भागलपुर और बांका में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस मुख्यालय ने भेजे अतिरिक्त डीएसपी, अधिकारी और हजारों जवान

भागलपुर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। कांवड़ियों की लगातार बढ़ती संख्या और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भागलपुर और बांका जिलों के लिए बड़ी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस मुख्यालय के इस फैसले के बाद दोनों जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।

जानकारी के अनुसार, भागलपुर रेंज के आईजी विवेक कुमार के अनुरोध पर पुलिस मुख्यालय ने भागलपुर जिले के लिए छह डीएसपी, 60 पुलिस अधिकारी तथा 1,500 अतिरिक्त जवान उपलब्ध कराए हैं। वहीं, बांका जिले में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए छह डीएसपी, 150 पुलिस अधिकारी और 1,800 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं।

गंगा घाटों और कांवरिया मार्गों पर विशेष सुरक्षा

श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक पैदल यात्रा करते हैं। इस यात्रा के दौरान भागलपुर और बांका जिले के कई मार्गों से होकर कांवड़ियों का आवागमन होता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सभी प्रमुख गंगा घाटों, कांवरिया पथ, विश्राम स्थलों, चिकित्सा शिविरों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और बांका सीमा तक के संवेदनशील स्थानों पर की जाएगी। इन स्थानों पर पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की भी लगातार निगरानी रहेगी।

एसएसपी को दिए गए विशेष निर्देश

पुलिस मुख्यालय ने भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव को निर्देश दिया है कि सभी अतिरिक्त बलों की तैनाती सुनियोजित ढंग से की जाए ताकि मेले के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।

इसके अलावा सभी डीएसपी और पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार गश्त करने, भीड़ की निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

बांका में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत

श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बांका जिले के विभिन्न मार्गों से भी गुजरते हैं। इसे देखते हुए बांका जिले के लिए भी व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की गई है।

पुलिस मुख्यालय ने बांका के लिए छह डीएसपी, 150 पुलिस अधिकारी (इंस्पेक्टर, अवर निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक और हवलदार) तथा 1,800 अतिरिक्त पुलिस जवान उपलब्ध कराए हैं।

इनकी तैनाती कांवरिया मार्ग, प्रमुख चौराहों, विश्राम स्थलों, पार्किंग क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचा जा सके।

यातायात व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस

श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के कारण सड़क यातायात पर भारी दबाव रहता है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त टीमें भी तैनात की जाएंगी।

प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग, डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था और वाहनों की आवाजाही के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए जाएंगे। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष कॉरिडोर भी बनाए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

तकनीक की मदद से निगरानी

पुलिस प्रशासन आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग करेगा। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, कंट्रोल रूम और वायरलेस संचार प्रणाली के माध्यम से पूरे मेले की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

इसके अलावा भीड़ प्रबंधन के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि किसी भी स्थान पर अधिक भीड़ होने पर तुरंत अतिरिक्त बल भेजा जा सके।

श्रद्धालुओं की सुविधा भी प्राथमिकता

सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कांवरिया मार्गों पर चिकित्सा शिविर, पेयजल, शौचालय, सहायता केंद्र, खोया-पाया केंद्र और सूचना केंद्र संचालित किए जाएंगे।

पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार करें और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी पर्याप्त तैनाती की जाएगी।

अफवाहों और असामाजिक तत्वों पर नजर

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और शरारती तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। साइबर टीम को भी सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी भ्रामक सूचना का समय रहते खंडन किया जा सके।

संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।

श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

श्रद्धालुओं से यह भी कहा गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

प्रशासन का दावा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष श्रावणी मेले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल, आधुनिक निगरानी प्रणाली और बेहतर यातायात प्रबंधन के कारण श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।

अधिकारियों ने विश्वास जताया कि सभी विभागों के समन्वय से मेला शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा।

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर बिहार पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया है। भागलपुर के लिए छह डीएसपी, 60 पुलिस अधिकारी और 1,500 अतिरिक्त जवान, जबकि बांका के लिए छह डीएसपी, 150 पुलिस अधिकारी और 1,800 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। इनकी तैनाती प्रमुख गंगा घाटों, कांवरिया मार्गों, विश्राम स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और पूरे मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित तथा व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।