विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में स्वच्छता और महिला सुरक्षा का महाअभियान; गंगा घाटों और संपर्क मार्गों पर 24 घंटे सफाई मित्रों की तैनाती, महिलाओं के लिए बनाए गए विशेष अत्याधुनिक शौचालय और चेंजिंग रूम

भागलपुर, विशेष संवाददाता: देवघर और सुल्तानगंज के बीच चलने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान इस बार भागलपुर जिला प्रशासन और नगर निगम ने स्वच्छता, श्रद्धालुओं की सुविधा और महिला सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व तैयारियां की हैं। मेला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख गंगा घाटों, उत्तरवाहिनी तटों और कांवरियों के आने-जाने वाले संपर्क मार्गों पर साफ-सफाई की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए 24 घंटे के निरंतर रोस्टर पर विशेष सफाई कर्मियों (सफाई मित्रों) की तैनाती की गई है। इसके साथ ही, मेले में देश-विदेश से आने वाली लाखों महिला शिवभक्तों की सुविधा और निजता का विशेष ख्याल रखते हुए बड़ी संख्या में आधुनिक और स्वच्छ सुविधाओं का सृजन किया गया है, जिसकी चौतरफा सराहना हो रही है।

24 घंटे की थ्री-लेयर सफाई व्यवस्था: घाटों से लेकर संपर्क मार्गों तक पहरा

श्रावणी मेले के दौरान लाखों की संख्या में उमड़ने वाली भीड़ के कारण कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। इस चुनौती से पार पाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है:

रोस्टर आधारित तैनाती: उत्तरवाहिनी गंगा तट, अजगैवीनाथ धाम के आसपास के घाटों और सुल्तानगंज से गुजरने वाले मुख्य संपर्क मार्गों पर सफाई कर्मियों को तीन अलग-अलग पालियों (Shifts) में 24 घंटे तैनात किया गया है, ताकि हर समय क्षेत्र पूरी तरह साफ-सुथरा बना रहे।

निरंतर सैनिटाइजेशन और एंटी-लार्वा छिड़काव: कांवरिया पथ और ठहराव स्थलों पर गंदगी के कारण किसी भी प्रकार की बीमारी या संक्रमण के खतरे को टालने के लिए नगर निगम की टीमों द्वारा नियमित अंतराल पर सैनिटाइजेशन और एंटी-लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है।

मोबाइल टॉयलेट और कूड़ेदान: पूरे मार्ग पर जगह-जगह बड़े डस्टबिन लगाए गए हैं और मोबाइल कचरा गाड़ियां लगातार फेरे लगा रही हैं, ताकि कचरा सड़क पर न फैलकर तुरंत ठिकाने लगाया जा सके।

महिलाओं के लिए विशेष इंतजाम: 720 अत्याधुनिक शौचालय और चेंजिंग रूम

मेले के दौरान सबसे बड़ी समस्या महिला श्रद्धालुओं को होती थी, जिसे इस बार प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर दूर किया है:

720 अत्याधुनिक शौचालयों का निर्माण: महिला कांवरियों और यात्रियों की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में विशेष रूप से 720 अत्याधुनिक और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था की गई है, जिनमें महिलाओं के लिए पूरी तरह से अलग, सुरक्षित और संटाइज्ड इकाइयां निर्धारित की गई हैं।

स्नान घाटों पर चेंजिंग रूम: उत्तरवाहिनी गंगा में पवित्र डुबकी लगाने के बाद कपड़े बदलने में महिलाओं को होने वाली असहजता को खत्म करने के लिए स्नान घाटों के समीप ही विशेष और सुरक्षित चेंजिंग रूम (परिवर्तन कक्ष) बनाए गए हैं, जहां पर्याप्त रोशनी और पानी की मु मुकम्मल व्यवस्था की गई है।

प्रशासनिक निगरानी और नियंत्रण कक्ष (Control Room)

इन तमाम व्यवस्थाओं की धरातल पर मॉनिटरिंग के लिए जिला प्रशासन ने विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है:

सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी: साफ-सफाई और भीड़ प्रबंधन में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए, इसके लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए पल-पल की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति: स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल पदाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।

भागलपुर के सुल्तानगंज से शुरू होने वाले इस पावन श्रावणी मेले में इस बार स्वच्छता और महिला सुविधाओं को लेकर प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम बेहद सराहनीय हैं। 24 घंटे तैनात सफाई कर्मियों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए अत्याधुनिक शौचालयों व चेंजिंग रूम जैसी सुविधाओं से न केवल कांवरियों की यात्रा सुगम होगी, बल्कि एक स्वच्छ और सुंदर मेला परिसर की एक मिसाल भी कायम होगी।