जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मासिक समीक्षा बैठक, योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने का सख्त निर्देश
सहरसा: सहरसा के समाहरणालय स्थित सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 'विकास एवं जन कल्याण योजनाओं' की मासिक समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं की धरातल पर स्थिति की समीक्षा करना, लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना और प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता लाना था।
बैठक का मुख्य एजेंडा: जवाबदेही और समयबद्धता
जिलाधिकारी ने बैठक की शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया कि विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही जिले की प्रगति का पैमाना है। बैठक के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई:
समयबद्ध क्रियान्वयन: सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को उनके निर्धारित समय-सीमा (Deadline) के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
लंबित मामलों का निष्पादन: विभिन्न विभागों में वर्षों से लंबित फाइलों की समीक्षा की गई और उन्हें तत्काल निस्तारित करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
फीडबैक प्रणाली: आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता की जांच के लिए क्रॉस-वेरिफिकेशन (Cross-verification) की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।
प्राथमिकता वाली योजनाएं: शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने तीन मुख्य स्तंभों—शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क संपर्क—पर विशेष बल दिया।
स्वास्थ्य सेवाएं: जिले के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा हुई।
शिक्षा: स्कूलों में 'मिशन दक्ष' और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों के तहत बच्चों के अधिगम स्तर (Learning Level) की समीक्षा की गई। शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया।
सड़क और कनेक्टिविटी: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़कों की गुणवत्ता की कड़ी निगरानी करने के लिए कनीय अभियंताओं को जवाबदेह ठहराया गया।
जन कल्याणकारी योजनाएं: समाज के अंतिम पायदान तक पहुँचे लाभ
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहकर समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।
आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण) के तहत लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन: वृद्धजनों और दिव्यांगों को समय पर पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को सख्त हिदायत दी गई।
जल-जीवन-हरियाली: जिले के तालाबों के जीर्णोद्धार और वृक्षारोपण अभियान को गति देने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया।
'जीरो टॉलरेंस' नीति: भ्रष्टाचार पर प्रहार
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्देश यह दिया गया कि किसी भी कार्यालय में यदि बिचौलियों की सक्रियता पाई जाती है, तो उस कार्यालय के विभागाध्यक्ष को सीधे उत्तरदायी माना जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त बनाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे किसी भी कार्य के लिए बिचौलियों के चक्कर में न पड़ें और सीधे सरकारी कार्यालयों में संपर्क करें।
अधिकारियों को सख्त चेतावनी
समीक्षा के दौरान कई विभागों की सुस्त गति पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताया। विशेष रूप से जल निकासी, भूमि विवाद के मामलों में प्रगति न होने पर नाराजगी व्यक्त की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगली बैठक तक सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
जनता में उम्मीद: सुशासन की दिशा में एक कदम
सहरसा प्रशासन की यह मासिक समीक्षा बैठक इस बात का संकेत है कि जिले में प्रशासन 'सुशासन' को लेकर गंभीर है। जिलाधिकारी की कार्यशैली ने न केवल अधिकारियों के बीच एक अनुशासन पैदा किया है, बल्कि आम लोगों में भी यह विश्वास जगाया है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब प्राथमिकता के आधार पर होगा।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि "सहरसा को विकसित और समृद्ध बनाना हमारी साझा जिम्मेदारी है। हमें संवेदनशीलता के साथ जनता की समस्याओं को सुनना होगा और तत्परता के साथ उनका समाधान करना होगा।"
आगामी महीनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन का असर धरातल पर देखने को मिलेगा। जिले के चहुंमुखी विकास के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध दिख रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि बैठक में लिए गए निर्णयों का क्रियान्वयन कितनी तेजी से होता है।