बीबीगंज एनएच पर रविवार मध्य रात्रि हाइवा और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर, केबिन में फंसे गंभीर रूप से घायल चालक को स्थानीय लोगों और पुलिस ने घंटों मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाही को झकझोर देने वाली बड़ी घटना सामने आई है। जिला अंतर्गत आने वाले संवेदनशील और व्यस्त माने जाने वाले बीबीगंज एनएच (राष्ट्रीय राजमार्ग) पर रविवार की मध्य रात्रि (देर रात) एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार का कहर इस कदर बरपा कि आमने-सामने से आ रहे एक हाइवा और एक ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हाइवा का अगला हिस्सा बुरी तरह से परखच्चे उड़ गए और उसका चालक गंभीर रूप से घायल होकर गाड़ी के पिचक चुके केबिन के अंदर ही फंस गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और भारी अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद सतर्क स्थानीय लोगों और मुजफ्फरपुर पुलिस की तत्परता से एक बड़ा जीवन बचा लिया गया, जिन्होंने घंटों कड़ी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला।

दुर्घटना का घटनाक्रम: कैसे हुई हाइवा और ट्रक की टक्कर?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात जब पूरा शहर गहरी नींद में था, तब बीबीगंज एनएच पर वाहनों की रफ्तार काफी तेज थी।

आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत: हाइवा और ट्रक दोनों ही वाहन अपनी-अपनी दिशा से तेज गति में आ रहे थे। बीबीगंज के पास नेशनल हाईवे पर अचानक संतुलन बिगड़ने या किसी अन्य वाहन को ओवरटेक करने के प्रयास में दोनों भारी वाहनों की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के स्थानीय लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए।

हाइवा के उड़े परखच्चे: इस भयानक टक्कर में हाइवा का अगला हिस्सा (केबिन वाला भाग) ट्रक से टकराकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हाइवा का केबिन अंदर की तरफ पूरी तरह पिचक गया, जिससे उसमें सवार चालक बुरी तरह से फंस गया और बाहर निकलने में असमर्थ हो गया।

केबिन में फंसा चालक और मची अफरा-तफरी

दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने देखा कि हाइवा के चालक केबिन के भीतर ही बुरी तरह से जख्मी हालत में फंसे हुए हैं और दर्द से करााह रहे हैं।

चालक की जान पर बनी आफत: वाहन का लोहे का हिस्सा मुड़कर चालक के शरीर के चारों ओर कस गया था, जिससे उसका बाहर निकलना असंभव सा हो गया था। वाहन के भीतर से चालक की बचाओ-बचाओ की आवाजें आ रही थीं, जिसे सुनकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।

यातायात पूरी तरह बाधित: इस भीषण दुर्घटना के कारण एनएच पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई और भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। रात के समय सड़क के बीचों-बीच भारी वाहन फंसे होने के कारण आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।

स्थानीय लोगों और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन: बची जान

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई और भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई।

साहसिक बचाव अभियान: पुलिस के पहुंचते ही स्थानीय युवाओं और पुलिसकर्मियों ने मिलकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लोहे के कटर और अन्य औजारों की मदद से पिचक चुके केबिन को किसी तरह काटने और फैलाने का प्रयास किया गया ताकि चालक को सुरक्षित निकाला जा सके।

घायल चालक को अस्पताल में भर्ती: लगभग एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने संयुक्त प्रयास से हाइवा चालक को सुरक्षित रूप से केबिन से बाहर निकाल लिया। चालक गंभीर रूप से घायल था, इसलिए पुलिस ने बिना देर किए उसे तुरंत इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के नजदीकी एसकेएमसीएच या सदर अस्पताल (या स्थानीय अस्पताल) में भर्ती कराया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है लेकिन डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है।

सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल और पुलिस की कार्रवाई

इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात्रि के समय होने वाली तेज रफ्तार और भारी वाहनों के बेपरवाह परिचालन की पोल खोल दी है।

प्रशासनिक कदम: पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों भारी वाहनों (हाइवा और ट्रक) को क्रेन की मदद से सड़क के बीच से हटाकर थाने भिजवा दिया है, जिससे एनएच पर सुचारू रूप से यातायात बहाल किया जा सके।

जांच जारी: पुलिस ने इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह दुर्घटना किसकी लापरवाही के कारण हुई थी।

मुजफ्फरपुर के बीबीगंज एनएच पर हुई इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि समय पर यदि स्थानीय लोग और पुलिस मदद के लिए आगे न आते, तो चालक की जान भी जा सकती थी। इस प्रकार की घटनाओं से वाहन चालकों को सबक लेने की जरूरत है कि वे रात के समय भी गति सीमा का ध्यान रखें।