बारिश और जलजमाव के बीच सड़कों पर फैला कीचड़, दुकानदारों और ग्राहकों का चलना हुआ मुहाल
भागलपुर (संवाद सूत्र): रेशम नगरी भागलपुर के मुख्य व्यावसायिक केंद्र और ऐतिहासिक बाजारों की स्थिति इन दिनों प्रशासनिक उदासीनता और लचर सफाई व्यवस्था के कारण बद से बदतर हो गई है। हाल ही में हुई बारिश के बाद शहर के व्यस्ततम इलाके माने जाने वाले मुख्य मंडी (Main Mandi) और हड़िया पट्टी (Hadiya Patti) की सड़कों का हाल पूरी तरह बेहाल हो चुका है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने और सड़कों पर बिखरे कचरे के कारण पूरी सड़क पर कीचड़ का साम्राज्य फैल गया है। स्थिति इतनी नारकीय हो चुकी है कि यहाँ से पैदल गुजरना भी दूभर हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और दूर-दराज से आने वाले ग्राहकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश और कचरे ने मिलकर बनाई नरकीय स्थिति
मुख्य मंडी और हड़िया पट्टी भागलपुर के सबसे पुराने और प्रमुख व्यापारिक अड्डों में गिने जाते हैं, जहाँ रोजाना हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना होता है:
सड़कों पर पसरा कीचड़ और कीचड़युक्त पानी: बारिश के दौरान नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल जाता है, जो स्थानीय बाजारों में बिखरे कचरे और पॉलिथीन के साथ मिलकर गाढ़े कीचड़ में तब्दील हो जाता है।
दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों का खतरा: सड़कों पर जमा गंदा पानी और कचरे के सड़ने से उठने वाली भीषण दुर्गंध ने जीना मुहाल कर दिया है। मक्खी-मच्छरों के प्रकोप के कारण टायफाइड, डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।
व्यापारी संजीव कुमार का दर्द: "व्यापार हुआ ठप, ग्राहकों का आना हुआ बंद"
इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित स्थानीय दुकानदार और व्यापारी हैं। हड़िया पट्टी के प्रमुख दुकानदार संजीव कुमार ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि इस नारकीय स्थिति के कारण उनका व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो गया है:
ग्राहकों की घटती संख्या: संजीव कुमार ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा, "सड़कों पर फैले इस भयंकर कीचड़ और गंदगी के कारण कोई भी ग्राहक हमारी दुकानों तक आने का जोखिम नहीं उठाना चाहता। जो लोग रोजाना खरीदारी के लिए आते थे, उन्होंने इस रास्ते से आना ही बंद कर दिया है। इसके चलते हमारे रोजमर्रा के व्यापार पर सीधा असर पड़ा है और दुकानें सूनी पड़ी रहती हैं।"
नगर निगम की उदासीनता: उन्होंने आगे कहा कि कई बार स्थानीय दुकानदारों ने मिलकर नगर निगम प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन विडंबना यह है कि शिकायतों के बावजूद धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। न तो नियमित रूप से सफाई होती है और न ही जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की जा रही है।
महिला खरीदारों और बुजुर्गों के लिए बढ़ी मुश्किलें
मुख्य मंडी और हड़िया पट्टी मुख्य रूप से दैनिक उपभोग की वस्तुओं, किराना और थोक व्यापार का केंद्र है, जहाँ बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं:
फिसलन भरे रास्ते और दुर्घटनाएं: कीचड़ से सनी सड़कों पर पैदल चलना किसी खतरे से खाली नहीं है। कई बार बुजुर्ग और महिलाएं फिसलकर चोटिल हो चुके हैं।
वाहन चालकों की परेशानी: दोपहिया और चारित्रिक वाहन चालकों के लिए भी इस मार्ग से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। कीचड़ के कारण गाड़ियाँ फिसल रही हैं, जिससे अक्सर जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।
व्यापारी संघ की चेतावनी और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के स्थानीय व्यापारी संघों और प्रबुद्ध नागरिकों में आक्रोश पनपने लगा है:
आंदोलन की चेतावनी: व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन ने जल्द से जल्द इस मुख्य मार्ग की साफ-सफाई और जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
तत्काल सफाई अभियान की जरूरत: दुकानदारों की मांग है कि बारिश के पानी की निकासी के लिए तुरंत पंप सेट लगाए जाएं और सड़क पर जमे कचरे तथा कीचड़ को हटाने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
भागलपुर की मुख्य मंडी और हड़िया पट्टी की सड़कों पर फैला कीचड़ और बदहाली सिर्फ एक सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि यह शहर के शहरी प्रबंधन और नगर निगम की कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान है। संजीव कुमार जैसे स्थानीय दुकानदारों की यह पीड़ा शहर के हर उस व्यापारी की आवाज है जो इस व्यवस्था से जूझ रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने इस और ध्यान नहीं दिया, तो ऐतिहासिक बाजारों की चमक फीकी पड़ जाएगी और व्यापारियों का आर्थिक नुकसान असहनीय हो जाएगा। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और नगर निगम इस गंभीर समस्या पर कब तक सुधि लेते हैं और जनता को राहत पहुंचाते हैं।