बिहार में मानसून मेहरबान, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; पटना में हल्की बारिश की संभावना
पटना: बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को राजधानी पटना में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और बांका सहित सीमांचल एवं पूर्वी बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और मानसूनी ट्रफ के बिहार के ऊपर सक्रिय रहने के कारण राज्य में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। अगले कुछ दिनों तक अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। विशेष रूप से सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में अधिक बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
पूर्णिया में 24 और 26 जुलाई को भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने पूर्णिया जिले के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 24 जुलाई और 26 जुलाई को जिले में भारी बारिश हो सकती है। लगातार वर्षा से निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। जिला प्रशासन को भी सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया गया है।
पूर्णिया के अलावा अररिया, किशनगंज और कटिहार में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में कई नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
पटना में राहत भरी बारिश
राजधानी पटना में पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी। मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार को हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में बूंदाबांदी की संभावना है।
हालांकि भारी बारिश की संभावना राजधानी में कम है, लेकिन कुछ इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। नगर निगम ने जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं ताकि बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या कम हो।
किसानों के लिए राहत
राज्य में हो रही अच्छी बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान की रोपाई का कार्य तेजी से चल रहा है और खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से कृषि कार्य को गति मिली है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में इसी तरह संतुलित बारिश होती रही तो खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है।
हालांकि अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में किसानों को खेतों की जल निकासी पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है ताकि फसल को नुकसान न पहुंचे।
नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
लगातार बारिश के कारण कोसी, महानंदा, गंडक और अन्य नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की जा रही है। जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जिन जिलों में बाढ़ की आशंका अधिक है, वहां प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
येलो अलर्ट का क्या मतलब?
मौसम विभाग द्वारा जारी येलो अलर्ट का अर्थ है कि मौसम खराब हो सकता है और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। भारी बारिश, तेज हवा, बिजली गिरने या जलभराव जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है।
बिजली गिरने का भी खतरा
बारिश के साथ कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में रहने या बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड में
संभावित भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन, नगर निकाय, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग को अलर्ट पर रखा है। जलभराव वाले इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है और आवश्यक उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं बाढ़ या जलजमाव की स्थिति बनती है तो तत्काल राहत कार्य शुरू किया जाएगा।
अगले कुछ दिनों का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक बिहार में मानसून सक्रिय रहेगा। अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि सीमांचल, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी बिहार के कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है। तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की वर्तमान स्थिति कृषि के लिए अनुकूल है, लेकिन लगातार भारी बारिश वाले इलाकों में प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखना और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी के लिए आवश्यक होगा।