सबौर में मुहर्रम का जुलूस: एनएच 80 पर उमड़ी भीड़, घंटों लगा रहा जाम
सबौर (भागलपुर): शुक्रवार को मुहर्रम के अवसर पर सबौर हाईस्कूल चौक के निकट एनएच 80 पर भारी भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की शहादत की याद में निकाले गए ताजिया जुलूस के दौरान मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जुलूस और यातायात का दबाव
मुहर्रम की 10वीं तारीख पर सबौर के विभिन्न क्षेत्रों से ताजिया जुलूस निकाले गए थे, जो निर्धारित रूट से होते हुए गुजर रहे थे। जैसे ही ये जुलूस सबौर हाईस्कूल चौक के पास एनएच 80 पर पहुंचे, वहां अकीदतमंदों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस दौरान एनएच 80 पर भारी मालवाहक वाहनों और ट्रकों का आवागमन जारी रहने के कारण स्थिति और भी जटिल हो गई।
भीड़ और भारी वाहनों के एक साथ सड़क पर होने से मार्ग का अधिकांश हिस्सा बाधित हो गया। देखते ही देखते सबौर से भागलपुर और कहलगांव की ओर जाने वाली गाड़ियों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात कई घंटों तक जाम रहा।
यात्री और स्थानीय लोग परेशान
इस भीषण गर्मी और जाम के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बस में सवार यात्रियों, स्कूली छात्रों और अपने गंतव्य तक जाने वाले आम लोगों को हुई। घंटों तक जाम में फंसे रहने के कारण लोग अपने जरूरी कामों के लिए समय पर नहीं पहुंच सके। सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और वाहनों के हॉर्न की आवाज से इलाका गूंजता रहा।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और मशक्कत
जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई। सबौर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। पुलिस को वाहनों के आवागमन को सुचारू करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने भारी वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजने का प्रयास किया, ताकि मुख्य मार्ग पर दबाव कम हो सके। हालांकि, भीड़ की अधिकता के कारण यातायात को सामान्य होने में लंबा समय लगा।
सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ जुलूस
भले ही यातायात बाधित हुआ, लेकिन मुहर्रम का जुलूस पूरी श्रद्धा और शांति के साथ संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल युवाओं ने पारंपरिक हथियारों के साथ अखाड़ा प्रदर्शन किया और 'या हुसैन' की सदाएं बुलंद कीं। पुलिस की निगरानी में ताजिया जुलूस इमामबाड़ा से निर्धारित रूटों पर आगे बढ़ता रहा और अंत में कर्बला पहुंचकर संपन्न हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुहर्रम के दौरान एनएच जैसे व्यस्त मार्गों पर इस प्रकार का दबाव अक्सर देखने को मिलता है, जिसके लिए पहले से अधिक प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन प्लान की आवश्यकता होती है। प्रशासन ने जुलूस के समापन के बाद देर शाम तक यातायात को पूरी तरह सामान्य करने का दावा किया है।