भागलपुर में सुरक्षा और सुविधाओं का महाअभियान, सीसीटीवी कैमरों से होगी हर गतिविधि पर नजर
भागलपुर: आगामी श्रावणी मेला को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बाबा भोलेनाथ के भक्तों और कांवरियों की सुरक्षा एवं सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार मेला क्षेत्र में सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाने का निर्णय लिया गया है।
सीसीटीवी कैमरों से 'हाई-टेक' निगरानी
मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पूरे रास्ते और गंगा घाटों के प्रमुख बिंदुओं पर उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिला प्रशासन के अनुसार, इन कैमरों का सीधा जुड़ाव एक कंट्रोल रूम से होगा, जहां से पुलिस अधिकारी लगातार निगरानी करेंगे। इसके माध्यम से किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी और भीड़ को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलेगी।
बैरिकेडिंग और यातायात का सुचारू प्रबंधन
श्रद्धालुओं की कतारों को सुव्यवस्थित रखने के लिए मेला मार्ग और घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है। इससे भगदड़ जैसी स्थितियों से बचा जा सकेगा। साथ ही, वाहनों के लिए अलग से पार्किंग क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं, ताकि मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या उत्पन्न न हो। पिछले वर्षों के अनुभवों से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार कांवरियों के लिए समर्पित 'रेड कार्पेट' बिछाने की योजना भी बनाई है, जिससे नंगे पांव चलने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
पेयजल, रोशनी और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
मेला परिसर और गंगा घाटों तक आने वाले रास्तों पर रौशनी के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे, ताकि रात के समय भी कांवरियों को आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके साथ ही, कांवरियों के लिए पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था, अस्थायी शौचालय और स्वच्छता के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती की जाएगी। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) को घाटों और रास्तों पर पेयजल के पर्याप्त स्रोतों को क्रियाशील करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को यह हिदायत दी गई है कि मेला शुरू होने से पहले ही सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद, सुलभ और सुरक्षित बनाना है। भागलपुर में श्रावण के महीने में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने इस बार व्यापक कार्ययोजना तैयार की है, जिससे न केवल सुरक्षा बल्कि स्वच्छता और सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जा सके।