाद के चलते हुई इस हिंसक घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बढ़ते तनाव और कानून व्यवस्था के प्रति लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छोटी-छोटी बातों पर इस तरह कानून अपने हाथ में लेना और खूनी संघर्ष पर उतर आना समाज के लिए बेहद घातक है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कानूनी कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में इस तरह की वारदातों की पुनरावृत्ति न हो सके और क्षेत्र में अमन-चैन कायम रहे।