पटना (14 जून 2026)। राजधानी पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर रविवार (14 जून) की सुबह परीक्षार्थियों की भारी भीड़ ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया। ट्रेन में जगह न मिलने और ट्रेनों की कमी से नाराज अभ्यर्थियों ने स्टेशन परिसर में जमकर हंगामा, पथराव और तोड़फोड़ की। इस घटना से स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आम यात्रियों में दहशत फैल गई।
घटना की पूरी रिपोर्ट नीचे विस्तृत रूप से दी गई है:
घटना का मुख्य कारण: परीक्षा के बाद उमड़ी भारी भीड़
बिहार पुलिस मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा (Bihar Police Prohibition Constable Exam) में शामिल होने के लिए राज्यभर से लाखों की संख्या में छात्र पटना और आसपास के केंद्रों पर पहुंचे थे। 13 जून को परीक्षा समाप्त होने के बाद, रविवार की भोर (सुबह-सुबह) होते-होते हजारों की संख्या में परीक्षार्थी अपने घरों को लौटने के लिए पाटलिपुत्र स्टेशन पर जमा हो गए।
यात्रियों की संख्या के मुकाबले ट्रेनें बेहद कम थीं, जिससे जो भी ट्रेन आ रही थी, उसमें पैर रखने तक की जगह नहीं मिल पा रही थी।
हंगामा और तोड़फोड़ की टाइमलाइन
सुबह 4:30 बजे: स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर क्षमता से अधिक भीड़ जमा हो गई। जैसे ही एक पैसेंजर ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी, छात्र उसमें चढ़ने के लिए आपस में ही उलझने लगे।
सुबह 5:15 बजे: ट्रेन में जगह न मिलने और अधिकारियों द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था न किए जाने पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कुछ असामाजिक तत्वों ने अन्य ट्रेनों की इमरजेंसी चेन खींचकर उन्हें रोक दिया और रेलवे ट्रैक को बाधित कर दिया।
सुबह 5:45 बजे: उग्र भीड़ ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्टेशन परिसर की दुकानों, पूछताछ काउंटर (Enquiry Counter) और वेंडिंग मशीनों पर पथराव शुरू कर दिया। स्टेशन पर खड़ी कुछ गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए गए।
पुलिस की कार्रवाई और प्रशासनिक बयान
घटना की सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (GRP), रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस की भारी नफरी मौके पर पहुंची। उपद्रवियों को शांत करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा, जिसके बाद उपद्रवी तितर-बितर हुए।
पटना जिलाधिकारी (DM) का आधिकारिक बयान: "पाटलिपुत्र स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण से बाहर होने की सूचना मिली थी। कुछ उपद्रवियों ने व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाल लिया है। अब स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है और यातायात सामान्य है।"
रेलवे का फैसला: चलाई गईं विशेष ट्रेनें
हंगामे को शांत करने और छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने तुरंत कदम उठाए। दानापुर मंडल के अधिकारियों ने मुजफ्फरपुर, छपरा और बरौनी रूट के लिए दो स्पेशल मेमू (MEMU) पैसेंजर ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया। सुबह 8:30 बजे के बाद विशेष ट्रेनों के जरिए परीक्षार्थियों को गंतव्य के लिए रवाना किया गया, जिसके बाद स्टेशन पर स्थिति पूरी तरह सामान्य हो सकी।
सुरक्षा अलर्ट: रेलवे प्रशासन ने घटना की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। तोड़फोड़ और पथराव में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज की जा रही है।