डीएमसीएच के ऑर्थो विभाग को मिले नए प्रमुख: डॉ. रामाशीष यादव ने संभाली कमान, स्वास्थ्य सेवाओं में नई गति की उम्मीद
दरभंगा: दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) के हड्डी रोग विभाग (ऑर्थोपेडिक विभाग) में शनिवार का दिन एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिवर्तन का साक्षी बना। अनुभवी चिकित्सक डॉ. रामाशीष यादव ने आधिकारिक रूप से विभाग के नए विभागाध्यक्ष (HOD) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. गोविंद मोहन के स्थानांतरण के बाद रिक्त हुए इस महत्वपूर्ण पद पर डॉ. यादव की नियुक्ति को अस्पताल प्रशासन और मेडिकल जगत में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
पदभार ग्रहण और अभिनंदन
शनिवार सुबह जब डॉ. रामाशीष यादव ने विभाग के कार्यालय में पहुंचकर अपना कार्यभार संभाला, तो अस्पताल के अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों, रेजीडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। फूल-मालाओं और शुभकामनाओं के बीच, डॉ. यादव ने जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
पदभार संभालने के बाद, डॉ. यादव ने विभाग के विभिन्न वार्डों का दौरा किया और वहां भर्ती मरीजों का हाल-चाल जाना। उन्होंने अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
डॉ. रामाशीष यादव: एक कुशल चिकित्सक और प्रशासक
डॉ. रामाशीष यादव केवल एक सर्जन ही नहीं, बल्कि ऑर्थोपेडिक्स के क्षेत्र में दशकों का अनुभव रखने वाले एक कुशल प्रशासक भी हैं। उनकी कार्यशैली मरीजों के प्रति सहानुभूति और चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के प्रयोग के लिए जानी जाती है। डीएमसीएच जैसे बड़े संस्थान में विभागाध्यक्ष का दायित्व संभालना उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने जटिल से जटिल हड्डी रोगों के सफल उपचार और विभाग के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके सहयोगियों का मानना है कि उनकी पदोन्नति से विभाग की कार्यक्षमता में और अधिक वृद्धि होगी।
पूर्व प्रमुख डॉ. गोविंद मोहन का योगदान
इस अवसर पर निवर्तमान विभागाध्यक्ष डॉ. गोविंद मोहन के योगदान को भी याद किया गया। डॉ. मोहन के स्थानांतरण के बाद, विभाग के सामने नई चुनौतियों का सामना करने के लिए एक अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता थी। डॉ. गोविंद मोहन का कार्यकाल कई मायनों में चुनौतीपूर्ण रहा, जिसमें उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारू रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विभाग की प्राथमिकताएं: नए HOD का विजन
पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. रामाशीष यादव ने अपनी प्राथमिकताओं का खाका खींचा:
मरीजों को त्वरित उपचार: डॉ. यादव ने कहा कि उनका पहला उद्देश्य ओपीडी (OPD) से लेकर ऑपरेशन थिएटर तक मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक तेज और सुलभ बनाना है।
आधुनिक उपकरणों का उपयोग: ऑर्थो विभाग में अत्याधुनिक सर्जरी तकनीकों और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना उनकी सूची में सबसे ऊपर है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए महानगरों की ओर न भागना पड़े।
शिक्षण और शोध: डीएमसीएच एक शिक्षण संस्थान भी है, इसलिए उन्होंने रेजीडेंट डॉक्टरों के प्रशिक्षण और हड्डी रोग से संबंधित शोध कार्यों को बढ़ावा देने की बात कही।
साफ-सफाई और अनुशासन: अस्पताल परिसर और वार्डों में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
DMCH के लिए महत्व
दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल केवल दरभंगा का ही नहीं, बल्कि पूरे मिथिलांचल और उत्तर बिहार के लाखों लोगों के लिए जीवन रक्षक केंद्र है। ऑर्थोपेडिक विभाग में दुर्घटनाओं के शिकार मरीजों की बड़ी संख्या आती है। ऐसे में, विभाग का नेतृत्व कुशल हाथों में होना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. रामाशीष यादव की नियुक्ति से विभाग में अनुशासन और इलाज की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य जगत में खुशी
डॉ. यादव की इस नई जिम्मेदारी पर अस्पताल के अन्य विभागों के चिकित्सकों ने भी उन्हें बधाई दी है। मेडिकल छात्रों का कहना है कि डॉ. यादव के मार्गदर्शन में उन्हें ऑर्थोपेडिक्स के जटिल विषयों को सीखने में और अधिक स्पष्टता मिलेगी।
डॉ. रामाशीष यादव का पदभार संभालना डीएमसीएच के लिए एक नई ऊर्जा का संचार है। हड्डी रोग के मरीजों को अब उम्मीद है कि उन्हें और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त होंगी। विभाग में नए नेतृत्व के साथ, संस्थान अपने पुराने गौरव को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाने की दिशा में अग्रसर है।