सिंहवाड़ा में मातम: नदी में डूबने से 17 वर्षीय छात्र की मौत, 20 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मिला शव

सिंहवाड़ा: दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड अंतर्गत अरई गाँव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। 17 वर्षीय छात्र अहमद रेजा की नदी में डूबने से असामयिक मौत हो गई। किशोर के निधन की खबर मिलते ही उसके परिजनों में कोहराम मच गया और गाँव में सन्नाटा पसर गया। 20 घंटे की लंबी खोजबीन के बाद गोताखोरों और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम ने छात्र का शव बरामद किया।

घटना का विवरण: एक पल की चूक और सब खत्म

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना बीते 3 जुलाई की है। अहमद रेजा, जो अपनी पढ़ाई के साथ-साथ परिवार का भी लाडला था, सुबह के समय शौच के लिए पास की नदी के किनारे गया था। किनारे की मिट्टी गीली और फिसलन भरी थी, जिससे अचानक उसका पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने के कारण वह गहरे पानी में जा गिरा।

आस-पास मौजूद लोगों ने उसे डूबते हुए देखा और शोर मचाया, लेकिन जब तक ग्रामीण वहां मदद के लिए पहुँचते, अहमद गहरे पानी की गहराई में ओझल हो चुका था।

20 घंटे चला 'रेस्क्यू ऑपरेशन'

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ नदी किनारे जमा हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। प्रशासन को तुरंत सूचित किया गया, जिसके बाद स्थानीय गोताखोरों को खोजबीन के लिए लगाया गया। रात का अंधेरा और नदी की तेज धारा बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा बनी।

अगली सुबह स्थिति की गंभीरता को देखते हुए NDRF की विशेष टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया। एनडीआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से नदी के चप्पे-चप्पे को खंगाला। आखिरकार, घटना के करीब 20 घंटे बाद, रेस्क्यू टीम को अहमद का शव बरामद करने में सफलता मिली।

परिजनों का आंसुओं का सैलाब

शव मिलते ही नदी तट पर मौजूद सैकड़ों लोगों की आँखें नम हो गईं। अहमद की माता और पिता का विलाप देखकर उपस्थित हर व्यक्ति भावुक हो उठा। परिजनों ने बताया कि अहमद बेहद होनहार था और उसने सपने देख रखे थे। परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए शव को स्वीकार कर लिया है, लेकिन इस क्षति से वे पूरी तरह टूट चुके हैं।

प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता

घटना के दौरान सिंहवाड़ा प्रखंड प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीम लगातार घटनास्थल पर मौजूद रही। अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष ने परिजनों को ढांढस बंधाया और सरकारी नियमों के तहत मिलने वाली 'आपदा राहत राशि' (मुआवजा) की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया।

अरई गाँव में पसरा मातम

अहमद रेजा की मौत ने अरई गाँव को गहरा आघात दिया है। गाँव के बुजुर्गों का कहना है कि अहमद मिलनसार और मृदुभाषी स्वभाव का था। उसकी मौत ने न केवल एक परिवार को उजड़ दिया, बल्कि गाँव के युवाओं के बीच एक खालीपन छोड़ दिया है।

बचाव के लिए प्रशासन का अलर्ट

इस दुखद घटना ने नदी किनारे रहने वाले निवासियों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बरसात के इस मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ना और किनारों का फिसलन भरा होना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाते समय विशेष सावधानी बरतें और बच्चों को पानी के पास अकेला न जाने दें।

एक 17 वर्षीय किशोर की जान जाना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह एक अधूरी उम्मीद का भी अंत है। अहमद रेजा का चला जाना समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। फिलहाल, परिवार सदमे में है और गमगीन माहौल के बीच उसका अंतिम संस्कार संपन्न किया जा रहा है।